जयपुर में मनचलों की तलाश में निकली 52 महिलाओं की 26 टीमें

जयपुर पुलिस ने मनचलों पर लगाम लगाने के लिए विशेष दस्ता बनाया है जिसके तहत 52 महिला पुलिसकर्मी सदस्य 26 स्कूटियों पर शहर में गश्त करेंगी और मनचलों पर कार्रवाई करेंगी।

नई दिल्ली। जयपुर में मनचलों की खैर नहीं है। अब छोटी सा गलती के चक्कर में उन्हें महिला पुलिस का डंडा खाना पड़ सकता है। जयपुर पुलिस ने मनचलों पर लगाम लगाने के लिए विशेष दस्ता बनाया है जिसके तहत 52 महिला पुलिसकर्मी सदस्य 26 स्कूटियों पर शहर में गश्त करेंगी और मनचलों पर कार्रवाई करेंगी। स्पेशल गश्ती दस्ता सूबे का पहला दस्ता है, जिसमें सभी महिला पुलिस कर्मी हैं। इन्हें स्पेशल ट्रेनिग दी गई है। गश्त के लिए महिला पुलिसकर्मियों को वायरलैस सेट के साथ स्कूटी दी गई है। इस दस्ते को महिला कॉलेज, बालिकाओं के स्कूल, मॉल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में तैनात किया गया है, जहां महिलाओं की तादाद ज्यादा रहती है। जयपुर में इस दस्ते ने एक मई से अपना काम करना शुरु कर दिया है।

 जयपुर में मनचलों की तलाश में निकली 52 महिलाओं की 26 टीमें

जयपुर में मनचलों की तलाश में निकली 52 महिलाओं की 26 टीमें

महिला दस्ते की दो पारियों में तैनाती होगी। इसके लिए आठ-आठ घंटे की ड्यूटी टाइम रखा गया है। महिला दस्ता संबंधित थानों के संपर्क के साथ सीधा पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा।जयपुर पुलिस मुख्यालय के डीसीपी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि दो-दो महिला पुलिसकर्मियों की 26 टीमें बनायी हैं जो शहर भर में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, छेड़खानी आदी को रोकने के लिए तैनात की गई हैं। गौरव श्रीवास्तव के अनुसार महिला पुलिसकर्मी दिन के अलग-अलग समय के अनुसार विभिन्न स्थानों पर तैनात की जाएंगी। सुबह के वक्त वो पार्कों के बाहर, दोपहर में स्कूलों के बाहर और शाम को मॉल और बाजारों के आसपास तैनात की जाएंगी जहां महिलाएं बड़ी संख्या में आती-जाती हैं। श्रीवास्तव ने कहा, पुलिस का मकसद है कि इस दस्ते की मौजूदगी से असमाजिक तत्व ऐसी जगहों पर आने से बचें और महिलाओं के संग अवांछित घटनाएं न हों।

200 जगहों को किया गया है चिन्हित

200 जगहों को किया गया है चिन्हित

राजस्थान पुलिस सर्विस (आरपीएस) के अधिकारी कमल शेखावत को इस दस्ते के नोडल अफसर है। शेखावत ने बताया कि जयपुर में करीब 200 ऐसी जगहों को चिह्नित किया है जहां ऐसी घटनाएं होने की ज्यादा आशंका रहती है। समय के साथ और भी जगहों को चिह्नित किया जाएगा। इस दस्ते की महिला पुलिसकर्मी सुबह सात बजे से रात ग्यारह बजे तक आठ-आठ घंटों की दो शिफ्ट में काम करेंगी।

महिला पुलिसकर्मियों के पास रहेगा स्पेशल डंडा

महिला पुलिसकर्मियों के पास रहेगा स्पेशल डंडा

पुलिस के मुताबिक जयपुर के इस विशेष दस्ते के पास हथियार नहीं रहेगा वो बस एक विशेष बैटन (डंडा) लेकर चलेंगी। वाकी-टाकी से लैस ये दस्ता स्कूटर से चलेगा और उसके पास प्राथमिक चिकित्सा बक्सा भी मौजूद रहेगा। जयपुर के पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने कहा, ये दस्ता शहर में मुक्त रूप से घूमेगा और जिसे भी जरूरत होगी उसकी मदद करेगा।स्थानीय पुलिस थाने और पुलिस कंट्रोल रूम उनकी मदद करेंगे।

यूपी की एंटी रोमियो स्कवॉड की नहीं है कॉपी

यूपी की एंटी रोमियो स्कवॉड की नहीं है कॉपी

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस दस्ते के लिए स्कूटर हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉंन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत दान किए हैं। वही राजस्थान पुलिस का कहना है कि ये मुहिम यूपी की एंटी रोमियो स्क्वॉड की कॉपी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि इसका यूपी से कोई लेना देना नहीं है। आपको बता दें यूपी योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद से एंटी रोमियो स्क्वॉड काफी एक्टिव है।

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