कृषि बिल पेश हुए तब मैं लोकसभा में होता तो शिरोमणि अकाली दल की तरह विरोध करता-बेनीवाल
नागौर। कृषि कानूनों के विरोध में एनडीए से गठबंधन तोड़ सकने तक की बात कहने वाले राजस्थान से नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एक बार बयान दिया है। बेनीवाल ने कहा है कि कृषि कानून जब पेश हुए थे तब लोकसभा मैं मौजूद नहीं था। उस समय अगर में वहां होता तो एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद मैं भी शिरोमणि अकाली दल की तरह इसका विरोध करता।

बता दें कि 30 नवंबर 2020 को आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाम को पत्र लिखकर कहा था कि केंद्र सरकार तीनों कृषि बिलों को वापस लेते हुए स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू के संबंध में निर्णय नहीं लेने की स्थिति उनकी पार्टी आरएलपी एनडीए के साथ अपने गठबंधन जारी रखने पर पुनर्विचार करेगी।
बेनीवाल के बयान पर वसुंधरा राजे खेमे के भाजपा नेता छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत, प्रहलाद गुंजल और विद्याशंकर नंदवाना आदि ने मीडिया से बातचीत की और बताया कि उन्होंने अमित शाह व जेपी नड्डा को लिखा पत्र है, जिसमें NDA से RLP का गठबंधन टूटने की धमकी पर पलटवार करते हुए कहा कि हनुमान बेनीवाल कल क्या आज ही भाजपा से संबंध तोड़ लें। भाजपा को उनकी कोई जरूरत नहीं है। किसी समय वो खुद ही भाजपा के दरवाजे पर आए थे।












Click it and Unblock the Notifications