Gujarat Assembly Election 2022: गुजरात चुनाव परिणाम पर गहलोत को क्लीनचिट, इन नेताओं पर गिर सकती है गाज
गुजरात के चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने अशोक गहलोत को क्लीनचिट दे दी है। पार्टी का मानना है गहलोत का काम ठीक था। पार्टी अब प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के कामों की समीक्षा करेगी।
Gujarat Assembly Election 2022: गुजरात चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर पार्टी हाईकमान गंभीर है। पार्टी ने माना है कि गुजरात चुनाव के दौरान उठाए गए मुद्दे सही थे। पार्टी इसे आगे भी उठाती रहेगी। हालांकि पार्टी का वोट प्रतिशत कम होना चिंता का विषय है। इस बाबत व्यापक चिंतन किया जाएगा। जिसमें प्रदेश प्रभारी, कोर्डिनेटर, प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता द्वारा बनाई गई रणनीति की समीक्षा की जाएगी। जहां तक वरिष्ठ पर्यवेक्षक सीएम अशोक गहलोत की भूमिका की बात है। उनके कामों में किसी तरह की कमी नहीं पाई गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान गुजरात चुनाव परिणाम को गंभीरता से ले रहा है।

गुजरात चुनाव परिणाम पर मंथन करेगी कांग्रेस
पार्टी का मानना है कि वोट प्रतिशत इतना कम होना गंभीर मसला है। पार्टी इस बाबत व्यापक मंथन करेगी। हालांकि पार्टी मानती है कि गुजरात में चुनावी लड़ाई कांग्रेस बनाम भाजपा, केजरीवाल और ओबीसी के बीच हो गई थी। ऊपर से पीएम और गृहमंत्री महीनेभर गुजरात में जमे हुए थे। फिर भी 27.3 फीसदी से ज्यादा वोट मिलना कार्यकर्ताओं का परिश्रम था। सूत्रों का कहना है कि बतौर वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत का काम काज ठीक रहा है। पर्यवेक्षक का काम संचालन करना होता है। चुनाव को गति देना होता है। जिसे गहलोत ने किया है। इसलिए गहलोत को लेकर हाईकमान के मन में किसी तरह की इफ बट नहीं है। जहां तक मंथन की बात है तो वह प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और कॉर्डिनेट कमेटी के साथ किया जाता है। चुनाव परिणाम को लेकर उप सभी सदस्यों की रणनीति को लेकर कांग्रेस हाईकमान मंथन करने जा रहा है। उसके बाद उचित फैसला किया जाएगा। आपको बता दें कि गुजरात चुनाव में भाजपा को 53.3 फीसदी और कांग्रेस को 27.3 फ़ीसदी और आप पार्टी को 12. 8 फ़ीसदी वोट मिला है।

राजस्थान के प्रभारी पद से हटते ही छिना माकन का कमरा
कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेताओं के पदाधिकारी बनते ही बेहतर कमरा आवंटित करवाने को लेकर होड़ मची रहती है। इस बाबत नेताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। उसके बाद उन्हें कमरा आवंटित किया जाता है। उसमें भी मुख्यालय में मुख्य बिल्डिंग में कमरा मिलना बेहतर माना जाता है। लेकिन राजस्थान का प्रभार हटते ही अजय माकन को मुख्यालय में कहीं भी कमरा नहीं मिला है। अब माकन का कमरा संचालन कमेटी की नई सदस्य और छत्तीसगढ़ की प्रभारी कुमारी शैलजा को आवंटित कर दिया गया है। जबकि राजस्थान के नए कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पूर्व प्रभारी पीएल पुनिया का कमरा आवंटित किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजस्थान कांग्रेस में मचे घमासान से आहत होकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने प्रभारी पद से हटने की इच्छा जताई थी। जिसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वीकार करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा को नए प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है।













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