राजस्थान में ब्रेन डेड मरीज से चार लोगों को मिली नई जिंदगी
जयपुर। अलवर एक्सीडेंट का शिकार होकर ब्रेन डेड हुए शख्स ने चार लोगों को नई जिंदगी दे दी। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित एसएमएस में भर्ती ब्रेन डेड मरीज जया (परिवर्तित नाम) के लिवर व दोनों किडनी दान की गई है। इससे फतेहपुर सीकरी के महेश कुमार (बदला हुआ नाम) को नई जिंदगी मिली है। वहीं हार्ट ट्रांसप्लांट इटरनल हॉस्पिटल में किया गया।

मीडिया से बातचीत इटरनल हॉस्पिटल के कार्डियक साइंस चेयरमैन डॉ. अजीत बाना व कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ जयसवाल ने बताया हार्ट रिसीव करने वाले मरीज 21 वर्षीय महेश कुमार को डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी की गंभीर बीमारी थी, जिसके कारण उसे गंभीर हार्ट फेलियर था। इससे हार्ट की खून पंप करने की क्षमता कम हो जाती है।
शुक्रवार सुबह अस्पताल में डॉक्टर विमल यादव सीनियर कंसलटेंट एंड इंचार्ज हार्ट फेलियर, इटरनल हॉस्पिटल की निगरानी में हार्ट को रिट्रीव कराया गया। उसे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इटरनल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। करीब सात से आठ घंटे की सर्जरी में मरीज को हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। इटरनल हॉस्पिटल की को-चेयरपर्सन मंजू शर्मा ने बताया कि इस ट्रांसप्लांट को सफल बनाने के लिए सभी का प्रयास रहा।
इस टीम में डॉ. नवनीत मेहता, डॉ. संदीप ठिरकी, डॉ. अभिनव, डॉ. प्रेमलता, डॉ. रीना, डॉ. मुक्ता और सतीश का विशेष सहयोग रहा। हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. प्राचीश प्रकाश ने बताया कि हॉस्पिटल में यह चौथा हार्ट ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया है। अब मरीज की जल्दी से जल्दी रिकवरी हो, इसके लिए पोस्ट केयर में हमारी टीम पूरी तरह से एक्टिव है।












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