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Diya Kumari vs Tajmahal : कौन हैं दीया कुमारी​ जिन्होंने ताजमहल की जगह पर ठोका दावा?

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जयपुर, 12 मई। ताजमहल विवाद में जयपुर के रॉयल परिवार की भी एंट्री हो गई है। दुनिया के सात अजूबों में से एक बेपनाह मोहब्बत की गवाह इस खूबसूरत इमारत ताजमहल पर जयपुर की रॉयल फैमिली की सदस्य दीया कुमारी ने दावा जताया है कि ताजमहल उनको पुरखों की जमीन पर बना है। इस बात के जयपुर राजघराने के पास सबूत भी हैं।

    Taj Mahal vivad : MP Diya kumari का दावा, पुरखों की जमीन पर शाहजहां ने किया कब्जा | वनइंडिया हिंदी
    दीया कुमारी का दावा-हमारी जगह पर शाहजहां का कब्जा

    दीया कुमारी का दावा-हमारी जगह पर शाहजहां का कब्जा

    दीया कुमारी ने भी ये भी दावा किया कि ताजमहल की जगह जयपुर राजपरिवार का पैलेस था, जिस पर शाहजहां ने कब्जा करके ताजमहल बनवा दिया। शाहजहां द्वारा कब्जा करने पर जयपुर राजघराना विरोध नहीं कर पाया, क्योंकि उस वक्त शाहजहां का शासन था।

     दीया कुमारी, सांसद, राजसमंद

    दीया कुमारी, सांसद, राजसमंद

    ताजमहल की जगह को खुद के परिवार की प्रॉपर्टी बताने वालीं दीया कुमारी राजस्थान के राजसमंद से भाजपा सांसद हैं। राजनीतिक तौर पर तो दीया कुमारी के बारे में हर कोई जानता है, मगर निजी जिंदगी से बहुत कम लोग वाकिफ हैं। आइए जानते हैं कि दीया कुमारी की पूरी जीवनी

    जयपुर की राजकुमारी रहीं दीया कुमारी

    जयपुर की राजकुमारी रहीं दीया कुमारी

    दीया कुमारी का जन्म जयपुर राजघराने में हुआ। बचपन जयपुर राजकुमारी की तरह बीता। ये अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। जयपुर के महारानी गायत्री देवी बालिका विद्यालय व दिल्ली के मॉर्डन स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए दीया कुमारी लंदन चली गई थीं।

    दीया कुमारी का परिवार

    दीया कुमारी का परिवार

    जन्म - 30 जनवरी 1971

    दादा - मान सिंह द्वितीय
    दादी - मरूधर कंवर
    पिता - जयपुर के पूर्व महाराजा सवाई भवानी सिंह
    माता - महारानी पद्मिनी देवी
    पति - नरेंद्र सिंह (1994 - 2018)
    बच्चे - बेटा पद्मनाभ सिंह, लक्ष्यराज सिंह, बेटी गौरवी कुमारी

    दीया संभालती हैं पुरखों की विरासत

    दीया संभालती हैं पुरखों की विरासत

    देश में जयपुर राजघराना नामी है। अकेले जयपुर में इस रॉयल फैमिली की काफी प्रॉपर्टी हैं। जयपुर में सिटी पैलेस, जयगढ़ किला समेत अन्य इमारतों व पर्यटन स्थलों के संरक्षण के कामों को दीया कुमारी देखती हैं।

    दोस्ती प्यार में बदली

    दोस्ती प्यार में बदली

    दीया कुमारी की निजी​ जिंदगी हमेशा से ही काफी सुर्खियों में रही हैं। ये 18 साल की थीं तब सीए नरेंद्र सिंह को दिल दे बैठी। फिर उनसे प्रेम विवाह किया, जो चर्चा का विषय बना था। हुआ ये था कि 1989 में नरेंद्र सिंह जयपुर में सीए की तैयारी कर रहे थे। तब नरेंद्र सिंह सवाई मानसिंह संग्रहालय ट्रस्ट में इंटर्नशिप के लिए आए थे।

    सीए नरेंद्र सिंह से किया प्रेम विवाह

    सीए नरेंद्र सिंह से किया प्रेम विवाह

    यहां तीन माह काम किया। तब जयपुर की राजकुमारी 18 वर्षीय दीया कुमारी की नरेंद्र सिंह से दोस्ती हो गई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। दिक्कत यह थी कि नरेंद्र सिंह व दीया कुमारी एक ही गोत्र से थे। इसके बावजूद दीया कुमारी ने 23 की उम्र में सामाजिक बंधनों से लड़कर नरेंद्र से प्रेम विवाह किया, जिस पर राजपूत सभा ने भी नाराजगी जताई थी।

     2018 में नरेंद्र सिंह व दीया कुमारी का तलाक

    2018 में नरेंद्र सिंह व दीया कुमारी का तलाक

    नरेंद्र सिंह व दीया कुमारी ने साल 1994 को शादी की थी। इनके तीन बच्चे बेटा पद्मनाभ सिंह, लक्ष्यराज सिंह व बेटी गौरवी कुमारी हैं। साल 2018 में पति नरेंद्र सिंह से तलाक के दीया कुमारी के फैसले ने हर किसी को चौंका दिया। उन्होंने जयपुर के गांधीनगर स्थित फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाकर 2018 में पति से तलाक ले लिया।

     बेटा पद्मनाभ सिंह जयपुर की गद्दी पर

    बेटा पद्मनाभ सिंह जयपुर की गद्दी पर

    दीया कुमारी के बड़े बेटे पद्मनाभ सिंह को जयपुर के महाराजा भवानी सिंह ने 22 नवंबर 2002 को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। पद्मनाथ को 27 अप्रैल 2011 को जयपुर की गद्दी पर बैठाने की रस्म अदा की गई थी। यह आयोजन धूमधाम से हुआ था।

     दीया कुमारी की राजनीति में एंट्री

    दीया कुमारी की राजनीति में एंट्री

    दीया कुमारी ने साल 2013 में राजमहल से निकल राजनीति में कदम रखा। सितम्बर 2013 में जयपुर में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी, वसुंधरा राजे, राजनाथ सिंह की मौजूदगी में रैली हुई, जिसमें दीया कुमारी ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। दीया कुमारी से पहले जयपुर राजघराने से पूर्व राजमाता गायत्री देवी भी राजनीति में रही थीं।

    दीया कुमारी ने पहली बार में डॉ. किरोड़ी लाल का मात दी

    दीया कुमारी ने पहली बार में डॉ. किरोड़ी लाल का मात दी

    भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने के बाद दीया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 के मैदान में उतरी। सवाईमाधोपुर विधानसभा सीट से दीया कुमारी ने NPEP के डॉ. किरोड़ी लाल को 7 हजार 532 वोटों से हराया। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में दीया कुमारी को टिकट नहीं मिला।

    साढ़े पांच लाख वोटों से जीतकर बनीं सांसद

    सवाई माधोपुर से टिकट कटने के बाद भी दीया कुमारी राजनीति में बनी रहीं। भाजपा का साथ नहीं छोड़ा। भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 में दीया कुमारी को राजसमंद सीट से टिकट दिया। मोदी लहर थीं। दीया ने राजसमंद सीट पर कांग्रेस के देवकीनंदन गुर्जर को 5 लाख 51 हजार 916 वोटों से हराया।

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    TajMahal Controversy : जयपुर रॉयल फैमिली की दीया कुमारी का दावा-'हमारा है ताजमहल'TajMahal Controversy : जयपुर रॉयल फैमिली की दीया कुमारी का दावा-'हमारा है ताजमहल'

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    English summary
    diya kumari biography who Claim place of Taj Mahal as property of jaipur royal family
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