दौसा घूसकांड : RAS पिंकी मीणा के बाद IPS मनीष अग्रवाल को जमानत, बोले-'बहन की शादी है मुझे छोड़ दो'
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने IPS मनीष अग्रवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए 10 दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। IPS मनीष ने अपनी बहन की शादी होने का हवाला देकर हाईकोर्ट से 15 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी। हाईकोर्ट ने मनीष अग्रवाल को आगामी 21 मार्च को कोर्ट में सरेंडर करने के निर्देश दिए है।

IPS मनीष अग्रवाल के खिलाफ चार्जशीट
बता दें कि दौसा जिले में एसपी रहते हुए हाइवे निर्माण करने वाली कंपनी के पदाधिकारियों से दलालों के मार्फत रिश्वत लेने के जुर्म में गिरफ्तार हुए IPS मनीष अग्रवाल, दलाल नीरज मीणा और गोपाल सिंह के खिलाफ एसीबी ने एक दिन पहले ही मंगलवार को कोर्ट में करीब चार हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इससे पहले एसीबी कोर्ट ने IPS मनीष अग्रवाल की जमानत खारिज कर दी थी।

कौन हैं आईपीएस मनीष अग्रवाल
बता दें कि मनीष अग्रवाल का जन्म 15 जनवरी 1983 में यूपी में हुआ था। ये जम्मू कश्मीर कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईपीएस थे। हालांकि बाद में इन्होंने कैडर बदलकर राजस्थान चुन लिया था। पहली पत्नी से तलाक के बाद इन्होंने दूसरी शादी की। दौसा में एसपी रहते हुए मनीष अग्रवाल पर दलाल के जरिए रिश्वत लेने का केस दर्ज हुआ। इससे पहले वर्ष 2015 में जम्मू में भी इन पर रिश्वत लेने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी।

पिंकी मीणा ने जेल से आकर रचाई थी शादी
दौसा घूसकांड की आरोपी पिंकी मीणा बांदीकुई एसडीएम थीं। घूस के मामले में एसीबी द्वारा पकड़े जाने के बाद पिंकी मीणा 29 दिन तक जेल में रही। शादी के लिए 10 फरवरी को पिंकी मीणा को दस दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। 16 फरवरी को जज के साथ सात फेरे लेकर पांच दिन बाद पिंकी मीणा ने फिर से कोर्ट में सरेंडर कर दिया।












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