राजस्थान : कोरोना की वजह से 348 साल के इतिहास में पहली बार श्रीनाथ मंदिर में दर्शनों पर रोक
जयपुर। कोरोना वायरस का असर धार्मिक स्थलों पर भी पड़ रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से 353 किलोमीटर दूर राजसमंद जिले के नाथद्वारा में स्थित भगवान श्रीनाथजी के मंदिर में कोरोना वायरस की वजह से श्रृद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रीनाथजी मंदिर के 348 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है कि अब यहां पर आठ की वजह चार ही दर्शन हो सकेंगे। दुनियाभर के लाखों लोगों की अटूट आस्था का केन्द्र श्रीनाथजी मंदिर में श्रीनाथजी मंदिर में प्रतिदिन मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, आरती, उत्थापन, भोग और शयन के दर्शन होते हैं, मगर कोरोना वायरस के बढ़ते खौफ की वजह से मंदिर प्रबंधन में अब चार ही दर्शन होंगे। उसमें भी शर्त ये है कि एक बार में 50 से ज्यादा श्रृद्धालू मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

यहां भी दिख रहा कोरोना का असर
इधर,अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन की दरगाह में हौज से वुजू पर रोक लगा दी गई है। अब नल से ही वुजू कर सकेंगे। चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर में दोपहर 12 से ढाई बजे के बीच आवाजाही बंद कर दी गई है। जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर में दिन में तीन बार दर्शन की अनुमति हाेगी। पहले ऐसी कोई सीमा तय नहीं थी।

राजस्थान के 7 बड़े मेले-उत्सव निरस्त
21 मार्च को सीकर में होने वाला शेखावाटी पर्यटक उत्सव रद्द।
27-28 मार्च को जयपुर का गणगौर मेला नहीं होगा।
शाहपुरा में होने वाला गणगौर उत्सव नहीं होगा।
27-29 मार्च तक उदयपुर का मेवाड़ उत्सव पर रोक।
नागौर में 27 से 2 अप्रैल तक चलने वाला बलदेव पशु मेला भी निरस्त।
करौली के श्रीमहावीरजी मेले के कार्यक्रम रद्द।
कैलादेवी लक्खी मेला स्थगित।

घर पर ही पूजा-पाठ की अपील
सीएम अशोक गहलोत ने धर्मगुरुओं, विभिन्न समुदाय, समाजों के प्रतिनिधियों तथा सभी विपक्षी दलों के नेताओं से प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में सहयोग करने की अपील की है। धर्मगुरुओं ने लोगों से अपील की है कि धार्मिक स्थलों पर एकत्र होने की जगह कुछ दिनों पर घर पर ही पूजापाठ और नमाज करें।












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