Rajasthan में जन आक्रोश यात्रा के जरिए Congress की घेराबंदी करेगी BJP, अगले माह से शुरू होगी यात्रा
Rajasthan में विधानसभा चुनाव और उसके ठीक बाद लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा अभी से तैयारियों में जुट गई है। भाजपा नवंबर के मध्य में राजस्थान में राज्यव्यापी जन आक्रोश यात्रा आयोजित करेगी। इस यात्रा का समापन 17 दिसंबर को जयपुर में एक रैली के रूप में होगा। इसी दिन राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के 4 वर्ष पूरे होंगे। माना जा रहा है कि जेपी नड्डा सहित पार्टी के कई राष्ट्रीय नेता जयपुर में इस जनसभा को संबोधित करेंगे।

कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई की स्थिति से भाजपा को मिला बल
राजस्थान में कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई की स्थिति ने भाजपा को बल दे दिया है। चुनाव से पहले भाजपा कई नेताओं को पार्टी में शामिल करने जा रही है। इसमें कांग्रेस से आने वाले नेता भी हैं। पार्टी इस प्रक्रिया में पूरी सतर्कता बरतती दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा का मानना है कि आगामी महीनों में तीन प्रकार के लोग पार्टी में शामिल होने में रुचि दिखाएंगे। ऐसे प्रोफेशनल लोग जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही, पूर्व भाजपा कार्यकर्ता और तीसरे कांग्रेस या अन्य पार्टियों को छोड़कर आने वाले अवसरवादी नेता। भाजपा में शामिल होने वाले इच्छुक लोगों को पहले आवेदन पत्र भरना होगा। पहले इसकी जांच होगी तथा पार्टी में शामिल होने के लिए निर्णायक स्वीकृति पार्टी प्रदेश अध्यक्ष देंगे।

सीएम फेस की समस्या का समाधान ढूंढ रही है पार्टी
राजस्थान में भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में सभी 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी। राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस समय राजस्थान में भाजपा सीएम फेस की समस्या का सामना कर रही है। प्रदेश में वसुंधरा राजे बनाम अन्य नेताओं कि मुख्यमंत्री की दावेदारी पर पार्टी के भीतर कलह की स्थिति बनी हुई है। लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को उम्मीद है कि वह आने वाले समय में इस समस्या का निराकरण कर लेंगे। पार्टी के नेताओं से बात करने पर वे कहते हैं विधानसभा चुनाव में भाजपा नरेंद्र मोदी और पार्टी के चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेंगे। हालांकि वसुंधरा राजे कई मौकों पर शक्ति प्रदर्शन कर पार्टी को संकेत देती रहती हैं।

कांग्रेस में बिगड़ते समीकरणों का फायदा उठाना चाहती है भाजपा
राजस्थान में भाजपा कांग्रेस में उत्तराधिकारी की लड़ाई का पूरा फायदा उठाना चाहती है। पार्टी में ऐसी स्थिति में पैदा होने वाले राजनीतिक समीकरणों के आधार पर दांव पर लगाना शुरू कर दिया है। पार्टी का मानना है कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तिथियां नजदीक आएगी। उस समय कांग्रेस के अनेक असंतुष्ट नेता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इसी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने दो सदस्यों की एक विशेष संवीक्षा समिति भी गठित की है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल और राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी को इस कमेटी में लिया गया है। यही कमेटी ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर संभावित उम्मीदवारों की संवीक्षा करेगी।









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