Rajasthan में बीजेपी सांसदों को लड़ा सकती है विधानसभा चुनाव, इन नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी
BJP राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मौजूदा सांसदों को विधानसभा के चुनावी समर में उतार सकती है। करीब एक दर्जन सांसदों को विधायक का चुनाव लड़ने के लिए चुनाव मैदान में उतार सकती है। पार्टी में इस पर गंभीर मंथन चल रहा है। वही कुछ विधायकों को सांसद का टिकट भी कमाया जा सकता है। भाजपा की राजस्थान इकाई के लिए मिशन 2023 बेहद अहम है। केंद्रीय नेतृत्व भी यही चाहता है कि एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी का जो मिथक है। वह बरकरार रहे। बीजेपी कोर कमेटी की दिल्ली में हुई बैठक के बाद पार्टी की तैयारियों में तेजी देखने को मिल रही है। करीब एक दर्जन सांसद ऐसे हैं। जिन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव से होगी लोकसभा की राह आसान
भाजपा यह अच्छी तरह जानती है कि राजस्थान में सत्ता मिलने के बाद लोकसभा का समय ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। लेकिन इसके लिए पहले विधानसभा चुनाव जीतना जरूरी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रभारी अरुण सिंह इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। जिन सांसदों को पार्टी विधायक का चुनाव लड़ाएगी। उन्हें पहले ही इशारा कर दिया जाएगा। ताकि वे तैयारी कर सकें। भाजपा में अभी राजस्थान के 25 लोकसभा सांसद हैं। इसके अलावा भूपेंद्र यादव, किरोड़ी लाल मीणा और राजेंद्र गहलोत राज्यसभा से सांसद हैं। 2014 में लोकसभा चुनाव में राज्य की बीजेपी ने 100 फीसदी जीत के मद्देनजर कुछ विधायकों को सांसद का चुनाव लड़ाया था। इनमें ओम बिड़ला, बहादुर सिंह कोली, सांवरलाल जाट और संतोष अहलावत शामिल है। पार्टी अब पुराने फार्मूले को ही नवीन शेप में अपनाते हुए लोकसभा सांसदों को विधानसभा चुनाव में आजमाने का मन बना रही है। बीजेपी अपने दर्जनभर से ज्यादा सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतार सकती है।

इन सांसदों को पार्टी लड़ा सकती है विधानसभा का चुनाव
बीजेपी अपने जिन सांसदों को राजस्थान विधानसभा चुनाव में विधायक का चुनाव लड़ाना चाहती है। उनमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, हनुमानगढ़-गंगानगर सांसद निहालचंद मेघवाल, चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी। भरतपुर सांसद रंजीता कोहली, झुंझुनू सांसद नरेंद्र कुमार मंडावा, जैसलमेर-बाड़मेर के सांसद कैलाश चौधरी, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, किरोडी लाल मीणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद कनक मल कटारा, अलवर सांसद महंत बालक नाथ योगी, राजसमंद सांसद दिया कुमारी, चूरू से भाजपा सांसद राहुल कसवां, टोंक-सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया और राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत शामिल हैं।













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