राजस्थान: शराब युक्त सैनिटाइजर के इस्तेमाल से इनकार कर मंदिर में तैयार किया अनूठा सैनिटाइजर
राजस्थान: पुजारियों ने शराब युक्त सैनिटाइजर के इस्तेमाल से इनकार कर मंदिर में तैयार किया आयुर्वेदिक सैनिटाइजर
जयपुर। देश में कोरोना महामारी के चलते दो माह के लॉकडाउन के बाद एक जून से अनलॉक-1 की शुरुआत हो चुकी है। 8 जून 2020 से देश में धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर केन्द्र सरकार ने गाइडलाइन भी जारी कर दी है। इसी के साथ ही राजस्थान व मध्य प्रदेश में सैनिटाइजर के खिलाफ विरोध के स्वर उठने लगे हैं।

शराब से हाथ धोकर नहीं आ सकते मंदिर में
मंदिरों में भक्तों को प्रवेश करने से पहले हाथ सैनिटाइज करने होंगे, लेकिन मंदिर पुजारियों का तर्क है कि बाजार में बिकने वाले सैनिटाइजर में अल्कोहल (शराब) की 70 फीसदी मात्रा पाई जाती है। हाथ सैनिटाइज पर उन पर भी शराब लगेगी जबकि मंदिर में शराब के साथ प्रवेश नहीं दे सकते। ऐसे में राजस्थान की राजधानी जयपुर के कई मंदिरों में अपने स्तर पर सैनिटाइजर बनाया जा रहा है। जो अल्कोहल फ्री है।

द्वाराकाधिश्वर मंदिर जयपुर
जयपुर के परकोटा में स्थित द्वाराकाधिश्वर मंदिर में पांच जून की दोपहर वन इंडिया हिंदी की टीम पहुंची तो वहां आठ जून से मंदिर के कपाट खोले जाने की तैयारियां चल रही थी। साथ ही मंदिर परिसर में गैस चूल्हे पर एक बड़े बर्तन में पानी गर्म किया जा रहा था।

आयुर्वेदिक सैनिटाइजर से धुलवाएंगे हाथ
द्वाराकाधिश्वर मंदिर जयपुर के पंडित विजय शंकर ने बताया कि इस गर्म पानी से मंदिर प्रंबधन अपने स्तर पर आयुर्वेदिक सैनिटाइजर बना रहा है। 8 जून से यहां दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों के हाथ इसी सैनिटाइजर से धुलवाए जाएंगे। उसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश देंगे।

इस चीजों से तैयार किया आयुर्वेदिक सैनिटाइजर
पंडित विजय शंकर ने बताया कि बाजार में बिकने वाले सैनिटाइजर में 70 फीसदी अल्कोहल मिली होती है जबकि मंदिर में बनाया जा रहा सैनिटाइजर पूरी तरह आयुर्वेदिक है। यह उबलते हुए पानी में फिटकरी, नीम, तुलसी का पाउडर और पत्ते, नीबू का रस और पाउडर, कपूर, लौंग जैसी चीजें मिलाकर बनाया जा रहा है। ठंडा होने के बाद मंदिर में इसी का इस्तेमाल किया जाएगा।












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