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रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर गहलोत सरकार का फैसला, निजी अस्पताल सिर्फ दो दिन का ही स्टॉक रख सकेंगे

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जयपुर, 15 अप्रैल। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बुरी तरह से जकड़े जा चुके राजस्थान में गहलोत सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर बड़ा फैसला किया है. इस फैसले के मुताबिक रेमडेसिविर इंजेक्शन अब 'ओवर द काउंटर' बेचा नहीं जाएगा. इसका सिर्फ सरकारी और सरकार से मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही इस्तेमाल हो सकेगा. निजी अस्पताल इसका सिर्फ दो दिन का ही स्टॉक रख सकेंगे.

Ashok Gehlot governments decision on Remedesivir injection
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    कोरोना उपचार के लिए कारगर बताये जा रहे Remdesivir और Tocilizumab इंजेक्शन उपलब्ध करवाने की सरकार ने प्रक्रिया तय कर दी है. निजी चिकित्सालयों को अपनी मांग निर्धारित सूचना के साथ सीएमएचओ एवं औषधि नियंत्रक को भेजनी होगी.

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    जयपुर के जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा ने बताया कि कोरोना महामारी उपचार में कारगर बताये जा रहे Remdesivir और Tocilizumab इंजेक्शन की कालाबाजारी को रोकने और जरूरतमंद निजी चिकित्सा संस्थानों को दवा उपलब्ध कराए जाने के लिए तात्कालिक रूप से इसकी नई प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है. यह व्यवस्था अगले आदेशों तक लागू रहेगी.

    दो दिन के लिए ही इंजेक्शन का स्टॉक जारी होगा

    नेहरा ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश स्तर पर शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं. नई प्रक्रिया के अनुसार कोविड उपचार के लिए केवल राज्य सरकार के अनुमोदित निजी क्षेत्र अथवा जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृति प्राप्त चिकित्सालय ही Remdesivir एवं Tocilizumab इंजेक्शन की मांग कर सकेंगे.

    जयपुर में निजी क्षेत्र के चिकित्सालय मरीजों के उपचार के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत के अनुसार अपनी मांग मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं औषधि नियंत्रक को उपलब्ध कराएंगे. यह मांग जिले के दवा स्टॉकिस्ट की ओर से संबंधित सीएण्डएफ को भेजी जाएगी. वहां से उपलब्धता के अनुसार अधिकतम दो दिवस के उपयोग के लिए इंजेक्शन का स्टॉक जारी किया जाएगा.

    इंजेक्शन के लिए ये जानकारी देनी होगी

    जिला कलेक्टर ने बताया कि समस्त निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थान एक निर्धारित प्रपत्र के अनुसार ही सूचना सम्बधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जमा कराएंगे. उसका सत्यापन किसी भी समय सीएमएचओ अथवा संबधित हॉस्पिटल के लिये नियुक्त नोडल अधिकारी द्वारा किया जा सकेगा. इन दवाओं की मांग के साथ जो सूचना दी जानी है, उसमें चिकित्सालय के नाम के साथ ही उसकी क्षमता, जिला कलेक्टर द्वारा कोविड उपचार के लिए ली गई अनुमति, मरीज की जानकारी, उसकी चिकित्सकीय स्थिति एवं उसकी विभिन्न जांचों की फाइंडिंग्स की जानकारी दी जानी है.

    यहां से ले सकते हैं इंजेक्शन की उपलब्धता की जानकारी

    Remdesivir और Tocilizumab इंजेक्शन का किसी भी प्रकार से 'ओवर द काउण्टर' बेचान नहीं किया जा सकेगा. किसी भी प्राइवेट अस्पताल या रोगी को कोई सूचना या उस इंजेक्शन की उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी चाहिए तो राज्य के सहायक औषधि नियंत्रक एवं औषधि नियंत्रण अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है.

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    English summary
    Ashok Gehlot government's decision on Remedesivir injection
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