महिला सशक्तिकरण के लिए अशोक गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, नई महिला नीति के प्रारूप को मंजूरी
जयपुर। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने महिला सशक्तिकरण की रुकावटें दूर करने के लिए अहम निर्णय लिया है. गहलोत कैबिनेट ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश की नई महिला नीति के प्रारूप को मंजूरी दे दी है. नई महिला नीति सतत विकास लक्ष्य 2030 के अनुरूप बनाई गई है.

महिलाओं और बालिकाओं के समग्र विकास के लिए शीघ्र तैयार होने वाली नई महिला नीति- 2021 से महिला एवं बालिका कल्याण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय किया जा सकेगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में कैबिनेट ने अन्य भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.
नई महिला नीति प्रदेश में बालिकाओं, किशोरियों और महिलाओं को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने में सहायक होगी. महिलाओं के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं जैसे जन्म उत्तरजीविता, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, प्रशिक्षण, उत्तर आजीविका, संपत्ति के स्वामित्व राजनीतिक और सामाजिक अधिकारिता आदि को इसमें शामिल किया गया है.
यह नीति सतत विकास लक्ष्य 2030 के अनुरूप बनाई गई है. इसमें महिलाओं के विभिन्न समूह के व्यापक वर्गीकरण पर विशेष फोकस किया गया है. इससे इन समूहों के लिए पृथक से लक्ष्य निर्धारित कर उनके कल्याण के लिए योजनाएं बनाई जा सकेंगी.
तत्परता से कार्रवाई करती है सरकार
दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का मानना है कि कोई भी राजनीतिक व्यवस्था महिलाओं के प्रति संवेदनशील हुए बिना प्रगति नहीं कर सकती. गहलोत सरकार ने पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया है.
महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए हर जिले में महिला अपराध अनुसंधान इकाईयां बनाई हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सार्वजनिक मंच पर कहते रहे हैं कि हमारी सरकार महिलाओं, बालिकाओं समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.












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