अरुणाचल हेलिकॉप्टर क्रैश : देश मना रहा था दिवाली, तब ये 2 बेटियां शहीद पिता की चिता को दे रही थीं मुखाग्नि
Rajasthan Jawan Shaheed in Arunachal chopper crash : सूरवीरों की धरती राजस्थान के दो गांवों से हर किसी के दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। सोमवार को जब पूरा देश दिवाली 2022 की खुशियां मना रहा था तब दो मासूम बेटियां अपने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि दे रही थीं। दोनों ही दिवाली पर अपने पापा के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। इनके पिता घर तो लौटे, मगर तिरंगे में लिपटकर और सबसे हमेशा हमेशा के लिए जुदा होकर।
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रुणाचल प्रदेश हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में रोहिताश्व कुमार और विकास भांभू शहीद
हम बात कर रहे हैं दो दिन पहले अरुणाचल प्रदेश में हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में शहीद हुए रोहिताश्व कुमार और विकास भांभू की बेटियों की। इनके साथ ही उदयपुर के मेजर मुस्तफा बोहरा व देश ने दो अन्य जवान भी खो दिए थे। शहीद रोहिताश्व कुमार झुंझुनूं जिले के गांव पौषाणा और शहीद मेजर विकास भांभू हनुमानगढ़ जिले में टिब्बी के रामपुरा गांव के रहने वाले थे। दोनों शहीदों को दिवाली के दिन अंतिम विदाई दी गई। पैतृक गांवों में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया।

मेजर विकास भांभू साल 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे
शहीद मेजर विकास भांभू साल 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अपने माता पिता के इकलौते बेटे विकास भांभू थे। इनके दो बड़ी बहन हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। खुद मेजर विकास भांभू की शादी श्रीगंगानगर जिले की सरदारपुरा गांव की श्रेया के साथ हुई थी। इनके एक बेटी है। मासूम बेटी ने दिवाली के दिन जब शहीद की चिता को मुखाग्नि दी तो हर कोई आंसू नहीं रोक पाया। विकास पिछले माह ही अपने गांव आकर गए थे। शहीद होने से पहले सुबह पत्नी श्रेया से आखिरी बार कॉल पर बात की थी।

विकास का बचपन सीकर में बीता
उल्लेखनीय है कि मेजर विकास भांभू के पिता भागीरथ भांभू सीकर के पूर्व सांसद सुभाष महरिया के पीए के रूप में सेवाएं दे चुके थे। ऐसे में विकास का बचपन सीकर में बीता। वहीं पर पढ़ाई हुई। साल 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 3 साल में विकास आर्मी की फ्लाइंग विंग में शामिल हुए। विकास सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भी आर्मी की स्टैंडबाई टीम में शामिल रहे थे। जब भी गांव आते तो युवाओं को भारतीय सेना ज्वाइन करने के लिए प्रेरित करते थे।

रोहिताश्व कुमार 26 अक्टूबर 2010 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे
शहीद रोहिताश्व कुमार का अंतिम संस्कार भी सोमवार को दिवाली दिन हुआ। झुंझुनूं जिले के गांव पोषाणा की खैरवा की ढाणी में दाह संस्कार हुआ। पांच साल की बेटी रितिका ने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि दी। रोहिताश्व कुमार 26 अक्टूबर 2010 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। गांव जेतपुरा की सुभिता के साथ रोहिताश्व की शादी हुई थी। रोहिताश दो भाइयों में सबसे बड़े थे।

अरुणाचल प्रदेश हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद
1 मेजर विकास भांभू, हनुमानगढ़ राजस्थान
2 मेजर मुस्तफा बोहरा, उदयपुर राजस्थान
3 अश्विन के वी
4 बिरेश सिन्हा
5 रोहिताश्व कुमार, झुंझुनूं राजस्थान

क्या है अरुणाचल प्रदेश हेलिकॉप्टर हादसा?
शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में सियांग के लिकाबली से पांच फौजियों को लेकर भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर एचएएल रुद्र ने उड़ान भरी थी। टूटिंग हेडक्वार्टर से 25 किलोमीटर दूर सियांग जिले के गांव सिंगिंग में एचएएल रुद्र हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में राजस्थान के मेजर विकास भांभू, मेजर मुस्तफा बोहरा, रोहिताश्व कुमार व अश्विन के वी और बिरेश सिन्हा शहीद हो गए।












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