India
  • search
जयपुर न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
Oneindia App Download

दो साल बाद राजनीति की बोतल से निकला नाकारा निकम्मा का जिन्न, सियासत गरमाई

|
Google Oneindia News

जयपुर, 6 जुलाई। राजस्थान की राजनीति में नाकारा निकम्मा नाम का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है. इससे प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. प्रदेश में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की गुटबाजी में बँटी कांग्रेस में ऐसी बयानबाजी अब आम हो चुकी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर इस शब्द के जरिए सचिन पायलट और गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधा है.

sachin gahlot

पायलट ने दिखाया था बड़प्पन

पिछले दिनों सचिन पायलट ने गहलोत को अनुभवी, वरिष्ठ और पितातुल्य बताकर अपना बड़प्पन दिखाया था. बदले में गहलोत ने नाकारा निकम्मा बच्चे को पिता द्वारा डांटने के लहज़े में कहने की कहावत का हवाला देकर पायलट को झगड़ने वाला बच्चा करार दे दिया है. हांलाकि गहलोत ने अपने सम्बोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह को भी निशाने पर लिया है. लेकिन गहलोत के इस बयान को सीधे तौर पायलट से जोड़कर देखा जा रहा.

sachin

Mridul Kachawa IPS होंगे झुंझुनूं के SP : बीहड़ से 11 माह में पकड़े 44 डकैत, ट्रांसफर पर रोने लगे लोगMridul Kachawa IPS होंगे झुंझुनूं के SP : बीहड़ से 11 माह में पकड़े 44 डकैत, ट्रांसफर पर रोने लगे लोग

गहलोत ने की नाकारा निकम्मा की व्याख्या

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कांग्रेस विधायकों और नेताओं को सम्बोधित करते हुए नाकारा और निकम्मा शब्द की व्याख्या की. इस दौरान गहलोत ने कहा कि निकम्मा का मतलब क्या होता है. पड़ोस में बच्चे कोई झगड़ा करते हैं. बच्चे आपस में झगड़ते हैं तो एक पड़ोसी दूसरे के घर जाता है. बच्चे की शिकायत करता है. तब उस बच्चे के पिता उसे कहते हैं कि अभी बुलाकर डांटता हूँ. वह नाकारा-निकम्मा है. यही तो कहते हैं, ये तो कहावतें होती हैं. वह अपने बच्चे के लिए कहता है. गहलोत ने कहा- यही बात मैं कहता हूँ कि निकम्मा-नाकारा है। इसका मतलब यही होता है कि यह बच्चा है. इसने गलती कर दी होगी. मैं इसे डांटता हूँ. कई बार प्रेम से भी कहा जाता है. अब मैं प्रेम से भी कहूं तो कई लोग बुरा मान जाते हैं. उसका मैं क्या कर सकता हूँ.

ahokgahlot

सम्मेलन में 13 जिलों के विधायक और नेता हुए शामिल

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के मसले पर 13 जिलों के विधायकों और कांग्रेस नेताओं के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे. इस दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्र में जलशक्ति मंत्री हैं. बावजूद इसके राजस्थान को उसका हक़ नहीं दिलवा पा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री शेखावत पीएम मोदी के किए हुए वादे को भूल गए. शेखावत अब्सेंट माइंड हैं. उन्होंने राजस्थान के लिए कुछ नहीं किया. इस दौरान सीएम गहलोत ने ईडी की कार्रवाई का हवाला देते हुए पीएम मोदी और बीजेपी को भी निशाने पर लिया.

congres

दो साल पहले पायलट को कहा था नाकारा निकम्मा

सचिन पायलट ने दो साल पहले राजस्थान का उपमुख्यमंत्री रहते हुए जुलाई के महीने में अपने समर्थित विधायकों को साथ लेकर गहलोत सरकार को अस्थिर करने की कोशिश थी. वे अपने साथी विधायकों के गुड़गांव के मानेसर में एक होटल में चले गए थे. इसके बाद प्रदेश में अशोक गहलोत सरकार संकट में आ गई थी. खुद अशोक गहलोत को अपने विधायकों की जयपुर के एक होटल में बाड़ेबंदी करनी पड़ी थी. इस दौरान गहलोत ने अपने एक बयान के दौरान पायलट को नाकारा निकम्मा बताते हुए बागी करार दिया था. उनका उपमुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष पद छीन लिया गया था. बावजूद इसके पायलट ने पार्टी नहीं छोड़ी.

Comments
English summary
After two years, genie of incompetent useless came out of the bottle of politics, Rajasthan's politics heats up
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X