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Jabalpur News: ‘वाह पुलिस कप्तान साब...’, ऐसा लग रहा है जैसे आपने मुझे गुमा हुआ खजाना लौटा दिया

लगभग 23 लाख रुपए कीमत के 170 मोबाइल पुलिस कंट्रोल रूम की टेबिल पर सजे हुए थे। इन मोबाइल मालिकों को जब यहां पहुंचना शुरू हुआ और उन्होंने अपना मोबाइल पहचाना तो ऐसा लगा जैसे उनको कुदरत का बड़ा खजाना मिल गया हो। पुलिस कप्तान सिद्धार्थ बहुगुणा ने मोबाइल धारकों को उनके मोबाइल वापस किए तो हर किसी की जुबां से 'थैंक यू' सर निकला।

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जबलपुर, 28 सितंबर: आधुनिक भाग दौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल के जरिए दुनिया मुट्ठी में हैं। लेकिन रोजमर्रा की लाइफ स्टाइल में शामिल आपका मोबाइल जब गुम हो जाता है, तो जिंदगी अधूरी सी फील होती है। ऐसे में वही गुमा या चोरी हुआ मोबाइल आपको अचानक मिल जाए तो ऐसा लगता है ,जैसे कुदरत की सबसे बड़ी चीज मिल गई हो। कुछ इसी तरह की ख़ुशी और मुस्कान जबलपुर पुलिस कंट्रोल रूम में उन लोगों के चेहरों पर नजर आई, जिन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था, कि उनका मोबाइल वापस मिलेगा।

खुशियां देने वाली शारदेय नवरात्रि

खुशियां देने वाली शारदेय नवरात्रि

इस बार की नवरात्रि जबलपुर के उन मोबाइल यूजर्स के लिए ज्यादा खुशियां लेकर आई, जिनके काफी वक्त पहले मोबाइल चोरी हो गए थे या फिर गुम गए थे। जो यूजर्स ऐसी घटनाओं का शिकार हुए उनमें से कई लोगों ने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी, कि उनका मोबाइल वापस मिलेगा। लेकिन जब उन्हें जब पुलिस कंट्रोल रूम से जब मोबाइल मिलने की सूचना दी गई। तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा।

इतने मोबाइल कि खुल जाए एक बड़ा शो रूम

इतने मोबाइल कि खुल जाए एक बड़ा शो रूम

लगभग 23 लाख रुपए कीमत के 170 मोबाइल पुलिस कंट्रोल रूम की टेबिल पर सजे हुए थे। इन मोबाइल मालिकों को जब यहां पहुंचना शुरू हुआ और उन्होंने अपना मोबाइल पहचाना तो ऐसा लगा जैसे उनको कुदरत का बड़ा खजाना मिल गया हो। पुलिस कप्तान सिद्धार्थ बहुगुणा ने मोबाइल धारकों को उनके मोबाइल वापस किए तो हर किसी की जुबां से 'थैंक यू' सर निकला। सभी कहने लगे कि काफी वक्त बीत जाने के बाद उन्होंने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। इस वजह से दूसरा मोबाइल खरीदना पड़ा

पुलिस सायबर सेल का रहा अहम रोल

पुलिस सायबर सेल का रहा अहम रोल

बीते वक्त में पुलिस थानों में दर्ज हुई मोबाइल गुमने की शिकायतों की जांच में साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आईएमईआई नंबर की मदद से लगातार ट्रेकिंग कराई जाती रही। जिसके आधार पर गुमे या चोरी हुए मोबाइल का पता चला। इसके अलावा पिछले दिनों चोरी की वारदातों में पकड़े गए कई चोर ऐसे थे, जिन्होंने झपट्टा मारकर मोबाइल लूटा या फिर किसी जगह से चुराया था, उनसे भी बरामदगी की गई थी।

पिछले 4 सालों में 2 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए के मोबाइल

पिछले 4 सालों में 2 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए के मोबाइल

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि अपराधियों का जिस तरह क्राइम करने का ट्रेंड बदल रहा है, उसी तर्ज पर अपराधियों और उससे जुड़े मामलों का पता लगाने आधुनिक तरीके भी इस्तेमाल हो रहे है। यही वजह है कि दिखने मोबाइल जैसी छोटी चीज चोरी या गुम हो जाने पर उसके बारे में पता लग जाता है। बीते 4 सालों में जबलपुर पुलिस ने लगभग 1800 सौ गुमे हुए मोबाइल धारकों को वापस किए है। जिनका बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए है।

साइबर सेल का हेल्प लाइन ढूंढेगी आपका गुम मोबाइल

साइबर सेल का हेल्प लाइन ढूंढेगी आपका गुम मोबाइल

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि कई बार सड़क से गुजरते वक्त मोबाइल गिर जाता है या फिर किसी अन्य जगह पर हम अपना मोबाइल भूल जाते है। जिस पर किसी अन्य व्यक्ति की नजर पड़ने पर, वह उसे लेकर चंपत हो जाता है। पहली कोशिश तो यह रहना चाहिए कि हम अपना मोबाइल संभालकर रखे। उसके अलावा जब आप ऐसी स्थिति का शिकार हो तो फ़ौरन संबंधित थाने में घटना की सूचना दें। उसके बाद शिकायत की एक कॉपी जबलपुर के हैल्प लाईन नम्बर 7587616100 पर भेजी जा सकती है। जिससे गुमे या चोरी हुए मोबाइल का जल्दी पता करवाया जा सकता हैं।

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English summary
When the lost mobile people were found, it felt as if the treasure was found in jabalpur sp return
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