MP की हजारों अवैध कॉलोनियां होगी वैध, चुनावी साल में मई महीने में सरकार देगी सौगात
मध्य प्रदेश में चुनावी साल में आम जनता को एक और सौगात मिलने जा रही है। नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद् क्षेत्रों की 5642 कॉलोनियां वैध होने जा रही है। इसका ड्राफ्ट भी तैयार हो चुका है।

Thousands illegal colonies MP:एमपी में करीब 5642 ऐसी कॉलोनियां है, जो अवैध हैं। इस वजह से वहां रहने वाली जनता विकास के लिए तरस रही है। बिल्डर-कॉलोनाइजर की मनमानी का खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। इस तकलीफ का ख्याल रखते हुए सरकार ने 2016 के बाद की अवैध कॉलोनियों को वैध करने का ड्राफ्ट तैयार किया है। इनकी लिस्ट 15 फरवरी को जारी होगी और 1 मई से वैध हो मानी जाएगी।

चुनावी साल में मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार जनता को एक और बड़ी सौगात देने जा रही है। प्रदेश नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद् क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का रोना खत्म होने जा रहा हैं। आम जनता को इससे निजात दिलाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके लिए शासन द्वारा जो ड्राफ्ट तैयार किया गया है, उसमें नियमों को और सरल करने का दावा किया गया है। प्रति वर्गफीट के हिसाब से विकास शुल्क तय किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने संबंधित विभाग के अफसरों को स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में अब कहीं भी अवैध कॉलोनी का निर्माण हुआ तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।

एमपी के जबलपुर समेत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा समेत 14 जिलों की 5642 कॉलोनियां चिन्हित की गई है, जो अवैध की श्रेणी में है। इस वजह से इन कॉलोनियों में बिजली, नल और सड़क जैसे विकास कार्यों के लाभ से रहवासी वंचित रहते है। इससे निजात दिलाने शासन द्वारा कुछ मापदंड तय किए गए है। वैध कॉलोनी के लिए वहां रहने वाले लोगों या निर्माण करने वाले बिल्डर्स को निर्धारित विकास शुल्क अदा करना होगा। नए प्रावधानों में निम्न आय वर्ग के लोगों को विकास शुल्क में 80 फीसदी छूट रहेगी। मार्च में ले-आउट ड्रॉफ्ट पर दावे-आपत्ति बुलाई जाएगी। कहा जा रहा है कि एक मई 2023 से बिल्डिंग परमिशन मिलना शुरू हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक अभी तक 579 अवैध कॉलोनियों को मंजूरी दी जा चुकी है।












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