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Jabalpur News: कहीं अग्निकांड के आरोपियों का सरेंडर प्लान तो नहीं ! पुलिस ने घोषित किया इनाम

जबलपुर, 04 अगस्त: न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी प्राइवेट हॉस्पिटल अग्निकांड में 8 मौतों के लिए जिम्मेदार आरोपी डॉक्टर और मैनेजर फरार है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई है और उनकी मिल रही लोकेशन के आधार पर दबिश दी जा रही है। खबर है कि सभी आरोपी अपनी लोकेशन बदल रहे है। अब पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया है।

अग्निकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी बनी चुनौती

अग्निकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी बनी चुनौती

मप्र के जबलपुर में प्राइवेट हॉस्पिटल भीषण अग्निकांड के आरोपी डॉक्टर और मैनेजर की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस उनकी तलाश में जगह-जगह ख़ाक छान रही है, लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लगा। फरार आरोपियों में डॉ. संतोष सोनी को पकड़ा गया, लेकिन उसके अन्य तीन पार्टनर डॉक्टर गायब है।

फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का ईनाम घोषित

फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का ईनाम घोषित

फरार डाक्टर्स निशिंत गुप्ता, डॉ. सुरेश पटेल, डॉ. संजय पटेल और अस्पताल के मैनेजर विपिन पांडे की गिरफ्तारी के लिए, पुलिस ने अब दस-दस हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया है। पुलिस का दावा है कि लगातार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है, उनकी जल्द ही गिरफ्तारी होगी। परिवार के लोगों और करीबियों पर भी पुलिस की नजर है। जिनके जरिए आरोपियों का पता लग सकें।

क्या ऐसे भागे मौतों के जिम्मेदार ये डॉक्टर?

क्या ऐसे भागे मौतों के जिम्मेदार ये डॉक्टर?

अग्निकांड का जब घटनाक्रम हुआ तो अस्पताल संचालकों में डॉ. संतोष सोनी मौके पर ही मौजूद था। आग की चपेट में आए मरीज और अस्पताल स्टाफ के लोग जब जिंदा जल रहे थे, तो अस्पताल का मैनेजर और संतोष दोनों भाग निकले। उन्हें अंदेशा हो गया था कि आग बेकाबू हो गई है और आरोपों की आग उन्हें भी जला देगी। बाकी तीन पार्टनर डॉक्टर को भी खबर हुई, जिसके बाद अंदेशा है कि उन्होंने भी अस्पताल के सामने मेनरोड से आग की लपटे देखी और किसी दूसरी गाड़ी में सवार होकर भाग गए।

कहीं कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी तो नही?

कहीं कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी तो नही?

यह अग्निकांड राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनने के बाद आरोपी भली-भांति जानते है कि, यदि जबलपुर पुलिस के वह हत्थे चढ़े तो उनकी क्या गत होगी? यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि फरार आरोपियों के करीबियों ने उन्हें दूसरे मोबाइल मुहैया करा दिए हो। साथ ही यह अंदेशा भी है कि मप्र में किसी शहर की बजाय दूसरे राज्य में वह कोर्ट में खुद को सरेंडर कर दें।

फरार रहने पर संपत्ति कुर्की, भगोड़ा घोषित होने की कार्रवाई !

फरार रहने पर संपत्ति कुर्की, भगोड़ा घोषित होने की कार्रवाई !

हालांकि जबलपुर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जो जाल बिछाया है, उससे उनके बचने की उम्मीद कम ही है। भले ही आरोपी खुद को बड़ा पढ़ा-लिखा मानकर ज्यादा चालाक समझ रहे हो, लेकिन उनकी होशियारी ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली। ज्यादा दिनों की फरारी उनके लिए और महंगी साबित होने वाली है। प्रक्रिया के तहत पुलिस का अगला कदम सभी की संपत्ति कुर्की और भगोड़ा घोषित करने का हो सकता है। आरोपियों के करीबी और उनके परिवार के कई सदस्य भी अंडर ग्राउंड हो गए है। कुछ लोगों ने मोबाइल भी बंद कर लिए है।

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