Rahul Gandhi ने जबलपुर में बताया 100 रुपये में दलित-ओबीसी की भागीदारी का गणित, बोले- हम करवाएंगे X-Ray
Jabalpur News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने राहुल गांधी की एक के बाद एक रैली-रोड शो जारी हैं। राहुल गांधी, महाकोशल की 38 सीटों को साधने के मकसद से जबलपुर पहुंचे और एक बार फिर दलित-ओबीसी का जिक्र किया। इस वर्ग की भागीदारी को लेकर आंकड़े भी प्रस्तुत किए।
राहुल गांधी ने जबलपुर की आठ सीटों में से कांग्रेस प्रत्याशियों वाली तीन सीटों से रोड शो किया। पूर्व विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने आमसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान मोदी और शिवराज सरकार से कई सवाल भी किए। सभा के बाद जाते-जाते उन्होंने कहा कि सीएम शिवराज जी कल तक जबाव दे देना।
राहुल ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार में दलित-ओबीसी वर्ग की भागीदारी का गणित बताया। सौ रुपये में इन दोनों वर्ग को केंद्र-राज्य सरकार में कितना प्रतिनिधित्त्व मिलता हैं? राहुल ने कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार पीएम मोदी और 90 अफसर मिलकर चलाते हैं। इसी तरह एमपी में सीएम शिवराज और 53 अधिकारी सरकार चलाते हैं।

सौ रुपये में कितने रुपये का निर्णय लेते है ओबीसी-दलित?
लेकिन तय होने वाले बजट निर्धारण कितने ओबीसी-दलित अफसर निर्णय लेते है, यह जानना भी जरुरी हैं। राहुल ने बताया कि केंद्र सरकार में जब इन दो कैटेगिरी के सौ रुपये खर्च होता है तो दलित अफसर सिर्फ 1 रुपये का निर्णय लेते हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश में तीन लाख करोड़ रुपये के बजट में 53 अफसरों में से सिर्फ 1 ओबीसी अफसर यानि 0.1 प्रतिशत निर्णय लेते हैं। दिल्ली में मोदी सरकार में OBC की 33 पैसे की भागीदारी हैंक>
सच्चाई सामने लाकर रहेंगे
राहुल ने कहा इसके बाद भी पीएम मोदी कहते है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी की सरकार हैं। लेकिन ये आंकड़े सच बताने के लिए काफी हैं। दोनों वर्ग को उनका हक़ मिले और सच्चाई सामने आए इसलिए कांग्रेस जातिगत जनगणना की डिमांड कर रही हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ऐसा करना नहीं चाहती। उन्होंने दावा किया कि चाहे एमपी में कांग्रेस सरकार हो या फिर आने वाले समय में केंद्र में सरकार आई तो जातिगत जनगणना हरहाल में करवाई जाएगी। दलित-ओबीसी को दर्द कितना हो रहा है, यह पता लगाने के लिए एमपी और हिन्दुस्तान का एक्सरे होना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications