MP में New Year से नहीं दी जाएगी नजूल एनओसी, दो साल पहले बने नियम दोबारा होंगे लागू
एमपी में नजूल भूमियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब नए साल 2023 से एनओसी जारी करने की प्रक्रिया बंद होगी। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

एमपी में नजूल संपत्तियों की एनओसी के जूझने वाली जनता को नए साल में सरकार बड़ी राहत देने जा रही हैं। अब अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रकिया बंद हो जाएगी। दो साल पहले नजूल संबंधी जो नियम बनाए गए थे, अब उसी आधार पर आवेदनों का निराकरण होगा। नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में इस संबंध में निर्देश भेजे है। आपको बता दें नजूल भूमियों के नक़्शे, निर्माण और लेआउट संबंधी कामों को लेकर पब्लिक को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता था।

मध्य प्रदेश में नए साल 2023 से नजूल भूमियों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। किसी निर्माण या उन भूमियों के ले आउट के लिए TNCP की NOC अनिवार्य थी। इसी के आधार पर उस भूमि पर हुआ निर्माण कार्य वैध माना जाता था। इसके लिए निर्धारित एनओसी की प्रक्रिया बेहद जटिल थी। सरकारी विभाग के पास रिकॉर्ड होने के बाबजूद कई तरह के दस्तावेज मांगे जाते थे, जिसमें खासकर आम लोगों को संबंधित दफ्तरों के कई चक्कर काटना पड़ते थे। लेकिन आने वाले नए साल में लोगों को इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। भोपाल मुख्यालय से प्रदेश के सभी जिलों को फरमान भेजा गया कि अब नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दी जाएगी।
आवेदनों की प्रक्रिया को सरल करते हुए नई व्यवस्था के तहत नजूल अधिकारियों की अब जिम्मेदारी होगी कि वह संबंधित भूमियों की जानकारी टीएंडसीपी को उपलब्ध कराए। वार्षिक आधार पर यह डाटा संधारित होगा। जिसके तहत निर्माण, ले आउट की परमीशन दी जाएगी। इसी तरह के नियम करीब दो साल पहले थे, लेकिन बीच में बदलाव किया गया था। एनओसी से संबंधित सभी तरह के प्रकरण अब आरसीएमएस पर दर्ज होंगे। नगरीय विकास और आवास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई का कहना है कि शासन ने यह निर्णय जनहित में लिया हैं । इससे विभाग की लंबित शिकायतों में कमी आएगी, साथ ही आम जनता को सहूलियत भी मिलेगी।












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