Jabalpur के वीर सपूत संगीत सूर्यवंशी को नम आंखों से दी गई विदाई, लद्दाख बार्डर पर पेट्रोलिंग के दौरान हुई मौत
Jabalpur News: मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर शहर में पैरा मिलिट्री फोर्स के जाबांज जवान संगीत सूर्यवंशी का शव शहर पहुंचते ही हर किसी की आंखे नम हो गई। वे यहां वीएफजे मड़ई के रहने वाले थे। उनका शव जबलपुर पहुंचा। उसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
संगीत सूर्यवंशी भारतीय सेना के जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स- जीआरइएफ में पदस्थ रहे। उनका पार्थिव शरीर लेकर बुधवार की सुबह पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान उनके गृहस्थल वीएफजे मड़ई पहुंचे। जैसे ही बस्ती वालों को संगीत के बलिदान की जानकारी मिली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोग बड़ी संख्या में उनके उनके छदामी लाल सूर्यवंशी का ढाढस बंधाने पहुंचने लगे।
सूर्यवंशी की लेह-लद्दाख के नौयमा क्षेत्र में डयूटी के दौरान 9 जुलाई को मौत हो गई थी।स्व.संगीत सूर्यवंशी का अंतिम संस्कार ग्वारीघाट मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान और सलामी के बाद किया गया। इस दौरान फोर्स के अधिकारियों सहित कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन और एसपी तुषारकांत विद्यार्थी ने पुष्पचक्र-पुष्पहार चढ़ाकर श्रृद्धांजलि दी और शोक संवेदनायें व्यक्त की।

शव के मड़ई पहुंचने पर घर पर ही पुलिस के जवानों की ओर से गार्ड आफ आनर दिया गया। संगीत के स्वजन उसके बिछड़ने के गम से बेहद गमगीन हैं, लेकिन वीर सपूत की शहादत से वे गौरवान्वित भी हैं। संगीत के बड़े भाई राजाराम ने बताया कि रविवार नौ जुलाई की सुबह उससे आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उसी दिन घर वालों को दोपहर को करीब सवा बजे पता लगा कि संगीत सूर्यवंशी लेह से करीब 300 किलोमीटर आगे नौयमा क्षेत्र में बार्डर पर पेट्रोलिंग के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े। जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक छदामी लाल सूर्यवंशी के होनहार बेटे संगीत सूर्यवंशी की कुछ समय पहले ही जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स- जीआरइएफ में नौकरी लगी थी। देश सेवा के लिए संगीत को पहली पोस्टिंग लद्दाख में ही मिली। संगीत के परिजनों के मुताबिक अभी उसका विवाह नहीं हुआ था।












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