MP में एक दिन में सबसे ज्यादा रक्तदान का जबलपुर ने बनाया रिकॉर्ड, शाजापुर को पीछे छोड़ा
जबलपुर, 07 सितंबर: मध्यप्रदेश में एक दिन में महज सात घंटे में सबसे ज्यादा रक्तदान का नया रिकॉर्ड जबलपुर के नाम दर्ज हो गया हैं। कलेक्टर की अनूठी पहल पर आयोजित हुए मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प में हजारों लोगों ने रक्तदान किया। लगभग तीन हजार यूनिट ब्लड एकत्रित कर इस कैम्प ने शाजापुर जिले को पीछे छोड़ दिया है। शहर के अलग अलग स्थानों पर बनाए गए ब्लड डोनेशन कैंप में उत्सवी माहौल नजर आया। ख़ास बात यह थी कलेक्टर के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी भी ब्लड डोनेट करते हुए दिखाई दिए।

लक्ष्य से एक हजार यूनिट ज्यादा रक्त संग्रहित
जबलपुर में मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प के लिए विशेष तैयारियां की गई थी। प्रशासन द्वारा रेडक्रॉस सोसायटी और सामाजिक संस्थाओं के प्रयासों से यह आयोजन हुआ। जिसमें दो हजार यूनिट रक्त जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कैम्प शुरू होते ही ब्लड डोनर्स की भीड़ ऐसी उमड़ी जिसकी आयोजकों ने कल्पना भी नहीं की थी। किसी की जिंदगी बचाने के लिए इस महादान में अपने रक्त की आहूती देने हर वर्ग के महिला पुरुषों ने हिस्सा लिया। सात घंटे में 3 हजार 10 यूनिट रक्त संग्रहित कर लिया गया।

शाजापुर के नाम था रिकॉर्ड
कलेक्टर इलैयाराजा टी. ने बताया कि मध्यप्रदेश में इससे पहले मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प के माध्यम से सबसे ज्यादा रक्त संग्रह का शाजापुर जिले के नाम रिकॉर्ड था। गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में एक दिन में शाजापुर में 12 घण्टे के दौरान 2 हजार 887 यूनिट रक्त एकत्र किया गया था। जिसके लिए 22 स्थानों में शिविर लगाए थे। लेकिन जबलपुर में सिर्फ 12 स्थानों पर शिविर लगाकर शाजापुर से ज्यादा रक्त संग्रह का काम हुआ।

ऐसे डोनर्स जिन्होंने रक्तदान के बाद किया जूस वितरित
कैम्प शुरू होते ही सभी स्थानों पर सुबह से रक्तदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। शासकीय अशासकीय संस्थाओं के लोग भी रक्त दान के लिए उत्सुक दिखे। हितकारिणी महिला कॉलेज के स्टाफ और छात्राओं ने रक्तदान तो किया ही, साथ में कई शिविरों में पहुंचकर ब्लड डोनर्स को फलों का जूस भेंट किया। इस कॉलेज के प्रिंसपल डॉ. नीलेश पांडे और उनके स्टाफ की कलेक्टर ने भी तारीफ की।

कलेक्टर ही नहीं, सरकारी दफ्तरों के चपरासी तक पहुंचे कैम्प में
विशेष जागरूकता अभियान चलाकर आयोजित हुआ यह मेगा कैम्प अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ हैं। रिकॉर्ड तोड़ रक्तदान में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. ने भी रक्तदान किया। उनके साथ कई अधिकारी और कर्मचारी भी ब्लड डोनेट करते दिखे। वही कुछ विभागों के तो चपरासी तक अपने सभी कार्य छोड़कर सबसे पहले रक्तदान करने पहुंचे। पूरे आयोजन ने शहर को एकजुटता का अनूठा सन्देश भी दिया। जिसमें हर धर्म और हर वर्ग के लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। रक्त दान के बाद सभी डोनर्स को सर्टिफिकेट भी दिए गए।

आपात स्थितियों में कई जरुरतमंदों को मिलेगी जिंदगी
कोरोना की वजह से शासकीय ब्लड बैंकों में रक्त की कमी आ गई थी। जिसे दूर करने प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया। चिकित्सकों के मुताबिक सबसे ज्यादा थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों, एनीमिया की शिकार गर्भवती महिलाओं और गम्भीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को रक्त की सबसे ज्यादा जरुरत पड़ती हैं। कई बार पीड़ितों को भटकना पड़ता है और वक्त पर रक्त न मिलने कारण लोगों की जान भी चली जाती हैं। लेकिन अब जबलपुर लोगों को इस परेशानी से निजात मिल जाएगी।

पीड़ित मानवता की सेवा का दिया गया संदेश
इस आयोजन के माध्यम से जिले की विभिन्न अस्पतालों, सामाजिक संस्थाओं और संगठनों के द्वारा रक्त दान के महत्त्व को भी बताया गया। इस दौरान पहली बार रक्त दान करने पहुंचे लोगों के मन का डर भी निकल गया। रक्तदान के बाद ऐसे लोग खुद यह कहते नजर आए कि पीड़ित मानवता की इस सेवा से बढ़कर दूसरी कोई सेवा नहीं हैं। अपने लिए तो हर कोई जीता है, लेकिन रक्तदान दूसरों को नई जिंदगी देता हैं। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. ने आयोजन में सहयोगी रही सभी संस्थाओं और ब्लड डोनर्स का आभार भी जताया।












Click it and Unblock the Notifications