BJP उमा उवाच: शराब नीति पर दो टूक ‘अब सीएम शिवराज के पाले में गेंद’, 11 ट्वीट निशाना एक
गुरु-पूर्णिमा के दिन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्वीट में लिखा कि “मैं जब कल रात को ओरछा पहुंची, ओरछा के माथे पर लगा हुआ कलंक, वह शराब की दुकान मेरे विरोध के बाद कुछ दिन बंद रहकर फिर खुल गई।
भोपाल, 13 जुलाई: मध्यप्रदेश में शराब दुकानों और आहातों के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की छिड़ी मुहिम पर ट्वीट वार छिड़ा हुआ है। गुरु पूर्णिमा के दिन उमा ने फिर अपनी इस मुहिम को लेकर 11 ट्वीट किए। जिसमें उन्होंने अपनी पुरानी कुछ बातों के साथ लिखा कि "अब शिवराज जी के हाथ में है कि वह 2 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की महिलाओं का भोपाल में एकत्रीकरण हमारी सरकार के लिए धन्यवाद एवं आशीर्वाद के आयोजन में बदल जाए"। इस ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे है।

निशाना एक, ट्वीट कई ?
एमपी में आदर्श शराब नीति को लेकर खुलकर लड़ाई लड़ रही पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती लगातार ट्वीट के जरिए अपनी बातें सार्वजनिक कर रही है। या यूँ कहे कि वे अपने मन की बात ट्वीट के जरिए जनता के साथ पार्टी के जिम्मेदारों तक पहुँचाना चाह रही है। यही वजह है कि पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को खुली चिट्ठी लिखने के बाद उन्होंने अगले दिन दनादन 41 ट्वीट (Tweet) किए। गुरु-पूर्णिमा के दिन भी उन्होंने शराब के मुद्दे पर 11 ट्वीट किए है। जिसमें उन्होंने अपनी पुरानी कई बातों का जिक्र भी किया।
ओरछा के माथे पर लगा कलंक ‘शराब दुकान’
गुरु-पूर्णिमा के दिन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्वीट में लिखा कि "मैं जब कल रात को ओरछा पहुंची, ओरछा के माथे पर लगा हुआ कलंक, वह शराब की दुकान मेरे विरोध के बाद कुछ दिन बंद रहकर फिर खुल गई। जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। उमा ने आगे लिखा कि उन्होंने अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को पत्र लिखा है कि, वह भाजपा शासित सभी राज्यों के लिए एक जैसी जन हितैषी शराब नीति लागू करने का विचार करें।

कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना !
उमा भारती ने जिस अंदाज में पिछले एक हफ़्ते में मप्र की शराब नीति को लेकर ट्वीट किए है, उसके सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे है। दिग्विजय सिंह ने भी उमा के ट्वीट पर चुटकी ली थी, लेकिन उसका उमा ने अभी तक कोई रिएक्शन नही दिया। वही नए 11 ट्वीट में उमा ने पहले तो प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 2018 के पूर्व की तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं पर तारीफ लिखी, फिर उन्होंने अपनी मुहिम को लेकर लिखा कि "शिवराज जी अपनी नई शराब नीति को वापस लेकर एक आदर्श जन हितैषी संशोधित शराब नीति प्रस्तुत कर सकते हैंl हो सकता है कि मध्य प्रदेश ही एक आदर्श शराब नीति के लिए मॉडल राज्य बन जाएl
साफ़ संकेत...अब सब कुछ शिवराजजी के हाथ में है...
उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि मध्यप्रदेश में शराब की दुकान एवं आहातों के सामने अकेले खड़े हो जाने का अभियान 2 अक्टूबर तक जारी रहेगाl यह अब शिवराज जी के हाथ में है, कि वह 2 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की महिलाओं का भोपाल में एकत्रीकरण हमारी सरकार के लिए धन्यवाद एवं आशीर्वाद के आयोजन में बदल जाएl" इन ट्वीट के बीच सवालों का वही ज्वार उमड़ रहा है कि उमा के मनमाफिक उम्मीदों पर यदि सीएम शिवराज खरे नही उतरे तो आगे क्या किसी बड़े सियासी विस्फोट की तैयारी है?












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