जिम्बाब्वे की सरकारी मीडिया पर सेना का कब्जा, राष्ट्रपति ने देशद्रोह बताया
हरारे। आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहे जिम्बाब्वे में अब तख्ता पलट के बादल मंडराने लगे हैं। जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में मंगलवार को सेना ही हलचल बढ़ गई है। सेना प्रमुख कॉस्टेनियो चिवांगे ने सत्तारूढ़ दल की सीधे तौर पर चेतावनी दी है। खबरों की मानें तो सेना ने सरकारी न्यूज चैनल जेडबीसी पर भी कब्जा कर लिया है। राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के आवास के बाहर कई राउंड गोली चलाए जाने की भी खबर सामने आई है। जिम्बाब्वे में राजनीतिक अस्थिरता के बीच अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को एडवायजरी जारी की है।

स्थानीय मीडिया के अनुसार सड़क पर सशस्त्र बल टैंकों के साथ उतर आए हैं, हरारे में सेना की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए लोगों में डर का माहौल है। आज सुबह तीन बड़े धमाके भी सुने गए हैं। जानकारी के अनुसार स्टेर मीडिया के दफ्तर पर सेना ने कब्जा कर लिया है। वहीं सरकार ने सेना पर विश्वासघाती बर्ताव करने का आरोप लगाया है। एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के हरारे स्थित निजी आवास के पास धमाका हुआ है, तीन से चार मिनट के भीतर लगातार 30-40 राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी थी। रॉयटर्स के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ जिम्बाब्वे के पास धमाके की आवाज सुनी गई है।
आपको बता हैं कि राष्ट्रपति मुगाबे ने उपराष्ट्रपति को बर्खास्त कर दिया था, इसके बाद सेना ने अपनी सक्रियता को बढ़ाते हुए हरारे में कूच किया। जनरल चिवेंगा ने साफ तौर पर यह चेतावनी दी है कि वह सत्ताधारी दल के भीतर चल रही उथल-पुथल को खत्म करने के लिए हस्तक्षेप करेंगे। वहीं राष्ट्रपति ने सेना की इस हरकत को देशद्रोह बताया है। वहीं सेना की ओर से बयान जारी करके कहा गया है यह सेना का कब्जा नहीं है, जैसे ही स्थिति ठीक होगी सबकुछ सामान्य हो जाएगा।












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