आईएस के चंगुल से छूटी लड़की की आपबीती, वो ब्रेस्ट दबाकर देखते थे कि विकसित हैं या नहीं...

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Yazidi Women and girls tells their life as ISIS sex slaves । वनइंडिया हिंदी

नई दिल्ली। आतंकी संगठन आईएसआईएस महिलाओं और लड़कियों के साथ कैसा वहशियाना सलूक करते हैं ये बात एक यजीदी लड़की ने बताई है। आईएसआईएस के चंगुल से छूट कर आई इस लड़की ने अपनी आपबीती में जो बातें बताई उसे सुनकर कोई भी सिहर उठेगा। इस यजीदी लड़की ने बताया कि आतंकी लड़कियों का पहले अपहरण करते, फिर उन्हें सेक्स स्लेव बनाकर उन्हें प्रताड़ित करते हैं। इस लड़की ने बताया कि इस संगठन से जुड़े आतंकी लड़कियों और महिलाओं का अपहरण करके अपने ठिकानों पर कैद रखते हैं। वो महिलाओं और लड़कियों को दीवार के सहारे खड़ा करके फिर उनके साथ वहशियाना हरकत करते हैं।

Yazidi women and girls tell of life as isis sex slaves
IS के चंगुल से छूट के आई सेक्स स्लेव की आपबीती

IS के चंगुल से छूट के आई सेक्स स्लेव की आपबीती

दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के चंगुल से छूटकर आई इस यजीदी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि आतंकवादी लड़कियों को दीवार के सहारे खड़ा करके उनके ब्रेस्ट दबाकर देखते थे कि आखिर वो विकसित हुए हैं या नहीं। अगर आतंकियों को लगता था कि लड़की के ब्रेस्ट हैं तो फिर उनका रेप किया जाता था। इस दौरान एक नहीं बल्कि कई आतंकी एक साथ महिलाओं और लड़कियों के साथ रेप करते थे।

ब्रेस्ट की जांच के बाद करते थे रेप

ब्रेस्ट की जांच के बाद करते थे रेप

आईएस के चंगुल से आजाद हुई इस लड़की ने बताया कि अगर किसी लड़की का ब्रेस्ट विकसित नहीं होता था तो उन्हें तीन महीने की कैद में रखा जाता था। इस दौरान बीच-बीच में उनकी ब्रेस्ट की जांच करते थे। जब आतंकियों को पता लगता था कि उस लड़की ब्रेस्ट विकसित हो गए हैं तो फिर उनके साथ वही सलूक किया जाता जैसा कि दूसरी लड़कियों के साथ होता था। लड़कियों के साथ आईएस आतंकियों की इस हैवानियत का चौंकाने वाला खुलासा किया है हेनरी जैक्सन सोसाइटी की निकिता मलिक ने, उन्होंने 'ट्रैफिकिंग टेरर, हाउ मॉडर्न स्लेवरी एंड सेक्सुअल वॉयलेंस फंड टेररिज्म' नामक शोधपत्र में इस यजीदी लड़की और दूसरी लड़कियों और महिलाओं की आपबीती का खुलासा किया है।

आईएस आतंकियों के हैवानियत का खुलासा

आईएस आतंकियों के हैवानियत का खुलासा

निकिता मलिक ने अपने शोधपत्र में इस यजीदी लड़की को पीड़िता संख्या एक बताया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता संख्या एक आतंकियों की ओर से किए गए रेप के चलते गर्भवती हो गयी थी। उसने सीढ़ियों से गिरकर अपना गर्भ गिराने की कोशिश भी की थी। पीड़िता संख्या एक ने निकिता को बताया था कि आईएस आतंकी एक ही कमरे में अलग-अलग लड़कियों से रेप करते थे। अगर कोई लड़की उनकी गिरफ्त से भागने की कोशिश करती थी तो सजा के तौर पर कई आतंकवादी मिलकर उसका बलात्कार करते थे।

'रेप के बाद लड़कियों को बेंचा जाता था'

'रेप के बाद लड़कियों को बेंचा जाता था'

पीड़िता संख्या एक ने निकिता को बताया कि उसे कई बार बेचा गया और उसने बच्चों का रेप होते भी देखा था। निकिता के अनुसार इस हैवानियत का शिकार हुई लड़कियों ने बताया कि आतंकी उनसे कहते थे कि वो पैगंबर मोहम्मद का बनाया कानून लागू कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार आईएस के आतंकियों ने 27 पन्नों का दस्तावेज बना रखा था जिसमें सेक्स स्लेव्स के संग बर्ताव के बारे में निर्देश लिखे हुए थे। इस दस्तावेज के अनुसार गुलामों को अन्य सामान की तरह ही खरीदा और बेचा जा सकता है। इन खुलासों से पता चलता है कि आखिर आईएस आतंकी किस तरह का सलूक अपहरण करके लाई लड़कियों और महिलाओं के साथ करते थे।

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Yazidi women and girls tell of life as isis sex slaves
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