रूसी माइक्रोबायोलॉजिस्ट का दावा, वुहान लैब में सनक भरे प्रयोगों का नतीजा है कोरोना वायरस

मॉस्‍को। रूस के जाने-माने माइक्रोबायलॉजिस्‍ट ने अब कोरोना वायरस को लेकर चीन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। रशियन माइक्रोबायोलॉजिस्‍ट पीटर चुमकोव ने दावा किया है कि वुहान की लैब में वैज्ञानिक कुछ अजीबो-गरीब चीजों को अंजाम देने की कोशिशें कर रहे थे। उन्‍होंने कहा है कि चीनी वैज्ञानिक कोरोना वायरस के साथ कुछ बदलाव करने का प्रयास कर रहे थे। आपको बता दें कि हुबेई प्रांत के वुहान से दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस निकला था। अब तक करीब 19 लाख लोगों की मौत वायरस की वजह से हो चुकी है।

वायरस के स्‍वरूप में कर रहे थे बदलाव

वायरस के स्‍वरूप में कर रहे थे बदलाव

माइक्रो बायोलॉजिस्‍ट पीटर की मानें तो चीन के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के स्‍वरूप को बदलने की कोशिशों में लगे थे। वो इसे इंसानों को संक्रमित करने के योग्‍य बना रहे थे। पीटर न सिर्फ रूस बल्कि दुनिया के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं। उनकी मानें तो वैज्ञानिकों का मकसद वायरस में मौजूद विषाणु तत्‍वों का पता लगाना था। उन्‍होंने इस बात को खारिज कर दिया है कि वैज्ञानिकों नेकिसी शरारती मकसद से इस वायरस को तैयार किया है जिसने अब तक कई लोगों की जिंदगियां ले ली हैं। प्रोफेसर चुमकोव रूस की राजधानी मॉस्‍को स्थित एंग्‍ललहारड्ट इंस्‍टीट्यूट ऑफ मॉलिक्‍यूला बायोलॉजी में बतौर चीफ रिसर्चर कार्यरत हैं।

10 साल से कोरोना वायरस का डेवलपमेंट

10 साल से कोरोना वायरस का डेवलपमेंट

पीटर ने कहा, 'चीन में वैज्ञानिक वुहान लैब में काफी सक्रियता से अलग-अलग प्रकार के कोरोना वायरस के डेवलपमेंट में लगे हुए हैं। वो पिछले 10 सलों से इस क्रिया में लगे हुए हैं। हो सकता है कि उन्‍होंने इस वायरस को भी इसकी विषाणुशीलता परखने के मकसद से तैयार किया हो।' उनका कहना था कि यह बहुत ही पागलपन भरा विचार है। पीटर ने इसके लिए एक उदाहरण भी दिया। पीटर ने कहा इस वायरस को अगर जीन के समूह में दाखिल कराया जाए तो इससे वायरस को इंसानी कोशिकाओं को संक्रमित करने की ताकत मिल जाती है। उनका कहना है कि वर्तमान में जो कोरोना वायरस लोगों को संक्रमित कर रहा है उसका संभावित कारण अब धीरे-धीरे सामने आने लगा है।

पीटर बोले कभी नहीं होगी जांच

पीटर बोले कभी नहीं होगी जांच

पीटर ने मॉस्‍कोवस्‍की कोमसोमोलेट्स अखबार के साथ बातचीत में कहा कि इस मामले की जांच कभी होगी ही नहीं। वैज्ञानिक पीटर की मानें तो अब नए नियम लाए जाएंगे जिसके बाद इस तरह के जानलेवा जीनोम पर कुछ नियमों के तहत ही काम किया जा सकेगा। पीटर की मानें तो अभी किसी को भी इसके लिए दोष देना गलत होगा। उनकी मानें तो चीनी वैज्ञानिकों ने एक नई एचआईवी वैक्‍सीन को डेवलप करने के मकसद से कई प्रकार के वायरस का निर्माण किया है।

पुतिन सरकार ने खारिज किए सभी दावे

पुतिन सरकार ने खारिज किए सभी दावे

इस हफ्ते की शुरुआत में राष्‍ट्रपति ब्‍लादीमिर पुतिन के प्रवक्‍ता ने उन सभी आरोपों से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस इंसानों की तरफ से निर्मित किया गया है। इससे पहले पुतिन की सरकार में पूर्व स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री वरोनिका कोवोरतसोवा ने सवाल किया था कि इस बात की कितनी संभावना है कि कोरोना वायरस को लैब में तैयार किया गया हो? उन्‍होंने रूस के चैनल वन पर कहा था कि यह सवाल बहुत कठिन है और इसका जवाब मुश्किल होगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण में एक गहन जांच की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि किसी भी प्रकार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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