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लंदन में खुला दुनिया का पहला वजाइना म्यूजियम, महिलाओं के प्राइवेट पार्ट को टैबू से बाहर निकालने की कोशिश

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नई दिल्‍ली। वैक्‍स म्‍यूजियम, वॉर म्‍यूजियम, र्वचुअल म्‍यूजियम, साइंस म्‍यूजियम, क्राफ्ट म्‍यूजियम... आपने इस तरह के कई म्‍यूजियम के नाम सुने होंगे और देखे भी होंगे। लेकिन आपने आज से पहले इस तरह के म्‍यूजियम का नाम ना सोचा होगा और ना ही कभी इसकी कल्‍पना की होगी। जी हां विश्व का पहला वजाइना म्यूजियम लंदन में खुलने जा रहा है। आज इसका उद्घाटन होगा। इस म्यूजियम की फाउंडर फ्लोरेंस शेक्टर हैं। इस म्यूजियम को बनाने में करीब 44 लाख रुपये का खर्च आया है। यह पैसा फ्लोरेंस ने क्राउडफंडिंग के जरिए एकत्र किया था। सोशल मीडिया पर इसका जमकर प्रचार किया गया है। इसका अपना इंस्टाग्राम अकाउंट और वेबसाइट भी है।

प्राइवेट पार्ट को लेकर फैलीं भ्रांतियों को दूर करने के लिए खोला जा रहा है

प्राइवेट पार्ट को लेकर फैलीं भ्रांतियों को दूर करने के लिए खोला जा रहा है

जानकारी के मुताबिक इस म्‍यूजियम को खोलने के पीछे का जो मकसद है वो ये है कि लोगों के बीच प्राइवेट पार्ट को लेकर फैलीं भ्रांतियों को दूर करना। फ्लोरेंस ने बताया है कि बॉडी के इस पार्ट के संबंध में जो भी बात करने से लोग हिचकते हैं, उस पर वहां बात की जाएगी। यहां लोगों को वजाइना के साथ ही महिलाओं को होने वाले विभिन्न रोग और महिला की शारीरिक रचना के बारे में जानकारी दी जाएगी। फाउंडर मानती हैं कि इससे महिला जननांगों को लेकर बात करने में जो भ्रांतियां फैली हुई हैं वह दूर होगी।

आइसलैंड में पेनिस म्‍यूजियम देखकर आया था ख्‍याल

आइसलैंड में पेनिस म्‍यूजियम देखकर आया था ख्‍याल

फाउंडर फ्लोरेंस ने वर्ष 2017 में यह म्यूजियम बनाने के बारे में सोचा था। तब उन्हें पता लगा कि पेनिस बेस एक म्यूजियम आइसलैंड में मौजूद है। गौरतलब है कि आइसलैंड वाले म्यूजियम में सभी जानवरों के पेनिस के डिस्पले किए गए हैं। इस पर फ्लोरेंस ने सोचा कि महिलाओं के लिए भी ऐसा ही एक म्यूजियम होना चाहिए।

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मछलियों से लेकर जानवरों तक के लिंग

मछलियों से लेकर जानवरों तक के लिंग

आइसलैंड की राजधानी रेक्जाविक मे स्थित 'आइसलैंडिक फैलोलॉजिकल म्यूजियम' (The Icelandic Phallological Museum) अपने आप में अनोखा है क्योकि यह दुनिया का इकलौता म्यूज़ियम है जहां मछलियो, जानवरों से लेकर इंसानो तक के लिंग (जननांग) का संग्रह किया गया है। इस लिंग म्यूज़ियम की स्थापना आइसलैंड के एक निवासी सिगरदर जारटार्सन ने 1997 में की थी। इस संग्रालय मे आइसलैंड की धरती और पानी मे पाए जाने वाले अधिकतर मेमल्स (बच्चे पैदा करने वाले स्तनपायी प्राणी) के लिंगों का संग्रह है जिनकी संख्या 215 से अधिक है। इनमे 56 लिंग 17 अलग अलग तरह की व्हेल मछली के, 36 लिंग 7 अलग अलग तरह की सील के तथा बाकि के लिंग आइसलैंड की धरती पर मिलने वाले 26 प्रकार के अन्य मेमल्स के है जिसमे इंसान भी शामिल है। इसके अलावा कई लिंग विदेशी जानवारों के है। इस प्रकार कुल मिलाकर 300 से भी अधिक लिंग के नमुने यहाँ संग्रहित है।

इस म्‍यूजियम को 4 पुरुषों ने उपहार में दिया अपना लिंग

इस म्‍यूजियम को 4 पुरुषों ने उपहार में दिया अपना लिंग

इस म्यूज़ियम को अब तक 4 लोगो ने अपनी मृत्यु के बाद अपना लिंग उपहार स्‍वरुप दे दिया हैं। जिसमे से एक मनुष्य का लिंग तो म्यूज़ियम को मिल भी चुका है, जो कि आइसलैंड के टूरिस्ट गाइड पॉल एरासन (95 साल) का है। हालाकि उम्र अधिक हो जाने के कारन उनका लिंग काफी सिकुड़ चुका था। उनका यह लिंग, अंडकोष के साथ एक जार मे रखा है।

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English summary
The world's first VAGINA Museum open in London, Every thing you need to know about this.
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