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साकार हुआ हवा में फॉर्मूला वन रेस का सपना, विश्व में पहली बार फ्लाइंग कार ने आकाश में भड़ी उड़ान

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सिडनी, जून 18: फॉर्मूला-वन कार रेस...रोमांच और रफ्तार का अद्भुत संगम...जब जमीन पर कई सौ किलोमीटर की रफ्तार से भागती कारें आपकी दिल की धड़कनों को बढ़ा देती हैं, वो रेस अब और भी रोमांचक होने वाला है। विश्व में अब आसमानों के बीच कार का रेस होगा...। जमीन से ऊपर कारें भागेंगी और आप अपनी आंखों के सामने उस नजारे को देखेंगे, जो शायद किसी काल्पनिक फिल्मों में देखी होगी या फिर जिसकी कल्पना भी नहीं की होगी। विश्व में पहली बार फॉर्मूला वन रेस आसमान में होने का काल्पनिक ख्वाब सच होने वाला है। ऑस्ट्रेलिया में उड़ने वाली कार ने अपनी उड़ान कामयाबी के साथ पूरी कर ली है।

विश्व में पहली बार...हवा में कार रेस

विश्व में पहली बार...हवा में कार रेस

दुनिया की पहली उड़ने वाली रेसिंग कार ने अपनी उड़ान कामयाबी के साथ पूरी कर ली है। इस कार की रफ्तार 60 मील प्रतिघंटे तक गई, जो फॉर्मूला वन कार रेस में कारों की रफ्तार के करीब-करीब बराबर ही है। इस कार ने पहली बार दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के एक रेगिस्तान में अपनी उड़ान पूरी की है। इस साल के अंत में कारों की एक रेस में भी इस फ्लाइंग कार को हिस्सा लेना है। रिपोर्ट के मुताबिक इस फ्लाइंग इलेक्ट्रिक कार को एयरस्पीडर इलेक्ट्रिक रेसिंग सीरिज के हिस्से के तौर पर लॉन्च किया गया है और फिर दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान में इसका ट्रायल भी किया गया है, जिसमें ये पूरी तरह से कामयाब रहा है। हालांकि, उड़ने वाली कारों की ये रेस कहां होने वाली है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं दी गई है।

कार का नाम है एमके-3 एयरस्पीडर

कार का नाम है एमके-3 एयरस्पीडर

रिपोर्ट के मुताबिक इस फ्लाइंग कार का नाम एमके-3 एयरस्पीडर रखा गया है और जल्दी ही ये कार 93 से 155 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ने लगेगी। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक फॉर्मूला वन-स्टाइल सीरिज में 4 टीमें हिस्सा लेंगी और 10 क्राफ्टमैन इसमें एक दूसरे से मुकाबला करेंगे। हालांकि, अभी फॉर्मूला वन रेस में शामिल होने वाली इन फ्लाइंग कारों को ग्राउंड पर बैठे पायलट, मोटरस्पोर्ट रिमोट के सहारे इसे कंट्रोल करेंगे, लेकिन 2022 तक इन कारों को ड्राइवर के साथ उड़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यानि, हवा में ड्राइवर कार उड़ाएंगे और रफ्तार की जंग में बाजी मारने की कोशिश करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइंग कार में आठ रोडर लगे हुए हैं और यह 2.8 सेकेंड्स में 0 से 62 मील प्रति घंटे की उड़ान भर सकेगी।

बैटरी से चलेगी फ्लाइंग कार

रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइंग कार बैट्री से ही उड़ान भरेंगी और मर्सडीज बेंज एफ-1 कार भी 2.6 सेकेंड में इतनी ही उड़ान भर सकती हैं। फ्लाइंग कार को लिथियम पॉलीमर बैटरी के जरिए हवा में अभी 15 मिनट तक उड़ाया जा सकता है, जबकि फॉर्मूला वन रेस 45 मिनट की होती है। जिसका मतलब ये हुआ कि फॉर्मूला वन कार रेस में जिस तरह से बीच में कारों में पेट्रोल डाला जाता है, उसी तरफ फ्लाइंग कार रेस में रेस के दौरान इन कारों की बैट्री बदली जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट ट्रायल के दौरान ऑस्ट्रेलिया के नागरिक उड्डयन सुरक्षा प्राधिकरण ने फ्लाइंग कार की निगरानी की थी, लेकिन फ्लाइंग कार ने कितनी देर उड़ान भरी और कितनी ऊंचाई पर कार ने उड़ान भरी है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि कंपनी इसको लेकर सस्पेंस बनाए रखना चाहती है।

पिछली बार मिली थी नाकामयाबी

पिछली बार मिली थी नाकामयाबी

2019 में भी फ्लाइंग कार का ट्रायल किया गया था, लेकिन उस बार नाकामयाबी हाथ लगी थी। उस बार कार करीब 8 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते वक्त क्रैश कर गई थी। जिसके बाद फिर से कार के डिजाइन से लेकर ईंजन में कई परिवर्तन किए गये थे। एयरस्पीडर ने फ्लाइंग कार का डिजाइन किया है और इस कार को हेलीकॉप्टर, फाइटेर जेट और फॉर्मूला वन रेस कार का मिक्स डिजाइन बनाया गया है। इस फ्लाइंग कार को ऑस्ट्रेलिया के एडीलेड में बनाया है और इसका निर्माण अलौडा एयरोनॉटिक्स ने किया है। मेल ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक जब एक मेल के जरिए फ्लाइंग कार की लागत के बारे में पूछा गया तो कंपनी की तरफ से इसकी जानकारी को गोपनीय बताया गया। कंपनी की तरफ से कार की कीमत को लेकर कहा गया है कि कार कंपनी और रेसिंग टीमों के बीच इसकी कीमत को लेकर गोपनीयता बरतने का करार है।

फ्लाइंग कार को लेकर गर्व

फ्लाइंग कार को लेकर गर्व

फ्लाइंग कार का निर्माण करने वाली एयरस्पीडर और अलौडा एयरोनॉटिक्स कंपनी के संस्थापक मैथ्यू पियरसन ने कहा कि उन्हें इस कार का निर्माण करने के लिए गर्व है। उन्होंने कहा कि ये बेहद रोमांचित करने वाला स्पोर्ट होगा और ये बताता है कि इंसान और मशीन मिलकर क्या कुछ नहीं कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि ये पहली उड़ान ऐतिहासिक है लेकिन ये सिर्फ एक शुरूआत है। हम मोटरस्पोर्ट और फॉर्मूला वन रेस की विरासत में एक नया अध्याय जोड़ने के बेहद करीब हैं। वहीं, रेसिंग कार एक्सपर्ट्स का मानना है कि उड़ने वाली कारों का तेजी से विकास होगा और दुनिया इसे हाथों हाथ लेने वाली है।

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English summary
For the first time in the world, the trial of a flying car in the air has been successful. Later this year there will now be a Formula One race in the skies.
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