अल-अक़्सा मस्जिद: यरूशलम में बकरे की क़ुर्बानी की तैयारियों ने क्यों बढ़ाया तनाव?
एक दक्षिणपंथी यहूदी समूह उस जगह बकरे की क़ुर्बानी क्यों देना चाहता था जिसे यहूदी और मुसलमान दोनों पवित्र मानते हैं.
यरूशलम की अल-अक़्सा मस्जिद के भीतर झड़प के बाद इसराइल की पुलिस ने क़रीब 350 फ़लस्तीनी श्रद्धालुओं को गिरफ़्तार कर लिया.
ये श्रद्धालु इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन हमास की अपील के बाद मस्जिद परिसर पहुंचे थे.
हमास ने फ़लस्तीनियों से अपील की थी कि वे यहूदी कट्टरपंथियों से मुसलमानों के बेहद पवित्र मानी जाने वाली इस मस्जिद की हिफ़ाज़त करें.
ग़ज़ा के इस फ़लस्तीनी संगठन का कहना था कि यहूदी कट्टरपंथी, अल-अक़्सा मस्जिद के विवादित अहाते के भीतर बकरे की क़ुर्बानी देने की तैयारी कर रहे हैं. यहूदी इस जगह को टेंपल माउंट कहते हैं.
लेकिन, सवाल ये है कि यहूदी कट्टरपंथी आख़िर मस्जिद के अहाते के भीतर ही पशु की बलि क्यों देना चाहते थे, और क्या अभी ऐसा करने का क्या कोई ख़ास कारण है?
बकरे की क़ुर्बानी क्यों?
बकरे की क़ुर्बानी के इस रिवाज की जड़ें यहूदियों की पवित्र मानी जानेवाली किताब तोराह से जुड़ी हुई हैं.
तोराह के मुताबिक़, यहूदियों को मिस्र में ग़ुलाम बनाकर रखा गया था. तब उन्हें आज़ाद कराने के लिए ईश्वर उस ज़मीन से गुज़रे और उन्होंने मिस्र के हर परिवार के पहले बेटे का वध कर डाला.
ईश्वर की तरफ़ से इसराइलियों (यहूदियों) को हुक्म हुआ कि वो एक बकरे की बलि दें और फिर उसके ख़ून से अपने दरवाज़े पर एक निशान बनाएं, जिससे मौत उनके दरवाज़े के सामने से होकर गुज़र जाए और उनके ऊपर क़हर न बरपाए.
किताबों में मिस्र की जिन 'सात दैवीय आपदाओं' का ज़िक्र है उसमें से ये आख़िरी है. कहा जाता है कि ये मिस्र के फराओ (शासक) पर आख़िरी वार था जिसके बाद फराओ ने यहूदी नागरिकों को अपने मुल्क को छोड़कर जाने की इजाज़त दे दी. यहूदी मिथकों में इसे एक्सोडस यानी 'सामूहिक कूच' कहा जाता है.
उसके बाद यहूदी अपने पुरखे अब्राहम को ईश्वर के 'वादे के मुताबिक़ दिए गए देश' पहुंचे, जिसका मतलब आज के इज़राइल से है. उस वक्त से ही एक्सोडस की याद में हर साल, बकरे की क़ुर्बानी देते रहने का रिवाज़ शुरू हुआ.
हालांकि, आज की तारीख़ में ऐसे धार्मिक समूह गिनती के ही हैं, जो इस रिवाज़ का पालन करते हैं.
मस्जिद परिसर में ही क़ुर्बानी क्यों?
यहूदी धर्मावलंबियों के लिए टेंपल माउंट सबसे पवित्र स्थान है. ये उन दो मंदिरों का ठिकाना कहा जाता है, जिनका ज़िक्र बाइबिल में आया है.
कई यहूदी समूह यहां पर ठीक उसी जगह तीसरा मंदिर बनाना चाहते हैं, जहां इस वक़्त अल-अक़्सा मस्जिद का सुनहरा गुंबद यानी गोलडन डोम खड़ा है.
कुछ कट्टरपंथी यहूदी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि क़ुर्बानी यहीं दी जा सकती है.
लेकिन, अल-अक़्सा मस्जिद का परिसर मुसलमानों के लिए भी सबसे पवित्र माने जाने वाले स्थानों में तीसरे नंबर पर है. मुसलमानों के अनुसार, आख़िरी पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद यहीं से जन्नत गए थे. वैसे तो यहूदियों को यहां आने की इजाज़त है, लेकिन, अल-अक़्सा मस्जिद परिसर में ग़ैर मुसलमानों के इबादत करने पर पाबंदी लगी हुई है.
इसराइल ने यरूशलम के इस हिस्से पर 1967 में हुए छह दिनों के युद्ध के दौरान क़ब्ज़ा किया था. उस युद्ध के बाद अल-अक़्सा मस्जिद के संरक्षक जॉर्डन और इसराइल के बीच ये सहमति बनी थी कि यहूदियों को इस जगह पर आने की इजाज़त दी जाएगी, हालांकि मस्जिद परिसर में उन्हें इबादत करने की इजाज़त नहीं होगी.
कई फ़लस्तीनी मस्जिद के परिसर में हथियारबंद इसराइली सुरक्षाबलों की मौजूदगी और श्रद्धालुओं की आवाजाही का विरोध करते हैं. कई मुस्लिम संगठनों ने मस्जिद की हिफ़ाज़त करने की भी क़सम ले रखी है.
अभी ऐसा करने की वजह क्या?
यहूदी कट्टरपंथी समूह हर साल इस बात के लिए लामबंद होते हैं कि उन्हें पासओवर की पूर्वसंध्या पर टेंपल माउंट में बकरे की क़ुर्बानी की इजाज़त दी जाए. कुछ दिनों के इस त्योहार को इसराइली गु़लामी से आज़ादी और ईश्वर के दिए आदेश की तरफ बढ़ने की याद में मनाते हैं.
जब भी यहूदियों का ये त्योहार आता है, इसराइली अधिकारी क़ुर्बानी की तारीख़ से पहले ही एहतियातन कुछ ख़ास लोगों को गिरफ़्तार कर लेते हैं, जिससे मस्जिद परिसर में ये प्रथा पूरी करने की कोशिश न हो और इस कारण तनाव न फैले.
इस साल पासओवर की शुरुआत बुधवार यानी पांच अप्रैल को हुई थी और ये गुरुवार 13 अप्रैल को ख़त्म होगी. इसका मतलब है कि इस साल पासओवर का त्योहार मुसलमानों के लिए पवित्र रमज़ान महीने के वक़्त पड़ रहा है, जिससे तनाव और भी बढ़ गया है.
https://www.youtube.com/watch?v=d1yF6skhkgI
इसके पीछे कौन है?
अल-अक़्सा मस्जिद परिसर में बकरे की क़ुर्बानी देने की कोशिशों के पीछे ख़ास तौर से एक यहूदी कट्टरपंथी समूह का हाथ है. इस संगठन का नाम 'रिटर्न टू दि माउंट' है.
बीबीसी ने पिछले साल इस संगठन के एक नेता रफ़ाएल मॉरिस से बात की थी. रफ़ाएल मॉरिस ने मुसलमान का भेष धरकर अल-अक़्सा मस्जिद परिसर में इबादत करने की कोशिश की थी.
मॉरिस ख़ुद को धार्मिक और यहूदीवाद का समर्थक कहते हैं. वो कहते हैं, "बाइबल में ईश्वर ने हमसे जो वादा किया था, उसके मुताबिक़ मेरा यक़ीन है कि टेंपल माउंट यहूदियों का है. हमारा मिशन टेंपल माउंट पर दोबारा विजय हासिल करना है."
सोमवार को इसराइली पुलिस ने रफ़ाएल मॉरिस को क़ानून और शांति व्यवस्था भंग करने की योजना बनाने के शक़ में गिरफ़्तार कर लिया था.
इसराइली मीडिया ने ख़बर दी थी कि रिटर्न टू दि माउंट ने एलान किया था कि अगर कोई अल-अक़्सा मस्जिद में जाकर बकरे की क़ुर्बानी देने में कामयाब हो जाता है, या फिर ऐसा करने की कोशिश में गिरफ़्तार भी हो जाता है, तो उसे नक़द इनाम दिया जाएगा.
ये भी पढ़ेंः-
- यरूशलम: अल-अक़्सा मस्जिद की इस्लाम में इतनी अहमियत क्यों है?
- इसराइल-फ़लस्तीन हिंसाः क्यों इतने आक्रामक हो गए हैं नेतन्याहू
- इसराइल: अस्मिता और पहचान की जंग में उलझा दुनिया का एकमात्र यहूदी देश
- भारत और इसराइल का गोपनीय प्रेम संबंध?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
-
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
LPG Cylinder Price Today: आज बदल गए रसोई गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें नई रेट लिस्ट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Bengaluru Chennai Expressway: 7 घंटे का सफर अब 3 घंटे में, एक्सप्रेसवे से बदलेगी दो शहरों की रोड कनेक्टिविटी -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट?












Click it and Unblock the Notifications