क्यों अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से डरे इमरान, आर्टिकल 5 पर भारी पड़ सकता है 6, जा सकते हैं जेल

इस्लामाबाद, 04 अप्रैल। पाकिस्तान में जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से सियासी उठापटक चल रही है उसपर दुनियाभर के देशों की नजर है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अब खुद को सत्ता में बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हो गए हैं। दरअसल इमरान खान की सरकार पर अल्पमत का खतरा मंडरा रहा था, विपक्ष ने सदन में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसके बाद इसपर 3 अप्रैल को वोटिंग होनी थी। पूरे पाकिस्तान की नजर इस वोटिंग पर थी, लेकिन वोटिंग से पहले इमरान खान ने अपना आखिरी सियासी दांव चला और अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग को ही खारिज करने के लिए राष्ट्रपति से सिफारिश कर डाली।

क्या कहता है आर्टिकल 5

क्या कहता है आर्टिकल 5

इमरान खान ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को सुझाव दिया कि विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग को नहीं कराया जाए क्योंकि विपक्ष देश के प्रति इमानदार नहीं है। आर्टिकल 5 यह कहता है कि अविश्वास प्रस्ताव पर पाकिस्तान में वोटिंग नहीं हो सकती है, अगर विपक्ष देश के प्रति ईमानदार नहीं है। गौर करने वाली बात है कि इमरान खान लगातार विपक्ष पर विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की ओर से पाकिस्तान के इन नेताओं को पत्र लिखकर पाक की सरकार को गिराने के लिए कहा गया है। इन लोगों ने करोड़ो रुपए लेकर सरकार को गिराने की कोशिश की है, लिहाजा विदेशी ताकतों के प्रभाव में आकर ये लोग पाकिस्तान में जनता द्वारा चुनी गई सरकार को गिराना चाहते हैं,ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग ना कराई जाए और देश में एक बार फिर से आम चुनाव कराया जाए।

राष्ट्रपति ने संसद को किया भंग

राष्ट्रपति ने संसद को किया भंग

सदन के भीतर स्पीकर ने खुद ही इस बात का निर्णय लिया कि वह आर्टिकल 5 का इस्तेमाल करते हुए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग को खारिज करते हैं। जिसके तुरंत बाद इमरान खान ने राष्ट्रपति ने कहा कि आर्टिकल 58 और 48 के तहत संसद को भंग कर दिया जाए और फिर से आम चुनाव कराया जाएगा। जिसके बाद पाकिस्तान में नई सरकार का गठन होगा। इमरान खान के इस सुझाव को राष्ट्रपति ने स्वीकार भी कर लिया और संसद को भंग करने की सुझाव को स्वीकृति दे दी। ऐसे में पाकिस्तान की संसद के भंग होने से इमरान खान की प्रधानमंत्री की कुर्सी भी अपने आप चली गई। लिहाजा यह कहना कि प्रधानमंत्री की कुर्सी का जाना इमरान खान के लिए झटका है, गलत होगा, बल्कि खुद इमरान खान यह चाहते थे।

केयर टेकर पीएम की नियुक्ति

केयर टेकर पीएम की नियुक्ति

अगर पाकिस्तान में फिर से चुनाव होते हैं तो पाकिस्तान में फिर से नया केयर टेकर प्रधानमंत्री बनेगा। राष्ट्रपति ने इसका ऐलान भी कर दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि जबतक केयर टेकर प्रधानमंत्री की नियुक्ति नहीं होती है इमरान खान प्रधानमंत्री रहेंगे। केयर टेकर प्रधानमंत्री को नियुक्त किए जाने के बाद अगले तीन महीने के भीतर आम चुनाव होंगे। हालांकि आगामी आम चुनाव पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही होगा।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

हालांकि प्रधानमंत्री के सुझाव से राष्ट्रपति ने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग को आर्टिकल 5 के तहत खारिज कर दिया, लेकिन इस फैसले को विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ही इस बात को तय करेगा कि क्या आर्टिकल 5 का इस्तेमाल सही परिपेक्ष्य में किया गया है। आधिकारिक तौर पर इमरान खान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटाया गया। पाकिस्तान की कैबिनेट डिवीजन ने इमरान खान नोटिफिकेशन जारी करके उन्हें पीएम पद से हटा दिया है।

इमरान ने क्यों लिया यह फैसला

इमरान ने क्यों लिया यह फैसला

अगर सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में यह कहता है कि आर्टिकल 5 के हत सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं कराना गलत है और विपक्ष एकजुट हो जाता है तो इमरान खान को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल इमरान खान नहीं चाहते थे कि अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के बाद अगर उनकी सरकार गिरती है तो जो नया प्रधानमंत्री बनेगा वह उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा और उन्हें जेल तक भेज सकता है। यही वजह है कि उन्होंने संसद को भंग करने का सुझाव दिया। लेकिन अगर कोर्ट का फैसला अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग को रद्द करने के विरुद्ध आता है तो इमरान खान की मुश्किल बढ़ सकती है और उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।

आर्टिकल 6 पड़ सकता है भारी

आर्टिकल 6 पड़ सकता है भारी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने खुलकर कहा है कि इमरान खान ने आर्टिकल 5 का इस्तेमाल किया है तो हम आर्टिकल 6 का इस्तेमाल करेंगे। आर्टिकल 6 के अनुसार अगर कोई भी आदमी संविधान के खिलाफ जाता है और असंवैधानिक तरीके से सरकार चलाने की कोशिश करता है तो इसे देशद्रोह माना जाएगा। ऐसे में अगर आर्टिकल 5 को सुप्रीम कोर्ट स्वीकार करता है तो इमरान खान बच सकते हैं और पाकिस्तान में फिर से चुनाव होगा। लेकिन आर्टिकल 6 6 के पक्ष में कोर्ट फैसला देता है तो इमरान खान सीधे जेल जा सकते हैं।

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