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ब्रिटेन में मुसलमान छात्रों ने अगर रखे रोजे तो नंबर हो जाएंगे कम!

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लंदन। इंग्लैंड में कुछ मुस्लिम छात्र इन दिनों खासे परेशान हैं और उनकी परेशानी की वजह है रमजान का पवित्र माह। उन्‍हें इस बात की चिंता सता रही है कि अगर उन्‍होंने रोजे रखे तो फिर उनके मार्क्‍स कम हो जाएंगे। इंग्‍लैंड की कई टीचर्स यूनियन ने भी रमजान के दिनों में परीक्षा रखने पर चिंता जताई है।

Why Britain asks Muslim students not to have fasts during Ramadan Ramzaan

छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं

इस वजह से धार्मिक और एकेडमिक कम्‍यूनिटी का कहना है कि जिन छात्रों को मुश्किल हो रही है, वो हर दिन रोजा न रखें। वहीं कुछ छात्रों के लिए आस्था और अपनी पढ़ाई के बीच एक का चुनाव करना काफी मुश्किल हो रहा है। लेकिन जिन छात्रों ने रोजा नहीं रखने का फैसला लिया है वे परीक्षा के बाद व्रत रखेंगे।

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इस वर्ष टूटेगी पूरे माह रोजे रखने की कसम

बीबीसी की रिपोर्ट में ऐसे ही दो मुसलमान छात्रों का उदाहरण दिया गया है। ये दोनों छात्र हैं जैनब और आयशा जो कि इंग्लैंड के उत्तर-पश्चिम में लैंकाशायर काउंटी के नेलसन में रहते हैं। दोनों ही वे पूरे माह रोजे रखते हैं लेकिन अब इस साल सभी रोजे नहीं रख पाने की वजह से काफी दुखी हैं।

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इस्‍लाम भविष्‍य को खतरे में डालने को नहीं कहता

वहीं एसोसिएशन ऑफ स्कूल एंड कॉलेज लीडर्स ने कहा कि इस साल अगर आपको लगता है कि रोजा रखने से बच्चों की परीक्षा पर असर पड़ेगा तो मुस्लिम छात्रों से यह कहना चाहिए कि इस्लाम उन्हें अपने भविष्य को खतरे में डालने के लिए नहीं कहता है।

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English summary
Britain has asked Muslim student for not having fasts during Ramadan. Many teachers Unions feel that fasting in Ramadan may cause low marks to the students.
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