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विकीलीक्स के प्रमुख जुलियन असांज का प्रत्यापर्ण क्यों चाहता है अमरीका?

By Bbc Hindi

जुलियन असांज
Reuters
जुलियन असांज

विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज को गुरुवार को लंदन में इक्वाडोर के दूतावास से गिरफ़्तार कर लिया गया है जहाँ उन्होंने पिछले सात साल से शरण ली थी.

असांज ने साल 2012 से इस दूतावास में शरण ली हुई थी.

गुरुवार को असांज को वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश किया गया जहां वे कोर्ट के सामने सरेंडर ना करने के दोषी पाए गए.

असांज ने अमरीकी सरकार से जुड़ा एक बड़ा ख़ुलासा किय था जिसके बाद उन पर अमरीकी सरकार के खिलाफ़ षड्यंत्र के आरोप हैं.

अमरीका के जस्टिस डिपार्टमेंट का आरोप है कि असांज ने पूर्व अमरीकी इंटेलीजेंस विश्लेषक चेल्सी मैनिंग की मदद से गोपनीय दस्तावेज़ डाउनलोड किए.

अगर असांज पर लगे ये आरोप सिद्ध होते हैं तो अमरीका में उन्हें पांच साल तक की सज़ा का प्रावधान है.

ब्रिटेन की सरकार को ये तय करना है कि वह जुलियन असांज के प्रत्यार्पण को मंज़ूरी देंगे या नहीं.

जुलियन असांज
Getty Images
जुलियन असांज

असांज की वकील जेनिफ़र रॉबिनसन ने कहा है कि वह इस प्रत्यापर्पण का विरोध करेंगी.

उन्होंने कहा, ''प्रत्यार्पण की मांग के ख़िलाफ़ हूं, अगर कोई पत्रकार अमरीका के ख़िलाफ़ दस्तावेज़ के ज़रिए सच सामने लाता है तो उसे अमरीकी सरकार के आरोप झेलने होंगे. ये एक बेहद ख़तरनाक मिसाल साबित होगा.''

असांज पहले भी ये बोल चुके हैं कि अगर वो दूतावास से बाहर निकलेंगे तो उनका प्रत्यार्पण किया जा सकता है.

जेनिफ़र रॉबिनसन
Reuters
जेनिफ़र रॉबिनसन

ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जाविद ने ट्वीट किया है, "मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि जूलियन असांज पुलिस हिरासत में हैं और इस समय ब्रिटेन में कोर्ट की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं."

इक्वाडोर के राष्ट्रपति ने कहा कि अन्य देशों के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने के बाद असांज के व्यवहार को लेकर हमारे देश का धैर्य ख़त्म हो गया है.

मोरेनो ने कहा, "ताज़ा मामला जनवरी 2019 का है, जब विकीलीक्स ने वैटिकन के दस्तावेज़ लीक किया था."

उन्होंने कहा, "ये और अन्य प्रकाशनों से दुनिया का ये संदेह स्पष्ट हो गया है कि असांज अभी भी विकीलीक्स से जुड़े हए हैं और इसलिए वो अन्य देशों के अंदरूनी मसलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं."

असांज का प्रत्यापर्ण क्यों चाहता है अमरीका?

असांज ने साल 2006 में विकीलीक्स की स्थापना की. इसका उद्देश्य गोपनीय दस्तावेज और तस्वीरों को प्रकाशित करना था.

विकिलिक्स ने चार साल बाद तब सुर्खियां बटोरी जब उसने एक फ़टेज जारी किए जिसमें अमरीकी सैनिक इराक में हेलीकॉप्टर से आम नागरिकों की हत्या कर रहे थे.

इस खुलासे में उनका साथ देने वाली अमरीकी विश्लेषक चेल्सी मैनिंग को साल 2010 में अमरीका मे गिरफ़्तार किया गया. उनपर आरोप था कि उन्होंने 7 लाख गोपनीय दस्तावेज़, वीडियो और डिप्लोमैटिक केबल का खुलासा एंटी सीक्रेसी वेबसाइट के साथ मिलकर किया.

चेल्सी के मुताबिक उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि अमरीका की विदेश नीति पर बहस शुरु हो लेकिन अमरीका का कहना है कि उन्होंने ऐसा करने कई जानों को खतरें में डाल दिया है.

विकीलीक्स

पिछले साल वर्जीनिया राज्य में जारी किए गए असांजे के ख़िलाफ़ अभियोग में आरोप है कि उन्होंने 2010 में मैनिंग के साथ रक्षा विभाग की गोपनीय जानकारी हासिल करने की साज़िश रची थी.

अभियोग के मुताबिक़ मैनिंग ने जनवरी और मई 2010 के बीच अमरीकी विभागों और एजेंसियों से चार डेटाबेस डाउनलोड किए और इसे विकिलीक्स को मुहैया कराई.

अमरीका का न्याय विभाग ने इसे "संयुक्त राज्य अमरीका के इतिहास की सबसे बड़ी गोपनीय जानकारी के साथ छेड़छाड़'' का मामला बताया है.

अभियोग का आरोप है कि कंप्यूटर पर पासवर्ड को क्रैक किया गया. अमरीकी इंटेलीजेंस विश्लेषक चेल्सी मैनिंग ने इस दस्तावेज़ों के लिए इस तरह से लॉग ऑन किया ताकि जांचकर्ताओं के लिए खुलासे के स्रोत को तय कर पाना कठिन हो.

BBC Hindi
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English summary
Why America wants WikiLeaks chief Julian Assanges extradition
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