Mohammad Bagheri Bio: कौन थे ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी? इजराइल हमले में हुई इनकी मौत
Mohammad Bagheri: इजराइल ने शुक्रवार 13 जून 2025 की सुबह ईरान पर हमला किया। इस हमले की पुष्टि इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज ने की है। इजराइल के हमले में ईरान के सेना प्रमुख चीफ ऑफ स्टाफ, मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी के मौत की खबर सामने आई है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने पुष्टि कर दी है कि मोहम्मद बाघेरी की मौत इजराइल के 'प्रीएम्पटिव स्ट्राइक' (पहले से किए गए हमले) में हो गई है।
ईरान के सरकारी न्यूज चैनल प्रेस टीवी ने भी जनरल बाघेरी की मौत की पुष्टि की है। इसके साथ ही इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने भी शुक्रवार को ईरान पर किए गए हमलों में बाघेरी की मौत की जानकारी दी है। इजराइली अटैक में मोहम्मद बाघेरी के अलावा रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के चीफ कमांडर हुसैन सलामी की मौत भी हुई है। ऐसे में आइए जानें कौन थे ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी।

Who was Mohammad Bagheri? कौन थे मोहम्मद बाघेरी?
🔴 मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी ईरान की इस्लामी क्रांति गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संबंध रखने वाले वरिष्ठ सैन्य अधिकारी थे। वे ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ थे और उनका अनुभव इराक-ईरान युद्ध, कुर्द विद्रोह, सीरिया गृहयुद्ध और खुफिया संचालन में रहा है।
🔴 मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी का जन्म तेहरान में हुआ था और उनका मूल नाम मोहम्मद-हुसैन अफशोर्दी था। हालांकि, उनके जन्म वर्ष को लेकर अलग-अलग दावे हैं -कुछ रिपोर्टों और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार उनका जन्म 1960 में हुआ था, जबकि अन्य स्रोत उन्हें 1958 में जन्मा बताते हैं।
🔴 मोहम्मद बाघेरी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी थे। साल 2016 से वे ईरान की सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर कार्यरत थे, जो कि देश की सबसे ऊंची सैन्य जिम्मेदारी मानी जाती है।
🔴 मोहम्मद बाघेरी एक सैन्य खुफिया विशेषज्ञ भी थे। उन्होंने 1980 में IRGC जॉइन किया और 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध में हिस्सा लिया।
🔴 मोहम्मद बाघेरी के पास इंजीनियरिंग की डिग्री थी। उन्होंने तर्बियत-ए मोदरेस विश्वविद्यालय से राजनीतिक भूगोल (Political Geography) में पीएचडी (डॉक्टरेट) की डिग्री भी ली थी।
🔴 मोहम्मद बाघेरी को 28 जून 2016 को जनरल स्टाफ ऑफ आर्म्ड फोर्सेज (AFGS) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इससे पहले वे जनरल स्टाफ में खुफिया और संचालन के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने हसन फिरोजीबादी का स्थान लिया, जो इस पद पर 27 सालों तक बने रहे।
इस्लामी क्रांति और मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी की गतिविधियां
🔵 मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी और अन्य कमांडर जैसे मोहम्मद अली जाफरी, अली फदवी और गुलाम अली रशीद को अमेरिकी थिंक टैंक अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टिट्यूट (AEI) ने IRGC कमांड नेटवर्क का हिस्सा बताया है।
🔵 यह नेटवर्क ईरान की सेना के योजना निर्माण, सैन्य अभियान, खुफिया काम, असमानी जंग अभियानों के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा को कंट्रोल करता है।
🔵 मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक बाघेरी की गतिविधियां 1979 की ईरान की इस्लामी क्रांति के समय से जुड़ी हैं। वह उन छात्रों में शामिल थे जिन्होंने अमेरिकी दूतावास पर हमला किया और उसे कब्जे में ले लिया था।
🔵 बाघेरी ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के दौरान लगभग सभी प्रमुख सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया था, केवल कुछ अभियानों को छोड़कर। उनके बड़े भाई हसन बाघेरी, जिनका असली नाम गुलाम हुसैन अफशोर्दी था, ईरान-इराक युद्ध में मारे गए एक प्रमुख IRGC कमांडर थे।












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