Ibrahim Aqil: इब्राहिम अकील की मौत ने तोड़ दी हिज्बुल्लाह की कमर, जानिए 58 करोड़ का इनामी आतंकी कौन था?
Who Was Ibrahim Aqil: इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में एक रिहायशी इलाके पर भीषण हमला कर वरिष्ठ हिज्बुल्लाह कमांडर इब्राहिम अकील को मौत के घाट उतार दिया है। हिज्बुल्लाह ने शुक्रवार को उसकी मौत की पुष्टि कर दी है।
खतरनाक ऑपरेशन के बाद इजराइल ने दावा किया था, कि उसने दहियाह इलाके में हमले में इब्राहिम अकील को "खत्म" कर दिया है। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रारंभिक आंकड़ों में बताया है, कि हमले में कम से कम 14 लोग मारे गए और 66 अन्य घायल हो गए हैं।

इब्राहिम अकील पर था 58 करोड़ का इनाम
इब्राहिम अकील, हिज्बुल्लाह के प्रमुख राडवान फोर्स का सीनियर कमांडर था, जिसपर अमेरिकी विदेश विभाग की तकरफ से 7 मिलियन डॉलर, यानि करीब 58 करोड़ रुपये का इनाम रखा दया था। अलजजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है, कि कथित तौर पर हिज्बुल्लाह और एक अज्ञात फिलिस्तीनी समूह के बीच एक संयुक्त बैठक चल रही थी, जब इजराइल ने भीषण हमला किया, जिसमें कम से कम दो बिल्डिंग्स ध्वस्त हो गईं और इसमें इब्राहिम अकील मारा गया।
अलजजीरा ने चश्मदीदों के हवाले से बताया है, कि अब इमारत के स्थान पर भूरे रंग के मलबे के ढेर दिखाई दे रहे हैं और सड़क पर मोटी धूल फैल गई, वहीं लेबनानी नागरिक सुरक्षा बल, जीवित बचे लोगों की तलाश में मलबों की खुदाई कर रहे हैं।
इस हमले ने हिज्बुल्लाह को एक और बड़ा झटका दिया है। इससे पहले इस समूह पर इस हफ्ते की शुरुआत में एक अभूतपूर्व हमला हुआ था, जिसमें इसके सदस्यों की तरफ से इस्तेमाल किए जाने वाले पेजर और वॉकी-टॉकी में धमाके हुए थे, जिसमें 37 लोग मारे गए थे और हजारों लोग घायल हुए हैं।
यह दो महीने से भी कम समय में दूसरी बार है, जब इजरायल ने बेरूत में हिज्बुल्लाह के एक प्रमुख सैन्य कमांडर ढेर कर दिया है। इससे पहले जुलाई में, एक इजराइली हवाई हमले में हिज्बुल्लाह के शीर्ष सैन्य कमांडर फुआद शुकर की मौत हो गई थी। अलजजीरा ने माना है, कि हिज्बुल्लाह के सशस्त्र बलों के दूसरे-इन-कमांड अकील की हत्या समूह के लिए एक और बड़ा झटका होगा।

कौन था हिज्बुल्लाह का कमांडर अकील?
इजराइणली सेना के मुताबिक, इब्राहिम अकील 1980 के दशक में हिज्बुल्लाह में शामिल हुआ था और लेबनान के बाहर हमलों को अंजाम देता था। हिज्बुल्लाह के ज्यादातर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की तरह, अकील भी एक संदिग्ध आतंकी रहा है, जिसने कभी सार्वजनिक रूप से अपनी मौजूदगी नहीं दिखाई।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अकील, जिसे तहसीन के नाम से भी जाना जाता है, वो हिज्बुल्लाह कि डिसीजन मेकिंग बॉडी का अहम हिस्सा था और उसके सर्वोच्च मिलिट्री यूनिट का सीनियर कमांडर था।
साल 1983 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर हुए भीषण हमले में उसे वांटेड आतंकवादी करार दिया गया था, जिसमें 63 लोग मारे गये थे। इसके अलावा, एक और भीषण बम धमाका अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बैरक पर किया गया था, जिसमें 241 जवान मारे गये थे। इन हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक जिहाद ने ली थी, जो हिज्बुल्लाह का ही एक सेल है, जिसका अकील एक सीनियर सदस्य था।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अकील ने 1980 के दशक में अमेरिकी और जर्मन लोगों को पकड़ने और उन्हें बंदी बनाने का भी आदेश दिया था। रदवान फोर्स इजरायल के साथ हिज्बुल्लाह की सीमा पार लड़ाई में सबसे आगे है।












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