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कौन हैं हिजाब गर्ल फातिमा पेमान, जो बनी ऑस्ट्रेलिया की पहली हिजाबी महिला सांसद, रचा इतिहास

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कैनबरा, जून 21: फातिमा पेमान ने ऑस्ट्रेलिया की छठी और अंतिम सीनेट चुनाव जीतकर इतिहास रह दिया है और 27 साल की फातिमा पेमान पहली हिजाबी महिला सांसद बनी हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की संसद पहुंची है। फातिमा पेमान पहली अफगान-ऑस्ट्रेलियाई और संसद में पहली हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला बन गई हैं। सबसे खास बात ये है, कि फातिमा पेमान उस दिन चुनाव जीती हैं, जिस दिन विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जा रहा है।

अफगान मूल की हैं फातिमा पेमान

अफगान मूल की हैं फातिमा पेमान

फातिमा पेमान अफगानिस्तान की एक पूर्व शरणार्थी है और लिबरल सीनेटर माइकलिया कैश और डीन स्मिथ के साथ, लेबर सीनेटर सू लाइन्स और ग्लेन स्टर्ल के फिर से चुने जाने के बाद, वह राज्य की एकमात्र नई सीनेटर हैं। अंतिम सीट ग्रीन सीनेटर डोरिंडा कॉक्स के पास है, जो 2021 में सीनेट में WA का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली स्वदेशी महिला बनीं। वहीं, चुनाव जीतने के बाद फातिमा पेमान ने खुशी जताई है और उन्होंने कहा कि, 'हम जीत गए!!!! मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि मुझे आधिकारिक तौर पर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के लिए एक सीनेटर के रूप में चुना गया है'। उन्होंने लिखा कि, 'आपके प्यार और समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद! हमने कर दिखाया!' वहीं, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने भी उन्हें जीत की बधाई दी है।

माता-पिता के साथ पहुंची थी ऑस्ट्रेलिया

माता-पिता के साथ पहुंची थी ऑस्ट्रेलिया

फातिमा पेमान अपने माता-पिता और तीन भाई-बहनों के साथ अफगानिस्तान से शरणार्थी बनकर ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी और उत्तरी पर्थ में उनकी परवरिश हुई। जिस समय फातिमा ऑस्ट्रेलिया आई थीं, वो काफी छोटी थीं और अपने शुरुआती वर्षों में, उनके पिता ने चौबीसों घंटे रसोई में काम करते हुए, एक सुरक्षा गार्ड और एक टैक्सी चालक के रूप में काम किया।

पिता से प्रेरणा लेकर बढ़ीं आगे

पिता से प्रेरणा लेकर बढ़ीं आगे

जब वह छोटी थी, तब अपने माता-पिता की कड़ी मेहनत से प्रेरित होकर, फातिमा पेमैन, यूनाइटेड वर्कर्स यूनियन के लिए काम करने लगीं और 2018 में अपने पिता की मौत होने के बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया और अपने जैसे मेहनती ऑस्ट्रेलियाई लोगों का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया। वह महिलाओं, युवाओं और सांस्कृतिक रूप से विविध समुदायों के लिए बाधाओं को तोड़ने के बारे में भावुक हैं।

अफगान एंबेसी ने भी दी बधाई

अफगान एंबेसी ने भी दी बधाई

वहीं, फातिमा पेमैन के सांसद बनने के बाद ऑस्ट्रेलिया में अफगान दूतावास ने कहा कि यह खबर सुनकर खुशी हुई, खासकर विश्व शरणार्थी दिवस पर। अफगान दूतावास ने लिखा कि, 'इस #WorldRefugeeDay पर हमें यह सुनकर खुशी हो रही है कि फातिमा पेमान, एक अफगान शरणार्थी, जो अब एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं, उन्होंने @Aust_Parliament की सीनेटर बन गई हैं। बहुत बधाई, सीनेटर फातिमा पेमैन!"

मुस्लिम छात्रों ने दी बधाई

मुस्लिम छात्रों ने दी बधाई

वहीं, ऑस्ट्रेलियन इस्लामिक कॉलेज पर्थ ने ट्विटर पर नए सीनेटर को बधाई दी, जिसके साथ पेमान का एक वीडियो मुस्लिम छात्रों के एक समूह को सलाह दे रहा था। वहीं, फातिमा की जीत पर डब्ल्यूए सांसद पैट्रिक गोर्मन ने गर्व जताया है और फातिमा पेमैन को एक सशक्त महिला बताया है। उन्होंने कहा कि, फातिमा पेमैन ने अफगानिस्तान की संस्कृति को सहेजकर रखा है। वहीं, लेबर सीनेटर लाइन्स ने कहा कि, फातिमा पेमैन ने आज इतिहास कामय कर दिया है।

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English summary
Who is hijab girl Fatima Peman, who has become Australia's first hijabi Muslim woman parliamentarian.
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