ईरान का कहां गया 400 किलो यूरेनियम? इससे बन सकते हैं 10 परमाणु बम, दहशत में अमेरिका और इजराइल
Iran-Israel conflict: अमेरिका ने बीते सप्ताह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर छह बंकर बस्टर गिराकर तबाही मचाई थी। इस हमले के जरिए अमेरिका ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट कर देना चाहता था। इस हमले के बाद अब संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा दावा किया है। एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में जेडी वेंस ने दावा किया है कि ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर छह 'बंकर बस्टर' गिराए जाने के बाद 400 किलोग्राम यूरेनियम का जखीरा गायब है।
बता दें 400 किलोग्राम युरेनियम इतना होता है कि इससे 10 परमाणु हथियार तक बनाए जा सकते हैं। ये 60 फीसदी तक संवर्द्धित 400 किलो ईरानी यूरेनियम कहां गायब हो गया है ? इसको लेकर अमेरिका और इजराइल दोनों ही देश खौफ में हैं, उनकी नींद उड़ गई है।

क्या ईरान ने हमले से पहले कहीं और छिपा दिया था?
ऐसी खबरें हैं कि ईरान ने हमले से कुछ दिन पहले ही कुछ उपकरणों के साथ यूरेनियम के जखीरे को एक गुप्त स्थान पर ट्रांसफर कर दिया था। न्यून्यूयॉर्क पोस्ट ने ईरानी सरकारी मीडिया का हवाला देते हुए बताया कि सभी तीन परमाणु ठिकानों को खाली करा लिया गया था।
क्या ईरान ने ट्रकों से निकाल लिया था सामान?
याद रहे अमेरिका द्वारा बम ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान परमाणु सुविधाओं पर गिराए गए थे। अमेरिका के हमले से पहले की सैटेलाइट तस्वीरों में फोर्डो परमाणु संयंत्र के बाहर 16 ट्रकों की एक लाइन दिखाई दी, जो एक पहाड़ के अंदर बना है और इसे अधिकांश मिसाइल हमलों से अभेद्य माना जाता है। हमले के बाद की तस्वीरों में ये ट्रक गायब थे। अमेरिकी बमबारी के बाद फोर्डो की पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों ने इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या ईरान ने अमेरिका और इजरायल को धोखा दिया है?
कहां गायब हो गया 400 किला युरेनियम?
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यूरेनियम कब और कहां ट्रांसफर किया गया लेकिन अमेरिका और इजराइल का मानना है कि इसे इस्फ़हान के पास एक अन्य अंडग्राउंड भंडारण सुविधा में ट्रांसफर कर दिया गया है। फ्री प्रेस ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ये वाहन 24 घंटे की अवधि में आते-जाते रहे, और ऐसा लगता है कि वे आधे मील की दूरी पर किसी गुप्त वस्तु को ले जा रहे थे।
IAEA प्रमुख का बयान
IAEA के प्रमुख ग्रॉसी ने CNN को बताया कि ईरान ने "इस बात को छिपाया नहीं है कि उन्होंने मैटेरियल की सुरक्षा की है"। बाद में, उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को भेजे एक संदेश में स्वीकार किया कि वह 400 किलोग्राम यूरेनियम के भंडार की बात कर रहे थे। IAEA प्रमुख ने बताया कि उनकी संयुक्त राष्ट्र टीम के निरीक्षकों ने आखिरी बार इस भंडार को ईरान पर इजरायली हमले से लगभग एक सप्ताह पहले देखा था। यह इस्फहान के पास एक अन्य परमाणु परिसर के अंदर संग्रहीत किया गया था।
क्या ईरान के पास वास्तव में परमाणु हथियार हैं?
ईरान लंबे समय से जोर देकर कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। लेकिन परमाणु बम बनाने के दावों को इजराइल ने अपने हमले से पहले लाल झंडी के रूप में लहराया था। तेल अवीव ने यहां तक सुझाव दिया कि तेहरान परमाणु हथियार बनाने की प्रक्रिया में 'पॉइंट ऑफ नो रिटर्न' तक पहुंच रहा है।
इजराइल के हमलों के बाद, ईरान ने परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली की गैर-प्रसार संधि से वापस लेने की धमकी भी दी थी। ईरान के उप विदेश मंत्री, तख्त रावानची ने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के दावों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा, "कोई हमें यह नहीं बता सकता कि क्या करना है।












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