अमेरिका के खिलाफ करीब आ रहे हैं दो प्रतिद्वंदी ! कौन बनेगा 'गेम चेंजर'?
अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम की आड़ में उस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में रूस और ईरान देशों को एक ही मंच पर देखना कोई बड़ी बात नहीं है।
तेहरान, 20 जुलाई : रूस और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियां अमेरिका के लिए चिंता का सबब बन सकता है। इसलिए शायद बाइडेन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ईरान दौरे पर अपनी कड़ी नजर बनाए होंगे। यूक्रेन जंग के बाद पुतिन सोवियत संघ से बाहर के देश ईरान की यात्रा की है। तेहरान में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ बातचीत की।

क्या दोस्ती हो पाएगी
24 फरवरी को रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद पुतिन की पहली विदेश यात्रा है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के राष्ट्रपति के कार्यालय में हुई। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। वहीं एक सवाल और भी है कि क्या रूस और ईरान जैसे दो प्रतिद्वंदी देश कभी एक साथ आगे बढ़ सकते हैं?

दो प्रतिद्वंदी देश एक साथ
एक सच्चाई यह भी है कि, रूस और ईरान भले ही अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर एक साथ होने की कोशिश कर रहे हैं, भले ही पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव के बीच रूस और ईरान एक साथ एक ही मंच पर दिख रहे हो लेकिन यह भी सच है कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा उत्पादन को लेकर आपस में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में किसी भी वक्त दोनों के बीच अलगाव की भी संभावना प्रबल है। ऐसी स्थिति में दोनों देशों के बीच बढ़ रही दोस्ती क्या कायम रह पाएगी, क्या ईरान और रूस एक दूसरे को समय पड़ने पर मदद करेगा? इस विषय पर बहस जरूरी है।

क्या यूक्रेन युद्ध में ईरान रूस की मदद कर सकता है?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान रूस को हजारों घातक ड्रोन देने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, अन्य देशों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने आरआईए समाचार एजेंसी के हवाले से कहा कि पुतिन ने ईरान के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की थी। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पिछले सप्ताह कहा था, रूस यूक्रेन के लोगों को मारने के लिए ईरान के साथ गठबंधन को गहरा कर रहा है, जिसे पूरी दुनिया को एक गंभीर खतरे के रूप में देखना चाहिए ।

तुर्की ने यूक्रेन की मदद की !
जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन ने रूसी सेना के खिलाफ भारी मात्रा में टैंकों और अन्य विध्वंसक बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए तुर्की से बायरकाटर ड्रोन का इस्तेमाल किया था। लंदन में RUSI थिंक-टैंक के एक युद्ध विशेषज्ञ जैक वाटलिंग ने कहा कि ईरानी ड्रोन रूस को यूक्रेन की जंग में काफी सहयोग करेगा।

रूस और ईरान की दोस्ती से क्या कुछ बदलेगा
जानकार बताते हैं कि, यूएवी (unmanned aerial vehicle) की आपूर्ति से परे ईरान रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर सकता है और संभावित रूप से हथियार प्रणालियों के निर्माण में सहयोग कर सकता है। वहीं, ईरान के पास अपने विवादित परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी प्रतिबंधों से बचाव करने का कई सालों का अनुभव है। वाटलिंग ने कहा, रूस ईरान को पश्चिमी प्रतिबंधों से बचाने की दिशा में ईरान पर भरोसा कायम कर रहा है। अब देखना है कि आगे दो प्रतिद्वंदी देशों की बीच की दोस्ती आगे किसी करवट लेती है।












Click it and Unblock the Notifications