Japan News: स्मोक बम क्या है? जिसके हमले में बाल-बाल बचे जापानी PM फुमियो किशिदा
बीते साल 8 जुलाई को जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोलीबारी उस वक्त हुई जब वे एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और भाषण दे रहे थे।

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा की रैली में स्मोक बम से धमाका किया गया, जिसमें वो बाल-बाल बच गए। सुरक्षा बलों ने फौरन PM किशिदा को सुरक्षित बाहर निकाला। जापानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना में उन्हें कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ है।
NHK वर्ल्ड की रिपोर्ट में सूत्रों के आधार पर कहा गया है कि पीएम किशिदा को कोई चोट नहीं आई है। वहां उनकी सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को ढाल प्रदान किया और बम फटने से पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया। धमाके के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि किशिदा के पास एक चांदी के पाइप जैसी कोई चीज फेंकी गई थी जिसके बाद धमाके की तेज आवाज सुनाई दी। PM किशिदा पश्चिमी जापानी बंदरगाह वाकायामा में एक रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। यहां वे कुछ मछलियों को देख रहे थे।
इसके बाद उन्हें एक उप-चुनाव के लिए अपनी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में भाषण देना था। घटनास्थल पर मौजूद एक महिला ने मीडिया को बताया, "मैं दंग रह गई। मेरा दिल अभी भी तेजी से धड़क रहा है।"
घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने एनएचके को बताया कि जैसे ही किसी ने विस्फोटक फेंका, उसके फटने से पहले ही भीड़ दहशत में तितर-बितर होने लगी थी। सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के चुनावी रणनीति अध्यक्ष हिरोशी मोरियामा ने एनएचके को बताया, "लोकतंत्र की नींव रखने वाले चुनाव अभियान के बीच ऐसा कुछ होना खेदजनक है। यह अक्षम्य अत्याचार है।"
स्मोक बम को एक विशिष्ट तरीके से तैयार किया जाता है। इसका उपयोग किसी को हानि पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि नाइट क्लब्स, पार्टियों और अन्य अवसरों पर रंगीन धुआं उत्पन्न करने के लिए होता है। स्मोक बम में धुएं को रंगीन बनाने के लिए कई रंगीन पाउडर मिलाए जाते हैं।
एक खास प्रक्रिया के तहत उच्च तापमान में वह रंगीन पाउडर धुंआ बनकर निकलता है। जैसे कि हम आपको बता चुके हैं कि स्मोक बम खतरनाक नहीं होता लेकिन इसमें कुछ बदलाव कर इसे खतरनाक बनाया जा सकता है। इसके अलावा अगर इसे गलत तरीके से बनाया गया है तो भी ये खतरनाक हो सकता है।
1848 में आविष्कारक रॉबर्ट येल द्वारा पहला स्मोक बम बनाया गया था। उन्होंने एक पुराने चीनी आतिशबाजी शैली में कुछ प्रयोग कर इसे विकसित किया। इसे ऑक्सीडाइजर, शर्करा और पोटाशिय क्लोरैट की मदद से बनाया जाता है।












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