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VIDEO: 50 डिग्री की भीषण गर्मी से जल रहा था दुबई, ड्रोन ने कैसे करवाई झमाझम बारिश ? देखिए

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दुबई, 22 जुलाई: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) इस वक्त भयंकर गर्मी की चपेट में है। इसके दुबई शहर ने 50 डिग्री के तापमान से छुटकारा पाने के लिए टेक्नोलॉजी के सहारे बारिश कराने का फैसला किया है। क्योंकि, उसे लगा कि इतनी गर्मी में वह प्रकृति के भरोसे बैठे नहीं रह सकता है। उसने कृत्रिम बारिश के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया और शहर के लोगों ने झमाझम बारिश का आनंद लिया। कई इलाकों में तो इस तकनीक से इतनी ज्यादा बारिश हुई कि मौसम विभाग को ऑरेंज अलर्ट जारी करना पड़ गया। हालांकि, यह तकनीक अभी भी ट्रायल में है, लेकिन इसकी कामयाबी इसे आगे भी जारी रखने का कारण बन सकता है। (तस्वीरें सौजन्य: 'ऑफिशियल यूएई वेदर' के इंस्टाग्राम वीडियो ग्रैब से)

दुबई में ड्रोन ने करवाई झमाझम बारिश

दुबई में ड्रोन ने करवाई झमाझम बारिश

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी ने कृत्रिम बारिश की आइडिया पर लाखों रुपये खर्ज किए हैं। इसकी वजह ये है कि हर साल होने वाले लू के थपेड़ों से बचने का कोई उपाय खोजा जाए। क्योंकि, औसत बारिश में वहां हर साल कुछ न कुछ कमी ही दर्ज होती जा रही है। यूएई ने इस काम पर 2017 से ही फंड लगाना शुरू कर दिया था। इसकी अगुवाई यूनाइटेड किंग्डम स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के प्रोफेसर मार्टेन अंबाम कर रहे हैं। इसके लिए खास तरह के ड्रोन बनाए गए हैं, जो कि बादलों में इलेक्ट्रिकल चार्ज छोड़ते हैं और उसके बदले धरती पर बारिश की रिमझिम फुहारें गिरने लगती हैं। विज्ञान की भाषा में इस प्रक्रिया को क्लाउड-सीडिंग कहा जाता है।

50 डिग्री की भीषण गर्मी से जल रहा था दुबई

50 डिग्री की भीषण गर्मी से जल रहा था दुबई

इस साल 50 डिग्री के तापमान से उबरने के लिए दुबई में क्लाउड-सीडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। 'ऑफिशियल यूएई वेदर' के इंस्टाग्राम पेज से इस बारिश के कुछ वीडियो शेयर किए गए हैं, जिसमें सड़कों पर बारिश की झमाझम बूंदें गिरती नजर आ रही हैं और उसी में गाड़ियां दौड़ती दिख रही हैं। जाहिर है कि कृत्रिम ही सही, लेकिन इस बरसात से शहर के लोगों को भयानक गर्मी से बहुत ही राहत मिली है। हालांकि, वीडियो देखकर लोग एकबार जरूर सोच में पड़ सकते हैं कि क्या वाकई यह वीडियो दुबई की सड़कों का है और वह भी कृत्रिम!

कई इलाकों में येलो वार्निंग जारी की गई

इस वीडियो को देखने से तो लगता है कि वैज्ञानिक जिस कृत्रिम बारिश तकनीक पर काम कर रहे हैं, उनका प्रोजेक्ट कामयाब हो चुका है। कई इलाकों में स्थित ऐसी हो गई कि बहुत ज्यादा बारिश होने के चलते येलो वॉर्निंग जारी करनी पड़ गई। यह तकनीक वहां अभी ट्रायल की स्थिति में ही है। नेशनल न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल शुरू के 6 महीनों में वहां 200 बार से ज्यादा क्लाउड सीडिंग किया गया था।

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क्लाउड सीडिंग क्या है ?

क्लाउड सीडिंग क्या है ?

क्लाउड सीडिंग वह तकनीक है, जिसमें बादलों को जरूरत के हिसाब से इलेक्ट्रिक शॉक देकर बारिश कराई जाती है। इस प्रकिया में सिल्वर आयोडाइड या ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को ड्रोन या विमानों के जरिए बादलों में फैला दिया जाता है। जिस इलाके में बारिश करवाने का टारगेट होता है, वहां हवा के उलट दिशा में इसका छिड़काव होता है। इस प्रक्रिया में बादल के छोटे-छोटे कण हवा से नमी सोख लेते हैं और फिर वही रासायनिक प्रक्रियाओं के बाद भारी बूंदों में तब्दील होकर रिमझिम बारिश कराने लगती हैं।

English summary
Video:Drone-assisted artificial rain in Dubai, due to the possibility of more rain in many areas, a yellow alert was also issued
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