• search

ट्रंप की मांग के बाद अमेरिकी सेना में समलैंगिकों की भर्ती पर लग सकती है रोक

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। अमेरिकी सेना में समलैंगिकों की भर्ती पर रोक लग सकती है। सेना में किसी भी पद पर समलैंगिकों को नौकरी नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि अगले साल से अमेरिकी सेना में किसी भी पद के लिए समलैंगिकों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

     USA ban on recruitment of Homosexual in army from next year

    दरअसल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने संघीय अदालत से अनुरोध किया है कि वह पेंटागन द्वारा समलैंगिकों की भर्ती पर अगले साल से रोक लगा दे। आपको बता दें कि पेंटागन को एक जनवरी से समलैंगिक आवेदनकर्ताओं की भर्ती शुरू करनी है। इस नियुक्ति प्रक्रिया के शुरू होने से पहले ट्रंप प्रशासन उसे रोकना चाहती है। बीते साल जुलाई में डोनाल्ड ट्रंप ने समलैंगिकों की नियुक्ति को लेकर 3 ट्वीट किए थे, जिसमें उन्होंने सेना में समलैंगिकों को किसी भी पद पर नौकरी नहीं दिए जाने की बात कही थी। ट्रंप के इन ट्वीटों के बाद व्हाइट हाउस की ओर से औपचारिक ज्ञापन दिया गया ,लेकिन उसने इस रोक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

    इन प्रदर्शनों को देखते हुए दो संघीय अदालतों ने प्रतिबंदध पर अस्थायी रोक लगा दी और पहले की तरह सेना में समलैंगिकों की नियुक्ति का रास्ता खोल दिया, लेकिन अब ट्रंप प्रशासन अदालत के माध्यम से सेना में समलैंगिकों की नियुक्ति को रोकना चाहती है। अब देखना होगा कि ट्रंप प्रशासन इसे रोक पाने में कामियाब हो पाती है या नहीं।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    The Trump administration is seeking to delay enlistment of transgender people in the military, which a federal judge has ruled must start January 1.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more