Chunav Result: कश्मीर इलेक्शन रिजल्ट पर पाकिस्तानी पत्रकार की बेइज्जती, अमेरिकी विदेश विभाग से पूछा था सवाल

The US State Department responded to the Jammu and Kashmir assembly election results, highlighting the importance of free and fair elections.

US Reaction on Jammu Kashmir Election Result: अमेरिका ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव और मंगलवार को आए चुनावी नतीजे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) बहुमत हासिल करने में नाकाम रही और नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने "ऐतिहासिक जीत" दर्ज की है।

वाशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने पाकिस्तानी पत्रकार की तरफ से पूछे गए सवाल को नजरअंदाज करते हुए कहा, "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एक संपन्न लोकतंत्र की आधारशिला हैं और जब इन चुनावों की बात आती है, तो हम किसी भी पार्टी या उम्मीदवार पर कोई रुख नहीं अपनाते हैं।"

US Reaction on Jammu Kashmir Election Result

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल का कोई भाव नहीं दिया, जो पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है, जो लंबे अर्से से अमेरिका की मध्यस्थता चाहता है।

सवाल पूछने वाले पत्रकार ने 21 अप्रैल 1948 को अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव 47 का हवाला दिया। साथ ही, पत्रकार ने जो बाइडेन के नेतृत्व वाले प्रशासन की टिप्पणियों के बारे में पूछा, कि वे चुनावों को कैसे देखते हैं, खासकर जब यह चुनाव घाटी में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद पहली बार करवाया गया है।

जिसपर, मिलर ने सवालों का जवाब देने से परहेज किया।

आपको बता दें, कि 1948 में भारत और पाकिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र आयोग ने ऐसे उपायों की सिफारिश की थी, जिससे लड़ाई को रोका जा सके और स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह के लिए उचित परिस्थितियां बनाई जा सकें, ताकि यह तय किया जा सके, कि जम्मू और कश्मीर राज्य भारत में शामिल होगा या पाकिस्तान में। हालांकि, नई दिल्ली ने हमेशा कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

धार्मिक स्वतंत्रता के सवाल पर क्या बोला US?

संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा, कि उसने भारत पर हाल ही में जारी USCIRF (संयुक्त राज्य अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग) की रिपोर्ट देखी है, और कहा, कि वे हर देश में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर नजर रखना जारी रखते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के आधिकारिक प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने आगे रेखांकित किया, कि USCIRF एक "स्वतंत्र आयोग" है, और "विदेश विभाग का हिस्सा नहीं है।"

उन्होंने कहा, कि "हां, हमने रिपोर्ट देखी है। USCIRF एक स्वतंत्र आयोग है, जो कार्यकारी शाखा के साथ-साथ कांग्रेस को नीतिगत सिफारिशें प्रदान करता है। यह विदेश विभाग या कार्यकारी शाखा का हिस्सा नहीं है।"

मिलर की टिप्पणी भारत पर धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट पर मीडिया के सवालों के जवाब में आई, और इसने विदेश विभाग से कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने और भारत को CPC नामित करने की सिफारिश की है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता ने आगे कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, पिछले वर्ष दिसंबर में सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद, विदेश मंत्री ने यह आकलन किया था, कि भारत विशेष चिंता वाले देश के रूप में नामित होने की सीमा को पूरा नहीं करता है, लेकिन हम भारत सहित हर देश में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहे हैं।"

USCIRF रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज

यूएससीआईआरएफ ने अपनी रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

विदेश मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर संयुक्त राज्य अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे "दुर्भावनापूर्ण" बताया, जिससे संगठन की छवि और खराब होती है। इसने आगे यूएससीआईआरएफ को एक राजनीतिक एजेंडे वाला "पक्षपाती संगठन" कहा, जो तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना और भारत के बारे में "प्रेरित कथा" फैलाने की कोशिश कर रहा है।

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