US Election SPL: अमेरिका का सबसे घटिया राष्ट्रपति, जिनके फैसले आज भी गूंजते हैं, जॉर्ज डब्ल्यू बुश की कहानी
US Election SPL: अमेरिका में अब तीन हफ्ते में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट दिए जाएंगे, जिसमें मुकाबला डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच है। लेकिन, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर करीब से नज़र डालने वाली प्रोफाइलों की श्रृंखला हम आपके सामने ला रहे हैं, जिसकी चौथी कड़ी में आज हम बात करेंगे, अमेरिका के सबसे विवादास्पद राष्ट्रपतियों में से एक, जॉर्ज डब्ल्यू बुश की।
डोनाल्ड ट्रम्प की व्हाइट हाउस में एंट्री से पहले जॉर्ज डब्ल्यू बुश आधुनिक युग के सबसे विभाजनकारी अमेरिकी राष्ट्रपति थे।

बुश पदभार ग्रहण करने से पहले ही विवादों के केंद्र में रहते थे।
साल 2000 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के सबसे विवादित चुनाव में तब राष्ट्रपति बने, जब सुप्रीम कोर्ट ने मतों की पुनर्गणना को अपने आदेश से रोककर उनके हाथों में राष्ट्रपति का पद सौंप दिया था।
बुश के शासनकाल में ही इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण घटना घटी, जो था 9/11 का हमला।
जिस दिन ओसामा बिन लादेन के आदेश पर अमेरिका के सबसे ऊंचे दो बिल्डिंग्स, ट्विन टॉवर से हवाई जहाज से हमला कर सबसे बड़ा हमला किया, उसी दिन के बाद इराक और अफगानिस्तान पर हमले की कहानी लिखी गई, जिसका अंत हजारों-लाखों लोगों की मौत से होना था।
आइए संयुक्त राज्य अमेरिका के 43वें राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर करीब से नजर डालते हैं।
जॉर्ज डब्ल्यू बुश की शुरूआती जिंदगी
जॉर्ज डब्ल्यू बुश का जन्म 6 जुलाई 1946 को न्यू हेवन कनेक्टिकट में हुआ था। उनकी मां का नाम बारबरा बुश और उनके पिता का नाम जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश था। बाद में उन्हें डब्या के नाम से जाना गया और वे टेक्सास में पले-बढ़े।
बुश ने मैसाचुसेट्स के एंडोवर में फिलिप्स एकेडमी में पढ़ाई की।
उन्हें येल विश्वविद्यालय में प्रवेश भी विरासत में मिला था, जहां उनके पिता जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश और उनके दादा प्रेस्कॉट बुश ने पढ़ाई की थी।
बुश ने अपना करियर 1975 में एक ऑयलमैन के रूप में शुरू किया था, जो कि टेक्सास का एक पारंपरिक पेशा है।
बुश ने पहले एक पारिवारिक मित्र की फर्म में काम किया और फिर अपनी खुद की कंपनी में काम किया।
उन्होंने लॉरा वेल्च से भी मुलाकात की, जो एक शिक्षिका और लाइब्रेरियन थीं, और उनसे शादी कर ली।

राजनीति में एंट्री और व्हाइट हाउस का सफर
एक तरह से, जॉर्ज का राजनीति में उतरना पहले से तय था, क्योंकि राजनीति उन्हें अपने परिवार से विरासत में मिली थी।
आखिरकार, उनके पिता जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश बाद में रोनाल्ड रीगन के अधीन संयुक्त राज्य अमेरिका के उप-राष्ट्रपति और बाद में राष्ट्रपति के रूप में काम कर चुके थे। जॉर्ज बुश के पिता उप-राष्ट्रपति और राष्ट्रपति बनने से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के भी प्रमुख के तौर पर काम कर चुके थे।
उनके दादा प्रेस्कॉट अमेरिकी सीनेटर थे, जबकि उनके भाई जेब फ्लोरिडा के गवर्नर बने।
बुश का राजनीतिक करियर वास्तव में 1978 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ने का असफल प्रयास किया था। इसके डेढ़ दशक बाद ही, 1994 में, बुश टेक्सास के गवर्नर के लिए चुनाव लड़े और जीत गए।
गवर्नर के रूप में, उन्होंने शिक्षा और अपराध को रोकने के लिए काफी काम किया।
हालांकि बुश को 1998 में फिर से गवर्नर के रूप में चुना गया था, लेकिन उन्होंने पहले ही राष्ट्रपति पद पर अपनी नज़रें जमा ली थीं।
बुश ने 1999 में राष्ट्रपति पद के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा की। उन्होंने खुद को एक 'दयालु रूढ़िवादी' के रूप में पेश किया

बुश ने रिपब्लिकन पार्टी से नॉमिनेशन हासिल किया और आम चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी अल गोर के खिलाफ जीत हासिल की। उस वक्त अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का झुकाव कंजर्वेटिव था और अमेरिकी चुनाव इतना विवादित हो चुका था, कि उसका फैसला करने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट के पास आ गई और कोर्ट ने बुश को अपने प्रतिद्वंदी के 266 इलेक्टोरेल वोट के बदले 271 इलेक्टोरेल वोट जीत का दावा सही साबित कर दिया और वो राष्ट्रपत बन गये।
राष्ट्रपति बनने के साथ ही बुश ने तुरंत अमीरों के लिए भारी टैक्स कटौती का प्रस्ताव रखा, जिसे कांग्रेस ने पारित कर दिया।
उन्होंने यह भी घोषणा की, कि अमेरिका क्योटो प्रोटोकॉल से हट जाएगा, जिस पर उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने हस्ताक्षर किए थे।
और उनके सत्ता में आने के नौ महीने बाद, 11 सितंबर के हमलों ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया।
अमेरिकी धरती पर किया गया ये अभी तक का सबसे भयानक हमला था, जिसमें तीन हजार से ज्यादा लोग मारे गये थे।
इस हमले के बाद जॉर्ज बुश ने 'आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध' की घोषणा की
और उन्होंने 2001 में अफगानिस्तान और 2003 में इराक पर आक्रमण किया।
घरेलू स्तर पर, उन्होंने कांग्रेस के जरिए पैट्रियट एक्ट पारित करके राज्य की शक्तियों का विस्तार भी किया।
बुश के शासनकाल में अमेरिका को दुनिया भर में अपनी प्रतिष्ठा को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाना पड़ा। युद्ध से पहले इराक के पास परमाणु हथियार होने के बारे में उनके प्रशासन की तरफ से झूठ फैलाया गया और उनके कार्यकाल में जेल में गरीब कैदियों के साथ क्रूरतम व्यवहार का मामला सामने आया।

जॉर्ज बुश क्या लिगेसी छोड़कर गये?
साल 2009 आते आते जॉर्ज बुश अमेरिका के सबसे अलोकप्रिय राष्ट्रपति बन चुके थे और सिर्फ 22 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ व्हाइट हाउस से उनकी विदाई हुई।
इतिहासकारों ने भी बुश की कड़ी आलोचना की।
उन्हें अमेरिकी इतिहास के 10 सबसे खराब राष्ट्रपतियों में स्थान दिया गया है।
लेकिन सबसे बड़ी हैरानी की बात ये रही, जब वो राष्ट्रपति पद से हट गये, उसके कुछ महीनों के बाद उनकी अप्रूवल रेटिंग में रिकॉर्ड इजाफा हुआ और 61 प्रतिशत तक पहुंच गया।
बुश अफ्रीका में भी सबसे लोकप्रिय हस्तियों में से एक रहे, जहां एचआईवी से लड़ने के उनके कार्यक्रमों ने लाखों लोगों की जान बचाई है।
उन्होंने राजनीति से रिटायरमेंट के बाद अपना अधिकांश समय पेंटिंग अपने घरों के बगानों को साफ करने में बिताया। उन्होंने जोर देकर कहा है, कि वह सक्रिय राजनीति से दूर हो चुके हैं और अमेरिका के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में शामिल होना नहीं चाहते हैं।
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