Trump Vs Harris: डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस में आज होगी लाइव प्रेसिडेंशियल डिबेट, जानिए क्या हैं नियम?
Trump Vs Harris: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 के लिए आज का दिन काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाला है, और कुछ घंटे के बाद रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस राष्ट्रपति पहली बार राष्ट्रपति पद की बहस में आमने-सामने होंगे।
यह बहस आज पेनसिल्वेनिया के फिलाडेल्फिया में होने वाली है और इसका आयोजन एबीसी न्यूज की तरफ से किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के होस्ट डेविड मुइर और लिंसे डेविस करने वाले हैं और यह एबीसी न्यूज चैनल पर प्रसारित होगा और एबीसी न्यूज लाइव, डिज्नी+ और हुलु पर स्ट्रीम किया जाएगा। निष्पक्ष चर्चा सुनिश्चित करने के लिए, जब उम्मीदवार बोल नहीं रहे होंगे, उस वक्त उनके माइक्रोफोन बंद रखे जाएंगे।
यह पहला मौका होगा जब 24 करोड़ अमेरिकी मतदाता 5 नवंबर के चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस को एक साथ अपनी नीतियों के बारे में बताते हुए सुनेंगे और यह एक दुर्लभ मौका होगा जब दोनों एक ही मंच पर होंगे।
बहस कब और कहां होगी?
एबीसी न्यूज़ की तरफ से आयोजित यह बहस आज सुबह पेनसिल्वेनिया के फिलाडेल्फिया में होगी, जो डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के बीच स्विंग स्टेट्स में से एक है और इस साल कौन विजेता होगा, इसका फैसला करने में इस राज्य की काफी ज्यादा अहमियत होने वाली है। यह बहस नेशनल कॉन्स्टिट्यूशन सेंटर में होगी, जो फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस मॉल में अमेरिकी संविधान को समर्पित एक संग्रहालय है, जिसमें लिबर्टी बेल और इंडिपेंडेंस हॉल भी हैं।
बहस के मूलभूत नियम क्या होंगे?
जब उम्मीदवारों की बोलने की बारी नहीं होगी, तो उनके माइक्रोफोन म्यूट कर दिए जाएंगे। कमला हैरिस की टीम ने डोनाल्ड ट्रंप के अभियान के साथ हफ्तों तक चली बहस के बाद बुधवार को इस नियम पर सहमति जताई है, जिसमें कमला हैरिस की टीम ने शुरू में बहस के दौरान माइक्रोफोन को म्यूट नहीं करने की मांग की थी, जबकि ट्रंप टीम की मांग माइक्रोफोन को बंद रखने की थी।
जून में बाइडेन और ट्रंप के बीच CNN पर आयोजित बहस में भी जब उम्मीदवार बोल नहीं रहे थे, तब माइक्रोफोन म्यूट कर दिए गए थे। CNN की बहस में किसी भी तरह के प्रॉप्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, कोई लाइव ऑडियंस नहीं थी और इसमें दो कमर्शियल ब्रेक शामिल थे और इस बार भी बहस के दौरान यही निमय होंगे। बहस के नियम को काफी सख्ती से लागू किया जाता है।

बहस में कमला हैरिस से क्या उम्मीदें हैं?
कला हैरिस इस बहस में जोश के साथ उतरेंगी। 22 अगस्त को शिकागो में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन के समापन के बाद, उनकी टीम ने घोषणा की थी, कि उन्होंने चुनावी रेस में प्रवेश करने के बाद से 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा जुटाए हैं। इसके अलावा वो चुनावी सर्वेक्षण में भी ट्रंप को कड़ी टक्कर दे रही हैं और कुछ स्विंग स्टेट्स में वो आगे भी दिख रही हैं।
पोलिंग एग्रीगेटर वेबसाइट फाइव थर्टीएट ने कमला हैरिस को राष्ट्रीय पोल में 3.5 प्रतिशत अंकों से आगे दिखाया है, लेकिन कुछ स्विंग स्टेट्स में बहुत कड़ी टक्कर है। रणनीतिकारों का कहना है कि मतदाता उनकी नीति योजनाओं के बारे में ज्यादा सुनना चाहते हैं।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस अपनी प्रभावशाली बहसों के लिए जानी जाती हैं। उनके सबसे यादगार पलों में से एक 2019 में आयोजित डेमोक्रेटिक प्राइमरी बहस था, जब उन्होंने जो बाइडेन का सामना किया था। उन्होंने बाइडेन पर अलगाववादी सीनेटरों के साथ सहयोग करने का आरोप लगाया था और संघीय रूप से अनिवार्य बसिंग के खिलाफ उनके रुख की आलोचना की।
इस दौरान कमला हैरिस ने प्रभावशाली, अभ्यास किए गए संवादों को प्रभावी ढंग से सामने रखते हुए अपनी बेहतरीन क्षमता का प्रदर्शन किया था।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी आगामी बहस में कमला हैरिस के पास ट्रंप के साथ डेमोक्रेट्स की उदासी को सीधे संबोधित करने का मौका होगा। बाइडेन के साथ अपनी बहस के विपरीत, डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधने के लिए उन्हें ज्यादा पीछे जाने की जरूरत भी नहीं होगी और वो ट्रंप के हालिया विवादास्पद कार्य और बयान का बेहतरीन इस्तेमाल कर सकती हैं।

डोनाल्ड ट्रंप से क्या उम्मीदे हैं?
कमला हैरिस के चुनावी रेस में शामिल होने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप उनपर काफी हमलावर हैं और उन्हें 'वामपंथी' बता रहे हैं। उन्होंने कमला हैरिस पर कट्टरपंथी वामपंथी होने का आरोप लगाया है, साथ ही यह भी कहा है, कि बाइडेन के ज्यादा मध्यमार्गी नीति एजेंडे के लिए कमला हैरिस जिम्मेदार हैं।
हालांकि, कमला हैरिस को 2020 के उपराष्ट्रपति पद की बहस की तुलना में इस बहस में अनूठी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार के बहस में जब उम्मीदवार बोल नहीं रहे होंगे, उस वक्त माइक्रोफोन को म्यूट रखा जाएगा, और म्यूट किए गए माइक्रोफोन के इस्तेमाल का मतलब है, कोई भी उम्मीदवार बीच में नहीं बोल पाएगा।
कमला हैरिस ने 2020 के वायस प्रेसिडेंट बहस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के उप-राष्ट्रपति माइक पेंस को 'मिस्टर वायस प्रेसिडेंट, मैं बोल रही हूं', जैसी लाइनें नहीं बोल सकती हैं, जिसका मतलब है, कि उन्हें अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा और बिना किसी रूकावट के प्रभावशाली तर्क देने होंगे।
पिछले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने डोनाल्ड ट्रंप की बीच में बोलने की आदत का काफी फायदा उठाया था, लेकिन इस बार माइक्रोफोन म्यूट रहने से ये फायदा नहीं मिल पाएगा। बाइडेन के साथ बहस के दौरान भी माइक्रोफोन म्यूट था और डोनाल्ड ट्रंप को काफी स्थिर देखा गया था और हस्तक्षेप नहीं होने की वजह से बाइडेन बार बार लड़खड़ा रहे थे।
डोनाल्ड ट्रंप बहसों के दौरान नये नये तथ्यों को गढ़ने के लिए जाने जाते हैं, और इस दौरान कमला हैरिस हस्तक्षेप नहीं कर पाएंगी, ऐसे में उनके सामने चुनौती इस बात की होगी, कि ट्रंप के तर्कों को काउंटर करें या जनता को संबोधित करे।












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