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पाकिस्तान के खिलाफ 'इंटरनल रिव्यू' के आदेश, जो बाइडेन ने इमरान खान को क्यों नहीं किया फोन, सामने आई वजह

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वॉशिंगटन/इस्लामाबाद, मई 31: डोनाल्ड ट्रंप जब 2016 में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जीते थे तब उन्होंने शपथग्रहण से पहले ही पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फोन किया था और उनसे वैश्विक मसलों पर बात की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से बात करने के लिए शपथ ग्रहण का भी इंतजार नहीं किया था और उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप-नवाज शरीफ की बातचीत ने इंटरनेशनल मीडिया में काफी सूर्खियां बटोरी थीं और डोनाल्ड ट्रंप ने नवाज शरीफ को 'बेहतरीन इंसान' बताया था। लेकिन, 20 जनवरी 2021 को अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने मई खत्म होने को आ गया है, अभी तक जो बाइडेन ने इमरान खान को फोन नहीं किया है।

इमरान खान से बात नहीं

इमरान खान से बात नहीं

अमेरिका के ट्विन टावर पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी नेताओं ने अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिका का साथ दिया था और उसके पीछे वजह थी अमेरिका के साथ अपने संबंधों को सुधारना, लेकिन धीरे धीरे पाकिस्तान का डबल गेम अमेरिका समझने लगा। अमेरिका धीरे धीरे जान गया कि एक तरफ पाकिस्तान अमेरिका से पैसे ले रहा है और दूसरी तरफ तालिबान को मदद दे रहा है। अमेरिका के नये राष्ट्रपति जो बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने के बाद विश्व के तमाम प्रमुख नेताओं से फोन पर बात की। अमेरिका के धूर विरोधी रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों से जो बाइडेन ने फोन पर बात की। वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ जो बाइडेन ने ना सिर्फ फोन पर बात की, बल्कि क्वाड के मुद्दे पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की थी। लेकिन इमरान खान को जो बाइडेन ने अभी तक फोन नहीं किया है। हालांकि, अभी तक ना ही अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इसके पीछे की वजह को बताया है और ना ही पाकिस्तान सरकार की तरफ से कोई बयान दिया गया है, कि आखिर दोनों नेताओं के बीच टेलीफोन पर बातचीत नहीं होने के पीछे वजह क्या है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने पाकिस्तान के ऊपर से विश्वास खो दिया है और अब जो बाइडेन पाकिस्तान की नीयत को परखना चाहते हैं।

पाकिस्तान का 'इंटरनल रिव्यू'

पाकिस्तान का 'इंटरनल रिव्यू'

पाकिस्तानी अखबार द ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को लेकर 'इंटरनल रिव्यू' करने को कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक जो बाइडेन ने इंटरनल रिव्यू के बाद जो रिपोर्ट आती है, उसके आधार पर पाकिस्तान को लेकर किसी फैसले पर पहुंचने का फैसला किया है। द ट्रिब्यून ने सूत्रों के आधार पर दावा किया है कि इंटरनल रिव्यू रिपोर्ट आने के बाद ही जो बाइडेन तय करेंगे कि वो टेलीफोन पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से बात करें या नहीं करें। सूत्रों के मुताबिक जो बाइडेन ने पाकिस्तान को लेकर इंटरनल रिव्यू करने को इसलिए कहा है क्योंकि उनका मानना है कि पाकिस्तान ने अमेरिका को कई अहम मौके पर 'धोखा' दिया है। सूत्रों के मुताबिक जो बाइडेन का मानना है कि जब वो अमेरिका के उपराष्ट्रपति थे, उस वक्त इस्लामाबाद ने अमेरिका को बड़े धोखे दिए हैं।

पाकिस्तान पर विश्वास का अभाव

पाकिस्तान पर विश्वास का अभाव

रिपोर्ट के मुताबिक जब अमेरिका में बराक ओबामा पहली बार राष्ट्रपति बने थे उस वक्त उनके उपराष्ट्रपति जो बाइेडन ने कई बार पाकिस्तान का दौरा किया था और उन्होंने ही 'कैरी-लुगर एक्ट' को तैयार किया था। और उन्होंने पाकिस्तान को मिलने वाले असैन्य सहायता को तीन गुना बढ़ा दिया था। लेकिन, अब जब जो बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति बन गये हैं तो सूत्रों ने कहा है कि जो बाइडेन का विश्वास पाकिस्तान से टूट चुका है। सूत्रों का कहना है कि जो बाइडेन ने नये सिरे से पाकिस्तान-अमेरिका संबंध पर रिपोर्ट बनाने को कहा है। जो बाइडेन ने रिपोर्ट बनाने वालों से कहा है कि वो इसका फैसला करें कि क्या पाकिस्तान फिर से दोस्ती करने लायक है? और आज के दौर में पाकिस्तान-अमेरिका दोस्ती का औचित्य क्या है? जो बाइडेन से जुड़े सूत्रों ने पाकिस्तानी अखबार को बताया है कि एक बार जैसे ही पाकिस्तान को लेकर रिपोर्ट आ जाती है, उसके बाद जो बाइडेन तय करेंगे कि वो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से बात करें या नहीं? रिपोर्ट के आधार पर ही जो बाइडेन तय करेंगे कि अमेरिका को पाकिस्तान से किस तरह का संबंध स्थापित करना चाहिए।

पाकिस्तान का बदला रूख

पाकिस्तान का बदला रूख

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तान ने अमेरिका को लेकर अपना राजनीतिक एजेंडा बदला है और वो चीन की तरफ काफी ज्यादा झुक चुका है। जो अमेरिका को पसंद नहीं है। वहीं, पाकिस्तान का नया प्रशासन अमेरिका से आर्थिक और व्यापारिक संबंध तो बनाना चाहता है लेकिन सिर्फ अफगानिस्तान की शांति को लेकर ही संबंध नहीं बनाना चाहता है। पिछले दिनों जेनेवा में पाकिस्तान के एनएसए डॉ. मोईद युसूफ और अमेरिका के एनएसए जैक सुलिवन के बीच मुलाकात हुई थी और रिपोर्ट के मुताबिक उसमें पाकिस्तानी एनएसए ने उनके सामने पाकिस्तान का पक्ष रखा था और अफगानिस्तान की शांति में भूमिका निभाने का आश्वासन दिया था। वहीं, अब ये माना जा रहा है कि पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध आने वाले दिनों में कैसे होंगे, ये अब पूरी तरह से अफगानिस्तान की शांति पर निर्भर करता है। वहीं, अमेरिका ने पाकिस्तान से सैन्य अड्डा मांगा है, जिसको लेकर पाकिस्तान फंसा हुआ है। अगर पाकिस्तान सैन्य अड्डा अमेरिका को देता है तो वो एक साथ तालिबान और चीन दोनों को नाराज कर देगा और अगर सैन्य अड्डा देने से इनकार करता है तो इसका मतलब अमेरिका से संबंध हमेशा के लिए टूटना माना जाएगा।

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English summary
Joe Biden has ordered an internal review regarding Pakistan. The reason why the US President has not yet called Imran Khan has come to the fore.
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