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साउथ चाइना सी पर US navy ने घेरा चीन को, तैनात हुए दो सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर

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वॉशिंगटन। साउथ चाइना सी पर अमेरिका ने अब चीन की घेराबंदी शुरू कर दी है। यूएस नेवी की तरफ से यहां पर अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्‍ज और यूएसएस रोनाल्‍ड रीगन को तैनात कर दिया है। इसके साथ ही कई और वॉरशिप्‍स को भेजा गया है। चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच ही इसे एक बड़ा घटनाक्रम करार दिया जा रहा है। लेफ्टिनेंट कमांडर सीन ब्रोफी की तरफ से इस खबर की पुष्टि की गई है।

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    South China Sea Tensions: China के खिलाफ America ने तैनात किए दो Aircraft Carrier | वनइंडिया हिंदी
    US Navy की एक्‍सरसाइज जारी

    US Navy की एक्‍सरसाइज जारी

    यूएसएस रीगन पर मिलिट्री पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (पीआरओ) लेफ्टिनेंट कमांडर ब्रोफी ने बताया कि यूएसएस निमित्‍ज और रीगन लगातार ड्रिल कर रहे हैं। उनके साथ साउथ चाइना सी पर कई और वॉरशिप्‍स मौजूद हैं और लगातार एक्‍सरसाइज जारी हैं। ले. कमांडर ब्रोफी ने बताया कि एक आजाद और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की मदद के लिए इस एक्‍सरसाइज को शुरू किया गया है। ले. कमांडर, रोनाल्‍ड रीगन कैरियर स्‍ट्राइक ग्रुप के पीआरओ भी हैं। सीएनएन की तरफ से भी कहा गया है कि यूएय नेवी अगले कुछ दिनों में एक्‍सरसाइज को अंजाम देने के लिए कई वॉरशिप्‍स को साउथ चाइना सी पर तैनात करेगी।

    हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा अहम

    हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा अहम

    ले. जो जेइली ने कहा है कि फिलीपींस सी और साउथ चाइना सी पर दो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं। इनकी मदद से सेनाओं को एडवांस्‍ड ट्रेनिंग का मौका मिल सकेगा साथ ही कमांडर्स को ऑपरेशनल तैयारियों में मदद मिलेगी। कमांडर्स क्षेत्रीय स्थिति के मुताबिक इन सेनाओं को बुला सकते हैं। उन्‍होंने हालांकि यह भी कहा है कि दो एयरक्राफ्ट कैरियर्स की मौजूदगी को किसी राजनीतिक या फिर विश्‍व के घटनाक्रम का जवाब नहीं है। मकसद यूएस नेवी का मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धशीलता को आगे बढ़ाना है।

    चीन पर भड़के पोंपेयो

    चीन पर भड़के पोंपेयो

    यह बात भी गौर करने वाली है कि इसी समय चीन की तरफ से साउथ चाइना सी में उसके हिस्‍से पर लगातार मिलिट्री ड्रिल अंजाम दिया जा रहा है। यह एक्‍सरसाइज विवादित पार्सल द्वीप के करीब हो रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो की तरफ से शुक्रवार को ट्वीट किया गया है। उन्‍होंने लिखा है, 'अमेरिका अपने दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों से सहमत है: पीपुल्‍स रिपब्लिक ऑफ चाइना की तरफ से साउथ चाइना सी के विवादित हिस्‍से पर हो रही मिलिट्री एक्‍सरसाइज बहुत भड़काऊ है। हम चीन के गैर-कानूनी दावे को खारिज करते हैं।' रक्षा विभाग पेंटागन की तरफ से भी इसी तरह का बयान दिया गया है।

    रीगन और निमित्‍ज पर 90 फाइटर जेट्स

    रीगन और निमित्‍ज पर 90 फाइटर जेट्स

    यूएसएस रोनाल्‍ड रीगन एक परमाणु क्षमता से लैस एयरक्राफ्ट कैरियर है। इस पर 90 फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्‍टर्स को तैनात किया जा सकता है। इसी तरह से यूएसएस निमित्‍ज पर भी 90 जेट्स और हेलीकॉप्‍टर्स की क्षमता है। निमित्‍ज भी परमाणु क्षमता से लैस एयरक्राफ्ट कैरियर है। यह एयरक्राफ्ट कैरियर जापान के युकोसुका में तैनात रहता है और यहां पर तैनात यह इकलौता फॉरवर्ड बेस कैरियर स्‍ट्राइक ग्रुप का जहाज है। यह अमेरिकी नेवी के सांतवें बेड़े का हिस्‍सा है। पार्सल आईलैंड पर चीन, वियतनाम और ताइवान अपने-अपने दावे करते हैं। अमेरिका हमेशा से कहता आ रहर है कि चीन ने इस द्वीप पर मिलिट्री हार्डवेयर और उससे जुड़े संस्‍थानों का निर्माण कर इसका सैन्‍यीकरण कर दिया है।

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    English summary
    US Navy sends two aircraft carriers and several warships to South China Sea.
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