अमेरिका के लिए ताइवान एक 'मोहरा'? बाइडेन के इस कदम से फिर तिलमिलाया चीन
यूएस हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यह दूसरी ऐसी यात्रा है जिसने चीन को नाराज कर दिया है और ताइवान जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव और भी ज्यादा पैदा हो गया है।
ताइपे/बीजिंग 22 अगस्त : ताइवान की आड़ में अमेरिका चीन को उकसा रहा है। इससे पूर्वी एशियाई क्षेत्र में तनाव बढ़ सकते हैं। खबर है कि एक बार फिर ताइवान जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच स्व-शासित द्वीप के नेतृत्व के साथ वार्ता करने के लिए रविवार को इंडियाना के गवर्नर एरिक होलकोम्ब ताइपे पहुंचे (Indiana Governor Eric Holcomb)। बता दें कि पेलोसी ने अगस्त की शुरुआत में ताइवान की यात्रा की थी। 1997 के बाद से किसी अमेरिकी सदन के अध्यक्ष द्वारा द्वीप की यह पहली यात्रा थी। पेलोसी इसी के साथ 25 वर्षों में ताइवान की यात्रा करने वाले पहली सर्वोच्च पदस्थ अमेरिकी अधिकारी बनीं। वहीं चीनी सरकारी मीडिया ने कहा कि, इस महीने की शुरूआत में पेलोसी की ताइवान यात्रा और वर्तमान में इंडियान के गवर्नर की यात्रा से यह साफ पता चलता है कि, वाशिंगटन ताइवान को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहा है। इससे अमेरिका के राजनेताओं की जहरीली प्रवृति का पता चलता है।

अमेरिका चीन को उकसा रहा है
यूएस हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यह दूसरी ऐसी यात्रा है जिसने चीन को नाराज कर दिया है और ताइवान जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव और भी ज्यादा पैदा हो गया है।

चीन अमेरिका से नाराज, खामियाजा भुगतेगा ताइवान
चीन ने नैन्सी पेलोसी की यात्रा की निंदा की थी, जिसे उसने अलगाववाद के समर्थन के संकेत के रूप में माना और द्वीप के आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलिट्री ड्रिलिंग शुरू किया था। गौरतलब है कि बीजिंग ताइवान को अपने संप्रभु क्षेत्र का एक अविभाज्य हिस्सा मानता है और द्वीप और अन्य देशों के बीच किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है। इसी वजह से चीन किसी भी विदेशी राजनयिक के ताइवान दौरे का विरोध करता है।

इंडियाना के गवर्नर एरिक होलकोम्ब ने ट्वीट किया...
वहीं,इंडियाना के गवर्नर एरिक होलकोम्ब ने ट्वीट किया,"मैं ताइवान और दक्षिण कोरिया में एक आर्थिक विकास यात्रा शुरू करने के लिए ताइपे में उतरा। इंडियाना में 10 ताइवानी और 12 दक्षिण कोरियाई व्यवसाय हैं। मुझें गर्व है कि मैं एक गवर्नर के तौर पर ताइवान के दौरे पर हूं। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, "हमारा प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह ताइवान और दक्षिण कोरिया के साथ इंडियाना के आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए सरकारी अधिकारियों, व्यापारिक नेताओं और शैक्षणिक संस्थानों के साथ बैठक करेगा।"

क्या कहती है चीनी मीडिया?
वहीं चीनी सरकारी मीडिया ने कहा कि, इस महीने की शुरूआत में पेलोसी की ताइवान यात्रा और वर्तमान में इंडियान के गवर्नर की यात्रा से यह साफ पता चलता है कि, वाशिंगटन ताइवान को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहा है। इससे अमेरिका के राजनेताओं की जहरीली प्रवृति का पता चलता है। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीन ताइवान के मसले पर अपने हिसाब से कार्य की गति बनाए रखेगा। वह अपने हिसाब से इस क्षेत्र में गतिविधियों को अंजाम देगा।

अमेरिका की 'जहरीली कड़ी'
चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के रिसर्च फेलो लू जियांग ने रविवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया,"होलकॉम्ब की यात्रा स्पष्ट रूप से पेलोसी की गई यात्रा के बाद एक और जहरीली कड़ी है। इससे चीन और ताइवान के बीच तनाव और भी अधिक बढ़ जाएगा। अमेरिका को निशाना बनाते हुए हुए लू ने आगे कहा कि, चीन और ताइवान के बीच जारी तनाव में कई लोग अपने व्यक्तिगत राजनीतिक फायदा देख रहे हैं और उत्पन्न तनाव से कई लोग इसका लाभ भी ले सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications