अलकायदा की धमकी सच साबित हुई, अमेरिकी बंधक ल्यूक सोमर्स की मौत
वाशिंगटन। यमन में अलकायदा द्वारा अगवा अमेरिकी फोटो पत्रकार ल्यूक सोमर्स की शाबवा प्रांत में एक बचाव अभियान के दौरान मौत हो गई। अल जजीरा की रपट के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान घायल होने के बाद सोमर्स की मौत हो गई।

वहीं अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से बौखलाए आतंकियों ने एक और अफ्रीकी बंधक पियरे कोरकी को मौत के घाट उतार दिया।
यमन की राजधानी सना में 33 वर्षीय ल्यूक सोमर्स को सितंबर 2013 में अलकायदा के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। वह यमन टाइम्स के लिए स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते थे। पत्रकार को बचाने के लिए अमेरिका तथा यमन के सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान अपहर्ताओं ने सोमर्स को गोली मार दी। क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना अड्डे तक ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस अभियान में अलकायदा के 10 आतंकवादी भी मारे गए। अरब प्रायद्वीप में अलकायदा के ट्विटर अकाउंट पर गुरुवार को एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें सोमर मदद मांगता दिख रहा था।
संघीय जांच ब्यूरो द्वारा मौत की खबर देने के बाद उसकी बहन लूसी ने कहा कि मेरी प्रार्थना है कि ल्यूक के परिवार के सदस्यों को शांति से जीने दिया जाए। इससे पहले, सोमर्स के भविष्य को लेकर विरोधाभाषी खबरें आ रही थीं। क्योंकि अभियान के परिणाम से अमेरिकी विदेश विभाग तथा यमन के अधिकारी दोनों ही अनजान थे।
सूत्रों की ओर से जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक अमेरिकी कमांडोज को जब सोमर्स मिले तो वह बुरी तरह से घायल थे। उन्हें बचाने की कोशिशें भी की गईं लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। यमन के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार आतंकियों के पास अब भी ब्रिटेन, टर्की और यमन के तीन नागरिक बंधक हैं।
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आतंकियों की इस बर्बरता पर निंदा की है। ओबामा ने कहा है कि अमेरिका अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जी जान लगा देगा। इसके लिए जो भी जरूरी होगा वह रास्ता अपनाया जाएगा।
वहीं अमेरिकी गृहमंत्री जॉन केरी और निवर्तमान रक्षामंत्री चक हेगेल ने कहा कि आतंकी ठिकाने पर छापा मारने की कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि आतंकियों ने सोमर्स को मारने की धमकी दी थी।












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