पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने कहा, अफगानिस्तान से सैनिकों को निकालना 'बड़ी गलती' है
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अफगानिस्तान से यूएस फौज को निकालने की आलोचना की है और इसे एक गलत फैसला कहा है।
वॉशिंगटन, जुलाई 14: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने बुधवार को अफगानिस्तान से नाटो सैनिकों की वापसी की आलोचना करते हुए कहा कि तालिबान को लोगों का 'कत्ल' करने के लिए छोड़ दिया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि ''अफगान महिलाओं और लड़कियों को अकल्पनीय नुकसान होने वाला है। यह एक गलती है... उन्हें क्रूर लोगों के हाथों मर जाने के लिए छोड़ दिया गया है और उनकी स्थिति देखकर मेरा दिल टूट रहा है।

सैनिकों को निकालना बड़ी गलती
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में ही 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला हुआ था और रिपब्लिकन पार्टी के नेता बुश ने ही अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना को अलकायदा और तालिबान को खत्म करने के लिए भेजा था। जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने कहा कि उनका मानना है कि जर्मनी की चांसलर एंजला मर्केल भी अफगानिस्तान से सैनिकों को निकालने को लेकर उनके जैसा ही विचार रखती होंगीं। बुश ने कहा कि मर्केल, जो इस साल के अंत में 16 साल की सत्ता के बाद राजनीति से रिटायर्ड होने के लिए तैयार हैं, उन्होंने जर्मनी की प्रतिष्ठा में महत्वूर्ण अध्याय दोड़े हैं और अपने कार्यकाल के दौरान कई कठिन फैसले लिए। आपको बता दें कि अमेरिका और नाटो की सेना ने मई की शुरुआत में अफगानिस्तान से पीछे हटना शुरू कर दिया था और करीब 20 साल बाद 31 अगस्त तक अफगानिस्तान से पूरी तरह से हटने वाले हैं।
अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना
अफगानिस्तान में अब सिर्फ 2500 सैनिक बचे हुए हैं, जबकि साढ़े सात हजार नाटो की सेना बची हुई है और वो भी तेजी से अफगानिस्तान को छोड़कर बाहर निकल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 31 अगस्त तक सभी अमेरिकी फौज के अफगानिस्तान से बाहर निकलने का ऐलान किया है। ऐसे में अब तालिबान से सिर्फ अफगानिस्तान के सैनिक बचे हुए हुए हैं। अफगानिस्तान भयानक पर संकट का सामना कर रहा है और यूएस फौज के निकलने के बाद विस्थापितों की संख्या में भी भारी इजाफा हो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में अफगानिस्तान की स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है और इसीलिए अमेरिकी फौज के अफगानिस्तान से निकलने की पूरी दनिया में आलोचना की जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications