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इंटरनेट से अराजकता की कोशिश: बाइडेन के शपथ ग्रहण से पहले उत्पात मचाने की तैयारी में ट्रंप समर्थक

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Biden Inauguration: वाशिंगटन: 6 जनवरी को अमेरिकी संसद (Capitol hill) पर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald trump) समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इंटरनेट पर उन अराजक तत्वों को खोजने और उन्हें पकड़ने के लिए माथापच्ची कर रही हैं, जो 20 जनवरी को नये राष्ट्रपति जो बायडेन (Joe Biden) के शपथ ग्रहण में हिंसा कर सकते हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए इंटरनेट के जरिए उन्माद फैलाने वाले लोगों की शिनाख्त करना इतना आसान नहीं है। क्योंकि, अलग अलग वेबसाइट और अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रंप समर्थक हिंसा का आह्वान कर रहे हैं।

CAPITOL

'की बोर्ड छोड़ो, अमेरिका के लिए लड़ो'

6 जनवरी को कैपिटल हिल (Capitol hill riot) हिंसा के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के एक समर्थक ने CONN_WYNN नाम के यूजर अकाउंट से डोनल्ड ट्रंप को समर्थन करने वाली एक वेबसाइट Donald.win पर हिंसा भड़काने वाला एक पोस्ट डाला था, जिसमें लिखा गया था कि 'अब वक्त आ गया है, जब की-बोर्ड छोड़कर अमेरिका के लिए लड़ा जाए' । कैपिटल हिल हिंसा के बाद अब अमेरिका में हजारों ऐसे ट्रंप समर्थक हैं, जो सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए नये राष्ट्रपति जो बायडेन के शपथ ग्रहण के दिन हिंसा करने से लिए लोगों को भड़का रहे हैं। अमेरिका में अराजकता फैलाने के लिए लोगों को इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं।

इंटरनेट से ट्रंप समर्थकों को इकट्ठा करने की कोशिश

FBI के अफसरों के मुताबिक, कैपिटल हिल हिंसा के सिर्फ दो दिनों बाद ही CONN_WYNN नाम के यूजर ने एक और पोस्ट डालते हुए लिखा था 'कुछ भी पोस्ट करने से पहले संभल जाओ, वो हमपर निगरानी कर रहे हैं, मैंने सबक सीख लिया है' । इस पोस्ट के साथ ही FBI के एक अफसर की विजिटिंग कार्ड की तस्वीर भी अटैच की गई थी। जिसपर FBI के सेनफ्रेनसिस्को प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि 'यकीनी तौर पर FBI के अधिकारी उस शख्स के पास पहुंचे होंगे, जिसने भड़काने वाला पोस्ट डाला होगा''। अमेरिका में इस वक्त कई अनजान वेबसाइट के जरिए हजारों अराजक तत्व बायडेन के शपथ ग्रहण के दिन दंभा भड़काने की कोशिश में जुटे हैं। लेकिन, सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है, कि आखिर उन लोगों तक पहुंचा कैसे जाए।

सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौतियां

कैपिटल हिल हिंसा के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हर उस शख्स तक पहुंचने और उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है, जो उपद्रव मचाने के लिए ऑनलाइन पोस्ट डाल रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के सैकड़ों अधिकारी दिन रात इंटरनेट पर सर खपा रहे हैं। ऑनलाइन चैट करने वाले अराजक तत्वों की निगरानी में लगे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए FBI के डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे (Christopher Wray) ने अराजक तत्वों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा 'आप उन लोगों में से एक नहीं होना चाहेंगे जिनके दरवाजे पर सुबह के 6 बजे FBI के अधिकारी दस्तक दें'

अनजान वेबसाइट के जरिए भड़काऊ पोस्ट

इस महीने अमेरिका में मौजूद ट्रंप के समर्थक खुलेआम इंटरनेट पर दंगा भड़काने वाले पोस्ट डाल रहे थे, लेकिन इंटरनेट पर कड़ी नजर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगे लगाम के बाद अब ऐसे लोग अनजान वेबसाइट का सहारा ले रहे हैं। जिनकी पहचान कर पाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए कतई आसान नहीं है। हालांकि, ऐसे दर्जनों वेबसाइट को अभी तक बंद किया जा चुका है, जिसके जरिए दंगा भड़काने वाले पोस्ट डाले जा रहे थे। वहीं, Apple और Amazon ने अपने प्ले स्टोर से वैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हटाना शुरू कर दिया है, दो ऐसे भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ एक्शन नहीं ले रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बाद ऐसे हजारों यूजर 'टेलीग्राम' पर शिफ्ट हो गये हैं, जो दुबई बेस्ट मैसेजिंग मोबाइल एप्लिकेशन है। डेटा एनलिस्ट कंपनी सेंसर टावर (Sensor Tower) के मुताबिक, कैपिटल हिल हिंसा के बाद अमेरिका में Apple और Google प्ले स्टोर के जरिए करीब 12 लाख लोगों ने 'टेलीग्राम' एप डाउनलोड किया है, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले 259 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, कैपिटल हिल हिंसा के बाद कम प्रचलित मैसेजिंग एप MeWe को 8 लाख 29 हजार लोगों ने अपने मोबाइल में डाउनलोड किया है, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले 697% ज्यादा है। हालांकि, MeWe कंपनी ने दावा किया है, कि उसके मोबाइल एप पर ऐसी भड़काऊ, अराजक और हैरेसमेंट संबंधित पोस्ट को ऑटोमेटिक हटाने की व्यवस्था है। लेकिन, टेलीग्राम ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों का मानना है, कि सैकड़ों की संख्या में मौजूद ऐसे वेबसाइट्स पर लगाम लगाना या फिर उन्हें बंद कर देना संभव नहीं है, लिहाजा अब FBI समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियां लोगों से अपील कर रही हैं, कि वो कानून को माने। कोई भी कानून के खिलाफ जाने की कोशिश ना करे, क्योंकि जो भी कानून के खिलाफ जाएगा और अराजकता फैलाने की कोशिश करेगा, वो बख्शा नहीं जाएगा।

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English summary
Violence calls by Trump supporters through lesser known internet before Biden's swearing in
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