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US Election 2020: जानिए क्‍यों अमेरिका में मंगलवार को ही डाला जाता है राष्‍ट्रपति के लिए वोट

वाशिंगटन। 3 नवंबर को अमेरिका में एक और राष्‍ट्रपति चुनाव हो जाएंगे। नवंबर की जिस तारीख को राष्‍ट्रपति के लिए वोट डाले जाते हैं उसे अमेरिका का इलेक्‍शन डे कहते हैं। अमेरिका में नवंबर के माह में ही चुनाव होते हैं और चुनावों को कम से कम एक नवंबर और ज्‍यादा से ज्‍यादा आठ नवंबर तक खत्‍म करा लिया जाता है। आइए आज आपको इसी इलेक्‍शन डे के बारे में बताते हैं। कब से शुरू हुई अमेरिका में इलेक्‍शन डे की परंपरा और क्‍यों सिर्फ नवंबर माह के पहले मंगलवार को वोट डाले जाते हैं।

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इलेक्‍शन ट्यूज्‍डे या चुनावी मंगलवार

इलेक्‍शन डे संविधान का वह कानून है जिसके तहत नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को राष्‍ट्रपति और पब्लिक ऑफिसर्स के चुनाव के लिए वोट डाले जाते हैं। लेकिन पहले मंगलवार का मतलब यह नहीं है कि पहले मंगलवार को ही वोट डाले जाएंगे। चुनाव के लिए एक नवंबर से आठ नवंबर तक का समय तय होता है। इस बीच में जो मंगलवार होता है उसे अमेरिका में इलेक्‍शन ट्यूज्‍डे या फर्स्‍ट ट्यूज्‍डे कहते हैं।वर्ष 2016 को 8 नवंबर को वोट डाले गए थे। हालांकि उस साल नवंबर माह का पहला ट्यूज्‍डे 1 नवंबर को था लेकिन नियमों के मुताबिक नवंबर के पहले मंडे यानी सोमवार के बाद जो मंगलवार आएगा, उसमें ही वोटिंग होगी। इसलिए इस बार 3 नवंबर को वोटिंग हो रही है।

मंगलवार का दिन ही क्‍यों

इसके बाद जो बिल आया उसमें राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए पहले सोमवार के बाद पड़ने वाले मंगलवार को वोटिंग कराने का फैसला किया गया। इलेक्‍शन डे और राष्‍ट्रपति की पहली मुलाकात के बीच अब वर्तमान समय में 29 दिनों का फासला रहता है। सन् 1845 तक अमेरिकी नागरिक ज्‍यादातर खेती के कामों में व्यस्‍त हो गए थे। किसान, घोड़ा गाड़ी जैसे वाहनों की मदद से पूरा दिन सफर करते और फिर वोट डाल पाते। मंगलवार को इलेक्‍शन डे इसलिए रखा गया क्‍योंकि मंगलवार बाइबिल में दिए गए छुट्टी वाले दिन में हस्‍तक्षेप नहीं करता और न ही मार्केट डे के साथ टकराता था। उस समय तक बुधवार को अमेरिका में सारे बाजार खुले रहते थे।

कब से शुरू हुई परंपरा

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्‍स और सीनेट्स के लिए हर दो वर्ष में चुनाव होता है। जहां रिप्रजेंटेटिव्‍स दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करते हैं तो सीनेट के पास छह वर्ष का समय होता है। ऐसा इसलिए होता है ताकि एक तिहाई सीनेटर्स का चुनाव आम चुनावों के समय हो सके। वर्ष 1788 में जब अमेरिका में चुनाव हुए तो कोई भी कानून नहीं था। इसके बाद वर्ष 1792 में एक कानून आया जिसमें हर राज्‍य को राष्‍ट्रपति का चुनाव कराने की मंजूरी दी गई। उस कानून के मुताबिक दिसंबर माह के पहले बुधवार से 34 दिन पहले चुनाव करा लिए जाएं। दिसंबर माह के पहले बुधवार को अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति और उप-राष्‍ट्रपति की मतदाताओं से मुलाकात के लिए रखा गया था।

क्‍यों चुना गया सिर्फ नवंबर

नवंबर में इलेक्‍शन डे को चुनने का फैसला इसलिए लिया गया क्‍योंकि इस माह तक फसल का सीजन पूरा हो चुका होता है। इसके अलावा कड़ाके की सर्दी या फिर बर्फबारी में भी समय रहता है। चुनावों के लिए एक ही तारीख को मंजूरी कांग्रेस ने वर्ष 1845 में दी थी। उस समय इस बात को लेकर कई तरह की बातें सामने आई थीं कि कांग्रेस ने नवंबर के पहले सोमवार के बाद की तारीख को क्‍यों चुनाव के लिए चुना। दिसंबर 1844 को कांग्रेस में एक बिल को लेकर बहस भी हुई। उसमें बताया गया कि कुछ वर्षों में नवंबर के पहले मंगलवार और दिसंबर के पहले बुधवार के बीच 34 दिनों से ज्‍यादा का अंतर रहता था। ऐसा होना वर्तमान नियम का उल्‍लंघन माना गया।

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