• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अमेरिकी सेना ने दी सिख सैनिक को ढाढ़ी और पगड़ी की अनुमति

|

वाशिंगटन। अमेरिकी सेना में लड़ाकू सैनिक के तौर पर तैनात एक सिख जवान को दुर्लभ अपवाद के तहत अस्थायी धार्मिक रियायत मिल गई है, जिसके तहत उसे दाढ़ी रखने और पगड़ी पहनने की अनुमति होगी। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए मिली है।

sikh-soldier-us-army-600

द न्यूयॉर्क टाईम्स की खबर में कहा गया कि कैप्टन सिमरतपाल सिंह (27) को लगभग 10 साल पहले वेस्ट प्वाइंट स्थित यूएस मिलिट्री एकेडमी में पहले दिन ही अपने बाल काटने पड़े थे क्योंकि सेवा में जवानों को लंबे बाल या दाढ़ी रखने की अनुमति नहीं थी।

हालांकि पिछले सप्ताह सेना ने अंतत: सिंह को धार्मिक रियायत दे दी, जिसके तहत उसे अपनी दाढ़ी बढ़ाने और सिर पर पगड़ी बांधने की अनुमति होगी।

सिंह लड़ाकू इंजीनियरों के दल का नेतृत्व कर चुके हैं, जो कि अफगानिस्तान में सड़क किनारे लगे बमों को हटाता था। सिंह को ब्रोंज स्टार से सम्मानित भी किया जा चुका है। सिंह ने द टाईम्स से कहा कि यह शानदार है।

अभी तक वह एक दोहरी जिंदगी जी रहे थे। वह सिर्फ घर पर ही पगड़ी पहनते था। उनका कहना है कि अब उनकी दोनों दुनिया आखिरकर वापस एक साथ आ गई हैं।

उनके मुताबिक एक सच्चे सिख से उठकर खड़े होने की उम्मीद की जाती है ताकि वह उन लोगों की रक्षा कर सके, जो खुद अपनी रक्षा नहीं कर सकते। उन्‍होंने बताया कि वह सैन्य मूल्यों में इससे काफी समानता देखता हूं।

रिपोर्ट में कहा गया कि यह रियायत अस्थायी है और एक माह तक चलनी है। सेना को ही यह तय करना है कि सिंह के अपवाद को स्थायी दर्जा दिया जाना चाहिए या नहीं।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
In an exception US army finally allows Sikh soldier to keep beard. Now Sikh Soldier can grow his beard and can also wear turban.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more